CJP Protest Delhi: क्या जंतर-मंतर पहुंचेंगे सोनम वांगचुक? सीजेपी के प्रदर्शन में शामिल होने का किया था ऐलान
Cockroach Janta Party Delhi Protest: नीट (NEET) पेपर लीक और सीबीएसई (CBSE) परीक्षा परिणामों में धांधली को लेकर 6 जून 2026 को देश की राजधानी दिल्ली में होने जा रहा 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) का आंदोलन अब एक बड़े राष्ट्रीय घटनाक्रम में बदल गया है।
लद्दाख के प्रसिद्ध शिक्षा सुधारक, पर्यावरणविद् और रमन मैगसेसे पुरस्कार विजेता सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) भी इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे हैं।

वांगचुक ने पहले ही केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय को 5 जून तक का अल्टीमेटम दिया था। उन्होंने साफ कहा था कि अगर 5 जून 2026 तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपना इस्तीफा नहीं देते हैं, तो वह 6 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर युवाओं के साथ सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होंगे। सरकार की ओर से कोई कदम न उठाए जाने के बाद अब वांगचुक इस आंदोलन का हिस्सा बनने के लिए दिल्ली पहुंच रहे हैं।
'अगर हम नहीं तो कौन? अगर अभी नहीं तो कब?' - वांगचुक
59 वर्षीय एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर अपनी रणनीति और गुस्से को जाहिर करते हुए एक बेहद तीखा पोस्ट साझा किया था। उन्होंने लिखा-अगर हम नहीं, तो कौन? अगर अभी नहीं, तो कब? अगर 5 जून तक परिस्थितियों में कोई सुधार नहीं होता है, तो मैं 6 जून को दिल्ली में CJP के सदस्यों के साथ शामिल होने जा रहा हूं। जब चीजें इस हद तक बिगड़ जाएं, तो किसी भी आत्मसम्मान वाले मंत्री को तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए यह सिर्फ एक पद की बात नहीं है, बल्कि देश के करोड़ों युवाओं के जीवन और भारत के भविष्य का सवाल है।
सोनम वांगचुक का यह समर्थन ऐसे समय पर आया है जब पिछले साल सितंबर के दौरान लद्दाख की स्वायत्तता और विशेष दर्जे की मांग को लेकर हुए प्रदर्शनों के सिलसिले में उन्हें लगभग छह महीने तक हिरासत में रखा गया था। हिरासत से बाहर आने के बाद देश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर यह उनका पहला बड़ा कदम है।
मजाक से शुरू हुए आंदोलन को मिला वांगचुक का साथ
शुरुआत में 'कॉकरोच जनता पार्टी' सोशल मीडिया पर बेरोजगारी और प्रशासनिक रवैये के खिलाफ युवाओं द्वारा शुरू किया गया एक व्यंग्यात्मक (Satire) कैंपेन था। लेकिन इसके संस्थापक अभिजीत दीपके (Abhijeet Dipke) की मेहनत और देश के लाखों छात्रों के जुड़ाव ने इसे बेहद कम समय में एक बड़े जमीनी आंदोलन में तब्दील कर दिया।
सोनम वांगचुक ने इस आंदोलन से जुड़ने से पहले अपनी चिंताओं को भी साफ किया था। उन्होंने एक वीडियो संदेश में कहा-"शुरुआत में मुझे लगा था कि कहीं यह कॉकरोच मूवमेंट किसी विदेशी ताकत की साजिश तो नहीं है। लेकिन जब मैंने इसके संस्थापक अभिजीत दीपके से बात की और उनकी पार्टी के डेटा व फॉलोअर्स की जांच की, तो मुझे समझ आया कि ये युवा देश के सच्चे देशभक्त हैं और देश को सुधारने के लिए अपनी आहुति (Sacrifice) दे रहे हैं।"
वांगचुक ने मजाकिया अंदाज में खुद को इस आंदोलन का 'मानद कॉकरोच' (Honorary Cockroach) घोषित करते हुए कहा कि हालांकि वह न तो बेरोजगार हैं और न ही आलसी, फिर भी वे इस लड़ाई में पूरी तरह देश के युवाओं के साथ खड़े हैं।
युवाओं और शिक्षा व्यवस्था को लेकर जताई चिंता
सोनम वांगचुक लंबे समय से शिक्षा सुधार, पर्यावरण संरक्षण और लद्दाख के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर मुखर रहे हैं। उन्होंने अपने बयान में कहा था कि शिक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की अनियमितता का सीधा असर लाखों युवाओं के जीवन पर पड़ता है। उनका मानना है कि परीक्षा प्रणाली और शिक्षा संस्थानों की विश्वसनीयता देश के भविष्य से जुड़ा विषय है, इसलिए इस तरह के मामलों में जवाबदेही तय होना जरूरी है।
6 जून के प्रदर्शन पर बढ़ी नजरें
कॉकरोच जनता पार्टी और उसके संस्थापक अभिजीत दीपके पहले ही 6 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान कर चुके हैं। पार्टी का दावा है कि बड़ी संख्या में समर्थक इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे। सोशल मीडिया पर चर्चा और समर्थन के चलते इस आयोजन पर लोगों की नजर बनी हुई है। ऐसे में यदि सोनम वांगचुक प्रदर्शन में शामिल होते हैं तो यह आंदोलन को और अधिक चर्चा में ला सकता है। हालांकि, प्रदर्शन में उनकी भागीदारी को लेकर अंतिम स्थिति 6 जून को ही स्पष्ट हो पाएगी।














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