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Yogi Government 2.0: कौन हैं राज्यपाल का पद छोड़ने वाली बेबी रानी मौर्य? योगी सरकार में बनीं कैबिनेट मंत्री

लखनऊ, 25 मार्च। योगी सरकार 2.0 में बेबी रानी मौर्य को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। उत्तराखंड के राज्यपाल की कुर्सी त्यागने वाली बेबी रानी मौर्य (Baby rani Maurya) ने एक साधारण भाजपा कार्यकर्ता के रूप में राजनीति में अपने कदम बढ़ाए थे। बीजेपी (BJP) कार्यकर्ता के बाद जब उन्हें मेयर बनाया गया तो उनके सपनों को पंख लगे। आज उसी महिला बीजेपी कार्यकर्ता को उत्तर प्रदेश में योगी सरकार (Yogi Government 2.0) में कैबिनेट मंत्री के पद से नवाजा गया है। आइए एक नजर डालते हैं कि बेबी मौर्या के राजनीतिक कैरियर पर, जो अब सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में कैबिनेट मंत्री की भूमिका निभाएंगी।

Baby Rani Maurya

लखनऊ के अटल बिहारी वाजपेयी इकाना स्टेडियम में योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में दूसरी बार शपथ (Oath ceremony) ली। इसके साथ ही योगी सरकार का दूसरे कार्यकाल (Yogi Government 2.0) की शुरुआत हो गई। सीएम योगी के साथ उनके उनके मंत्रियों ने भी शपथ ली। भाजपा ने अपनी कैबिनेट गठन में लोकसभा चुनाव 2024 का पूरा ध्यान रखा है। योगी कैबिनेट में इस बात को ध्यान में रखते हुए कई नए चेहरों को जगह दी गई है।

इस बार योगी सरकार में उत्तराखंड की पूर्व राज्यपाल बेबी रानी मौर्य को भी जगह दी गई। हालांकि पहले उन्हें भी डिप्टी सीएम बनाए जाने को लेकर चर्चा थी। बेबी रानी मौर्या इकलौती महिला विधायक हैं, जिन्हें योगी सरकार ने कैबिनेट मंत्री बनाया है। योगी सरकार 2.0 (Yogi Government 2.0) का शपथ ग्रहण समारोह (Oath ceremony) के साथ मंत्रिमंडल का भी ऐलान कर दिया गया। भाजपा संगठन ने योगी आदित्यनाथ को एक फिर से मुख्यमंत्री की कमान सौंपी। तो वहीं, केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक को उपमुख्यमंत्री बनाया गया।

आगरा ग्रामीण सीट से भाजपा (BJP) की सीट पर विजयश्री हासिल कर लखनऊ पहुंची उत्तराखंड की पूर्व राज्यपाल बेबी रानी मौर्य (Baby Rani maurya) को कैबिनेट मंत्री बनाया गया। यूपी विधानसभा चुनाव 2022 में बेबी रानी मौर्य ने आगरा ग्रामीण सीट से बड़ी जीत दर्ज की थी। वे मेयर से लेकर उत्तराखंड की राज्यपाल (Governor) तक की भूमिका निभा चुकी है। योगी सरकार 2.0 में बेबी रानी मौर्य के अलावा 4 और महिला विधायकों को कैबिनेट में शामिल किय गया है। गुलाब देवी राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार, प्रतिभा शुक्ला, रजनी तिवारी और विजय लक्ष्मी गौतम राज्यमंत्री पद दिया गया है।

इन पांच महिला मंत्रियों के अलावा, सूर्यप्रताप शाही, सुरेश कुमार खन्ना, स्वतंत्र देव सिंह,लक्ष्मी नारायण चौधरी, जय वीर सिंह, धर्मपाल सिंह, नंदगोपाल गुप्ता नंदी, भूपेंद्र सिंह चौधरी, अनिल राजभर, जितिन प्रसाद, राकेश सचान, अरविंद कुमार शर्मा, योगेंद्र उपाध्याय, आशीष पटेल और संजय निषाद, मयंकेश्वर सिंह, दिनेश खटीक, संजीव गोंड, बल्देव सिंह ओलख, अजीत पाल, जसवंत सैनी, रामकेश निषाद, मनोहर लाल मन्नू कोरी, संजय गंगवार, बृजेश सिंह, केपी मलिक सुरेश राही, सोमेंद्र तोमर, अनूप प्रधान,राकेश राठौर गुरु, ,सतीश शर्मा, दानिश आजाद अंसारी को कैबिनेट (Yogi Cabinet Minister) में शामिल किया गया है। वहीं राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार के तौर पर नितिन अग्रवाल, कपिल देव अग्रवाल, रवींद्र जयसवाल, संदीप सिंह, गिरीश चंद्र यादव, धर्मवीर प्रजापति, असीम अरुण, जेपीएस राठौर, दयाशंकर सिंह, नरेंद्र कश्यप, दिनेश प्रताप सिंह, अरुण कुमार सक्सेना और दयाशंकर मिश्रा दयालु को भी योगी कैबिनेट में जगह दी गई है।

बेबी रानी मौर्य का राजनीतिक जीवन
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 ( UP Assembly Elections 2022) में आगरा ग्रामीण से बेबी रानी मौर्य (Baby rani Maurya) ने दमदार जीत दर्ज की। पहले भारतीय जनता पार्टी के एक सक्रिय कार्यकर्ता के रुप में उनकी छवि थी, जिसे बाद में संगठन के पंख लगाए। पार्टी के प्रति निष्ठा और लोकप्रियता के बल बूते बेबी रानी अब योगी सरकार के कैबिनेट में जगह बनाने में कामयाब हो गई हैं। वर्ष 1990 में उन्होंने अपनी राजनीतिक पारी शुरू की थी। 1995 में उन्होंने आगरी पहली महिला मेयर बनने का गौरव हासिल किया। 1997 में उन्हें उत्तर प्रदेश रत्न पुरस्कार से नवाजा गया। वर्ष 1998 में बेबी रानी मौर्य को नारी रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 2001 में वे राज्य समाज कल्याण बोर्ड की सदस्य बनीं। 2002 में उन्हें राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य नियुक्त किया गया।

2007 में पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ा
उत्तर प्रदेश की कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य ने पहली बार वर्ष 2007 में विधानसभा चुनाव लड़ा था। आगरा की एत्मादपुर सीट पर चुनावी मैदान में थी लेकिन वे जीत दर्ज करने में कामयाब नहीं हुईं। जिसके बाद भाजपा संगठन ने उन्हें साल 2013 में अहम पद दिया। वर्ष 2013 से 2015 तक वे भाजपा प्रदेश मंत्री रहीं।

8 दिसंबर 2021 को राज्यपाल के पद से दिया इस्तीफा
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बेबी रानी मौर्य को त्तराखंड का राज्यपाल नियुक्त किया। लेकिन उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव में एक बार फिर उतरने का मन बनाया तो उन्होंने 8 दिसंबर 2021 को राज्यपाल के पद से इस्तीफा दे दिया। बेबी रानी मौर्य को मानो यह पता हो गया था आगरा ग्रामीण की जनता उन्हें अपनी सेवा के लिए फिर बुला रही है। उन्होंने अपनी सीट पर बीजेपी को दमदार जीत दिलाई और जब वे लखनऊ पहुंची तो योगी सरकार में उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया गया।

बेबी रानी मौर्या की संपत्ति
कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य के पास 21.06 लाख रुपए बैंकों में चल संपत्ति के रुप में हैं। 2.95 लाख रुपए के शेयर, 3 लाख रुपए की LIC समेत अन्य पॉलिसी हैं। 5.50 लाख रुपए की ज्वेलरी है। इसके अतिरिक्त 10 लाख रुपए की आय उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में दिए अपने हलफनामे में अन्य साधनों से दिखाई है।

व्यक्तिगत जीवन
बेबीरानी मौर्या एक मिडिल क्लास से संबंध रखती हैं। बेबी रानी मौर्य के पति का नाम प्रदीप कुमार है। वे पीएनबी में निदेशक और वरिष्ठ प्रबंधक पद से रिटायर हैं। उनके ससुर आईपीएस अफसर रह चुके हैं। उनका बेटा अभिनव मौर्य अमेरिका में रहता है। वह इंजीनियर है। बेटी भी अमेरिका शिफ्ट हो चुकी है। कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य का जन्म उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में 15 अगस्त 1956 को हुआ था। आगरा में ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने आगरा से ही बीएड और एमए किया।

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