RSS का शताब्दी समारोह बना राजनीतिक मुद्दा, पिनरायी विजयन ने डाक टिकट-सिक्के पर जताई आपत्ति, पीएम को भी घेरा
Pinarayi Vijayan: RSS के 100 साल पूरे होने के मौके पर पूरा देश इसे लेकर चर्चा में है, लेकिन केरल के मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन ने इसे एक बार फिर राजनीति का मुद्दा बना दिया। उन्होंने कन्नूर में आयोजित जनसभा में RSS की विचारधारा पर सवाल उठाए। साथ ही साथ उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी और उनके अमेरिका के प्रति रुख पर भी तीखा हमला किया। विजयन ने RSS को इजरायल के सियोनिस्ट से जोड़कर तुलना की और इसे भारतीय लोकतंत्र और संविधान के लिए खतरे की तरह बताया।
उनके बयान राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर रहे हैं। RSS के शताब्दी समारोह पर जारी विशेष डाक टिकट और 100 रुपये का सिक्का भी विवाद का हिस्सा बन गया है। उन्होंने बुधवार को कन्नूर में आयोजित जनसभा में कहा, "इजरायल के सियोनिस्ट और भारत में RSS जुड़वा भाई हैं।"

H-1B वीजा बढ़ोतरी पर मोदी की चुप्पी पर सवाल
विजयन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा H-1B वीजा शुल्क बढ़ाए जाने पर भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के विनम्र सेवक हैं। ट्रम्प प्रशासन ने भारतीय नागरिकों को हाथकड़ी में डाला, वीजा शुल्क बढ़ाया, लेकिन मोदी ने एक शब्द तक नहीं कहा। अगर यह एक आत्मसम्मान वाला राष्ट्र होता तो खून बहता। लेकिन हमने ऐसे शासक देखे हैं जो विनम्र सेवक बन जाते हैं।"
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भारतीय वस्तुओं पर अमेरिकी टैरिफ पर मोदी ने नहीं दिया जवाब
केरल CM ने यह भी आरोप लगाया कि जब अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ बढ़ाया, तब भी प्रधानमंत्री मोदी ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। विजयन ने इसे देश की विदेश नीति की कमजोरी बताया और कहा कि भारत को अपने नागरिकों और व्यापारिक हितों की रक्षा के लिए मजबूत रुख अपनाना चाहिए।
RSS की शताब्दी पर जारी डाक टिकट और सिक्के पर आपत्ति
विजयन ने प्रधानमंत्री मोदी पर RSS की शताब्दी के मौके पर विशेष डाक टिकट और 100 रुपये का सिक्का जारी करने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने इसे संविधान के खिलाफ बताया। अपने X पोस्ट में उन्होंने लिखा, "RSS शताब्दी पर डाक टिकट और 100 रुपये का सिक्का जारी करना हमारे संविधान का गंभीर अपमान है। यह उस संगठन को मान्यता देता है जिसने स्वतंत्रता संग्राम में हिस्सा नहीं लिया और विभाजनकारी विचारधारा को बढ़ावा दिया। यह हमारे सच्चे स्वतंत्रता सेनानियों और उनके द्वारा बनाई गई धर्मनिरपेक्ष भारत की याद पर सीधा हमला है।"
CPI(M)-RSS के बीच लंबे समय से मतभेद
विजयन के बयान ऐसे समय में आए हैं जब सीपीआई(M) और RSS के बीच राजनीतिक और वैचारिक मतभेद लगातार चर्चा में हैं। केरल में बीते सालों में कई मौकों पर RSS और वामपंथी दलों के बीच टकराव देखने को मिला है। पिनरायी विजयन ने इसे भारतीय लोकतंत्र की सुरक्षा और संविधान के मूल्यों के पक्ष में एक चेतावनी भी बताया।
RSS का शताब्दी उत्सव
RSS अपनी शताब्दी समारोह के लिए 2 अक्टूबर, विजयादशमी के दिन नागपुर में आयोजन कर रहा है। 1925 में केशव बलिराम हेडगेवार द्वारा नागपुर में स्थापित यह संगठन नागरिकों में सांस्कृतिक जागरूकता, अनुशासन, सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी बढ़ाने के उद्देश्य से काम करता है। शताब्दी समारोह में संगठन की ऐतिहासिक उपलब्धियों, सामाजिक योगदान और राष्ट्रीय एकता के संदेश के बारे में बताया जाएगा।
RSS की शताब्दी और उस पर जारी स्टाम्प-सिक्का विवाद ने देश में राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। पिनरायी विजयन की टिप्पणियां प्रधानमंत्री मोदी और RSS के बीच संबंधों पर सवाल उठाती हैं। वहीं RSS अपने 100 साल पूरे करने पर देशव्यापी उत्सव और सामाजिक कार्यों को उजागर करने में जुटा है।
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