Kashmir Terrorist Attack: पाकिस्तानी सेना प्रमुख ने कराया पहलगाम आतंकी हमला, पूर्व पाक सैन्य अधिकारी का दावा
Kashmir Terrorist Attack: पहलगाम हमले का आरोप पाकिस्तान के ऊपर लग रहा है। इसी बीच पाकिस्तान के एक पूर्व सेन्य अधिकारी ने इसकी पुष्टि भी कर दी है। पाकिस्तानी सेना के पूर्व अधिकारी रहे अदिल रज़ा ने एक बड़ा और चौंकाने वाला दावा किया है।
उन्होंने कहा है कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुआ घातक आतंकी हमला, जिसमें 26 लोगों की जान गई, पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर(Asim Munir) के आदेश पर किया गया था।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान पहले ही अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर पर तीखी आलोचना झेल रहा है। इस हमले में आतंकियों ने कथित रूप से पर्यटकों से उनका धर्म पूछकर उन्हें निशाना बनाया। जिसमें 26 लोगों की मौत हो चुकी है।

अदिल रज़ा ने क्या कहा?
पाकिस्तानी सेना के पूर्व अधिकारी रहे अदिल रज़ा (former Pak military officer Adil Raja) ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए ये सनसनीखेज दावा किया है। उन्होंने X पर लिखा कि, 'पहलगाम आतंकी हमला एक व्यक्तिगत कृत्य था, जिसे फासीवादी असीम मुनीर और उनके सैन्य सहयोगियों ने अपने व्यक्तिगत हितों की पूर्ति के लिए अंजाम दिया। इसलिए, सैन्य द्वारा कब्ज़े वाले पाकिस्तान को एक अकेले बागी तत्व के कृत्य के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।'
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'पाकिस्तानी जनता भारत के खिलाफ भड़काने के लिए हमला'
अदिल रज़ा ने एक अन्य पोस्ट में कहा कि, असीम मुनीर जानते हैं कि भारत परमाणु रणनीतिक प्रतिकार के कारण पाकिस्तान पर पूर्ण युद्ध नहीं करेगा, लेकिन सीमित जवाबी कार्रवाई कर सकता है। आतंकी हमला एक सोचा समझा कदम लगता है, जिसका उद्देश्य पाकिस्तानी जनता को भारत विरोधी- और कश्मीर समर्थक एजेंडे के इर्द-गिर्द एकजुट किया जा सके।
यह आतंकवाद को मंजूरी देने के पीछे की वजह, एक 'मानसिक रूप से बीमार' सेना प्रमुख की इच्छाओं से प्रेरित प्रतीत होती है, जो वर्तमान में राजनीतिक असहमति, सैन्य तानाशाही और इमरान खान को दिए गए जनादेश की चोरी को लेकर गुस्से में हैं।
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पुलवामा हमला भी असीम मुनीर ने ही कराया था
उन्होंने आगे कहा कि, यह वही व्यक्ति है, जो पुलवामा हमले के समय पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI का डायरेक्टर जनरल (DG) था और अब पहलगाम हमले के दौरान पाकिस्तानी सेना का प्रमुख है। विश्वसनीय पाकिस्तानी खुफिया स्रोतों के अनुसार, इन दोनों हमलों को उसके आदेश पर अंजाम दिया गया था, और बाद में इन हमलों को भारतीय फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन के रूप में प्रस्तुत किया गया।
यदि आसिम मुनीर के व्यक्तिगत राजनीतिक हित इन कृत्यों के पीछे नहीं होते, तो पाकिस्तानी जनता अभी भी उनके साथ खड़ी होती। लेकिन क्या यह स्वीकार्य है कि आसिम दज्जल मुनीर के व्यक्तिगत राजनीतिक हितों को पूरा करने के लिए पाकिस्तान की जनता को जो कष्ट भुगतना पड़ेगा, वह उचित है?












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