Kashmir Terrorist Attack: पाकिस्तानी मीडिया की घिनौनी चाल, भारत पर ही मढ़ा इल्ज़ाम, जानिए क्या-क्या लिखा?
Kashmir Terrorist Attack: कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को हुए आतंकी हमले में 28 लोगों की मौत हो गई है। जबकि कई लोग अभी भी घायल हैं। जिनका इलाज चल रहा है। मरने वाले में अधिकतर पर्यटक शामिल हैं। इस घटना के बाद से दुनिया भर के देशों में गुस्से का माहौल है। वहीं पाकिस्तान ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया दी है।

पाकिस्तान ने झाड़ा पल्ला, भारत पर ही मढ़ा इल्ज़ाम
वहीं इस घटना पर बयान देते हुए पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने कहा है कि, हमारा इस हमले के पीछे कोई हाथ नहीं हैं। एक टीवी चैनल से बात करते हुए उन्होंने कहा कि, इस हमले के पीछे भारत के लोगों का ही हाथ है। वहीं उन्होंने भारत सरकार पर आरोप लगाते हुए अल्पसंख्यकों को परेशान करने का आरोप लगाया है।
पाकिस्तानी मीडिया ने चलाया प्रोपेगेंडा
वहीं इस घटना को पाकिस्तानी मीडिया ने भी प्रमुखता से स्थान दी है। पाकिस्तानी मीडिया ने इस खबर के साथ ही अपने प्रोपेगेंडा को भी हवा देने का प्रयास किया है।
GEO न्यूज ने क्या लिखा?
पाकिस्तान के प्रमुख न्यूज चैनल GEO न्यूज ने अपना प्रोपेगेंडा चलाते हुए लिखा है कि, 'कश्मीर रेजिस्टेंस" नामक एक कम चर्चित समूह ने सोशल मीडिया पर इस हमले की जिम्मेदारी ली। उन्होंने यह असंतोष व्यक्त किया कि क्षेत्र में 85,000 से अधिक बाहरी लोगों को बसाया गया है, जिससे जनसांख्यिकीय बदलाव हो रहा है।
वहीं GEO न्यूज ने भारतीय मीडिया पर इस घटना के बाद पाकिस्तान पर हमले की आशंका जाहिर की है। इस को लेकर भी GEO न्यूज़ लगातार खबरें चला रही है।
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SAMMA टीवी ने भी प्रोपेगेंडा को दी हवा
वहीं पाकिस्तान की एक और प्रमुख न्यूज चैनल SAMMA ने इस घटना को प्रमुखता से जगह दी है। इस खबर से जुड़ी हर अपडेट दी है। साथ ही इस चैनल ने भी प्रोपेगेंडा को हवा देते हुए लिखा कि, 'जबकि भारतीय मीडिया संस्थानों ने तुरंत पाकिस्तान पर उंगली उठाई, अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने बिना पूरी जांच के इस त्रासदी का राजनीतिकरण करने से सावधानी बरतने की सलाह दी है।'
'विश्लेषकों ने यह भी नोट किया है कि भारतीय बयान अक्सर स्थानीय परिस्थितियों की अनदेखी करते हैं, जिसमें राजनीतिक उपेक्षा और कब्जे वाले क्षेत्र में मानवाधिकार उल्लंघनों के कारण उत्पन्न असंतोष शामिल है।'
'यह हमला उस समय हुआ है जब घाटी में बढ़ती अस्थिरता को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। आलोचकों का आरोप है कि भारतीय सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा की भाषा का उपयोग असहमति की आवाज़ों को दबाने और घरेलू समस्याओं से ध्यान भटकाने के लिए कर रही है।'
DAWN.COM ने क्या कहा?
DAWN.COM ने इस खबर के साथ भारतीय मीडिया पर सवाल उठाया है। DAWN.COM ने लिखा है कि, 'हमले के बाद, कई भारतीय मीडिया आउटलेट्स और सोशल मीडिया अकाउंट्स ने इस हमले को पाकिस्तान से जोड़ने की कोशिश की, बिना इसके समर्थन में कोई प्रमाण प्रस्तुत किए।'
'जबकि भारतीय टीवी चैनलों पर विशेषज्ञों ने पाकिस्तान के खिलाफ अपनी परंपरागत बयानबाजी तेज कर दी, हमले के तुरंत बाद इस्लामाबाद की ओर कोई आधिकारिक उंगली नहीं उठाई गई।'
ARY न्यूज ने क्या कहा ?
ARY न्यूज ने भी अपना प्रोपेगेंडा को हवा देते हुए भारतीय मीडिया और RAW पर गंभीर आरोप लगा दिए हैं।ARY न्यूज ने लिखा कि, 'हमले के बाद, भारतीय मीडिया और सोशल मीडिया अकाउंट्स जो इंटेलिजेंस एजेंसी RAW से जुड़े थे, ने पाकिस्तान को बिना किसी प्रमाण के आरोपित करना शुरू कर दिया।'
'पिछले उदाहरणों की तरह, भारतीय मीडिया ने बिना किसी आधार के प्रचार फैलाना जारी रखा, जिससे आधिकारिक कथा की विश्वसनीयता पर और सवाल उठने लगे।'












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