'INDIA या NDA...' किसके साथ जाएंगे जयंत चौधरी? RLD ने कर दिए ये दो बड़े इशारे
Jayant Chaudhary news: लोकसभा चुनाव में 'मोदी का विजय रथ' रोकने के लिए बने विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' में सियासी मुकाबले से पहले ही भगदड़ मचती हुई नजर आ रही है।
पहले पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी ने अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान किया, इसके बाद बिहार में नीतीश कुमार अलग हुए और अब आरएलडी प्रमुख जयंत चौधरी भी एनडीए की तरफ खिंचते हुए दिख रहे हैं।

दरअसल, सूत्रों के हवाले से खबर है कि भाजपा ने जयंत चौधरी को उनकी पसंद की चार लोकसभा सीटों, एक राज्यसभा सीट, इसके अलावा केंद्र और यूपी सरकार में एक-एक मंत्री पद का ऑफर दिया है। इसके बाद से ही सियासी गलियारों में चर्चा है कि राष्ट्रीय लोक दल अब इंडिया ब्लॉक से अलग होकर एनडीए के साथ जा सकता है।
RLD ने ट्वीट में क्या लिखा?
इस बीच आरएलडी की तरफ से दो ऐसे रिएक्शन आए हैं, जिन्होंने इस सियासी सुगुबुगाहट को और ज्यादा तेज कर दिया है। सबसे पहले बुधवार शाम को आरएलडी के ऑफिशियल एक्स (ट्विटर) हैंडल से एक ट्वीट किया गया। इस ट्वीट में लिखा था, 'हमारे किसान भोले जरूर हैं पर मूर्ख नहीं हैं, वे बहुत समझदार हैं और सशक्त हैं।'
'BJP का ऑफर मिला, लेकिन हमारी तैयारी कुछ और...'
इसके बाद दूसरा रिएक्शन आया आरएलडी के राष्ट्रीय प्रवक्ता की तरफ से। आरएलडी प्रवक्ता पवन आगरी ने एनडीए में जाने की खबरों पर कहा, 'चुनाव एकदम सामने है और कई पार्टियां हमारे साथ गठबंधन करना चाहती हैं। भाजपा ने हमारे सामने लोकसभा की चार सीटों की पेशकश की है लेकिन हमारी तैयारी 12 सीटों पर हैं। हालांकि गठबंधन पर अंतिम फैसला शीर्ष नेतृत्व की तरफ से ही लिया जाएगा। जनता और किसानों के हित के मामले में जो पार्टी हमारी मांगों पर सहमत होगी, हम उसके साथ जाएंगे।'

क्या आरएलडी ने ट्वीट में अखिलेश को दिया जवाब?
अब इन दोनों रिएक्शन को समझने की कोशिश करते हैं कि इनके क्या मायने हैं और सबसे पहले बात आरएलडी के ट्वीट की करते हैं। दरअसल बुधवार को सपा प्रमुख अखिलेश यादव और पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जयंत चौधरी काफी पढ़े-लिखे और सुलझे हुए इंसान हैं और वो भाजपा के साथ जाकर किसानों की लड़ाई को कमजोर नहीं होने देंगे। ऐसे में माना जा रहा है कि आरएलडी का ये ट्वीट कहीं ना कहीं अखिलेश यादव के बयान को लेकर था।
कहीं ये सब प्रेशर पॉलिटिक्स तो नहीं?
इसके बाद आरएलडी प्रवक्ता ने जिस तरह से बयान देते हुए कहा कि उनके सामने भाजपा ने चार सीटों का ऑफर रखा है, लेकिन उनकी तैयारी 12 सीटों पर है, उससे ये भी माना जा रहा है कि जयंत चौधरी प्रेशर पॉलिटिक्स के जरिए अपने लिए सीटों की संख्या बढ़वाना चाहते हैं। आपको बता दें कि सपा ने आरएलडी के सामने 7 सीटों की पेशकश की है, लेकिन साथ ही शर्त भी रखी है कि इनमें से तीन सीटों पर समाजवादी पार्टी के नेता आरएलडी के निशान पर लड़ेंगे। वहीं, भाजपा की तरफ से भी उनकी पसंद की चार सीटों का ही ऑफर है। ऐसे में अभी की स्थिति में दोनों तरफ से जो प्रस्ताव है, वो लगभग बराबर है।












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