अब कालाधन होगा कालासपना लायेगा 10 साल की कालीरात
नई दिल्ली। देश में काले धन पर लगाम लगाने के लिए एक नया विधेयक वर्तमान सत्र में लाने की घोषणा वित्तलमंत्री अरुण जेटली ने लोकसभा में आज आम बजट 2015-16 पेश करते हुए की। वित्त मंत्री ने कहा कि यह कानून उनके कर प्रस्तावों का पहला और प्रमुख आधार बनेगा।
इस विधेयक में आय एवं सम्पेति छुपाने तथा विदेशी सम्परति के संबंध में कर-वंचना के लिए 10 वर्ष की कड़ी सजा का प्रावधान किया जाएगा। इन अपराधों को संगीन अपराध माना जाएगा और ऐसे अपराधों के लिए आय और सम्पइति की मौजूदा दर से 300 प्रतिशत जुर्माना लगाया जाएगा।
नये विधेयक में आयकर विवरणी दाखिल न करने और अधूरी जानकारी के दाखिल करने पर 7 वर्ष की कड़ी सजा का प्रावधान होगा। बैंकों, वित्तीरय संस्थाखनों और व्य7क्तियों के मामले में इस विधेयक के आधार पर कार्रवाई की जा सकेगी।
वित्त मंत्री ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम 1999 (फेमा) तथा धन-शोधन कानून-2002 में बदलाव किए जाने का भी प्रस्ता व किया है। जेटली ने भाषण में अवैध रुप से विदेशों में जमा किए गए काले धन की तलाश जारी रखने और ऐसे धन की वापस लाने की सरकार की प्रतिबद्धता भी दोहरायी। उन्हों ने कहा कि सरकार ने पिछले 9 माह में इस समस्या के समाधान के लिए कई उपाय किए हैं।
जेटली ने कहा कि ‘मेक इन इंडिया' और घरेलू विनिर्माण से देश में विकास होगा और निवेश में तेजी आएगी, इससे रोजगार पैदा होंगे। इससे मध्यधम श्रेणी के करदाताओं को फायदा होगा और देश में ‘न्यूशनतम सरकार अधिकतम शासन' से पैदा हुए माहौल से व्यीवसाय करने में सुविधा होगी।
वित्तम मंत्री ने काले धन पर लगाम लगाने के लिए बेनामी लेन-देन रोकथाम के लिए भी एक नया कानून इसी सत्र में लाने की भी घोषणा की। नए कानून के तहत एक लाख से अधिक की किसी भी खरीद और बिक्री के लिए पैन नम्बेर देना अनिवार्य कर दिया जाएगा और 20 हजार से अधिक का लेन-देन नकद किए जाने पर रोक लगा दी जाएगी।













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