Jagan Mohan Reddy House: 'शीशमहल' तो आंध्रप्रदेश के पूर्व CM जगनमोहन रेड्डी ने बनवाया, देखें घर का Viral Video
Jagan Mohan Reddy House: आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी का आलीशान महल की तस्वीरें व वीडियो वायरल हो रहे हैं। समंदर किनारे बने इस घर को जगन मोहन रेड्डी का 'शीशमहल' कहा जा रहा है। दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का शीशमहल तो प्रमुख चुनावी मुद्दा बना था।
आंध्र प्रदेश के पूर्व सीएम जगन मोहन रेड्डी का 'शीशमहल' विशाखापत्तनम के रुषिकोंडा हिल पर स्थित है। इसकी कीमत 500 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। इस महल में चार विशाल ब्लॉक हैं, जो लगभग 10 एकड़ में फैले हुए हैं। इसके अंदर की सजावट में सोने के आभूषण, इटालियन संगमरमर की फ्लोरिंग, महंगी फर्नीचर, चमचमाती झूमर और शानदार बाथटब शामिल हैं।

Jagan Mohan Reddy Sheesh mahal: जगन मोहन रेड्डी का आलीशान शीशमहल कैसा है?
जगन मोहन रेड्डी के शीशमहल के निर्माण में शानदार बुनियादी ढांचे का निर्माण किया गया है, जिसमें पक्की सड़कें, ड्रेनेज नेटवर्क, पानी की आपूर्ति और 100 किलोवाट का पावर सबस्टेशन शामिल हैं। इसे पहले एक लक्ज़री होटल, फिर मुख्यमंत्री का कैंप ऑफिस और बाद में पर्यटन परियोजना के रूप में प्रस्तुत किया गया था। हालांकि, इसके निर्माण में पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन का आरोप भी लगा है। आलोचकों का कहना है कि रुषिकोंडा हिल के लगभग आधे हिस्से को महल बनाने के लिए नष्ट कर दिया गया है, जो पर्यावरणीय दृष्टिकोण से चिंताजनक है।
कानूनी दिशा-निर्देशों की अनदेखी का आरोप
केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने मई 2021 में इस परियोजना को पर्यटन विकास के रूप में मंजूरी दी थी, लेकिन विपक्षी दलों का आरोप है कि यह महल व्यक्तिगत उपयोग के लिए बनाया गया था, जिससे कानूनी दिशा-निर्देशों की अनदेखी की गई। इसके अलावा, टीडीपी सरकार ने इस महल के पुनः उपयोग के विकल्प तलाशने की योजना बनाई है। मुख्यमंत्री नंदमुरी चंद्रबाबू नायडू की सरकार ने आरोप लगाया है कि इस महल के निर्माण में सार्वजनिक धन का गलत इस्तेमाल हुआ है, और कुछ अनुमानों के अनुसार यह खर्च 600 करोड़ रुपये से भी अधिक हो सकता है।
पूर्व YSRCP मंत्री गुडीवाडा अमरनाथ ने किया बचाव
जगन मोहन रेड्डी के शीशमहल के विवादों के बीच पूर्व YSRCP मंत्री गुडीवाडा अमरनाथ ने इस परियोजना का बचाव किया है, जबकि सरकारी दावों के खिलाफ पूर्व केंद्रीय सचिव EAS शर्मा ने रुषिकोंडा की पारिस्थितिकी को पुनर्स्थापित करने के लिए इस महल को गिराने की मांग की है। इस समय, महल जनता के लिए बंद है और इसके भविष्य का उपयोग अब भी एक बड़ा सवाल बना हुआ है।












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