अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर बोले अमित शाह, योग भारतीय संस्कृति का मानवता के लिए बेशकीमती तोहफा
नई दिल्ली। आज पूरी दुनिया अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मना रही है। इस मौके पर अलग-अलग देशों से लोगों की योग करते हुए तस्वीरें सामने आ रही हैं। भारत में इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को संबोधित करते हुए उन्हें योग को अपनाने के लिए कहां। वहीं गृहमंत्री अमित शाह ने भी इस मौके पर कहा कि योग मस्तिष्क और शरीर, कर्म और विचार के बीच बेहतर समन्वय को बढ़ाने का जरिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के प्रयासों की वजह से योग को वैश्विक स्वीकृति मिली। योग भारतीय संस्कृति का पूरी मानवता के लिए अमूल्य तोहफा है।
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पीएम ने कहा कि आप प्राणायाम को रोजाना अपने अभ्यास में जरूर शामिल करिए, और अनुलोम-विलोम के साथ ही दूसरी प्राणायाम की तकनीक को भी सीखिए। स्वामी विवेकानंद कहते थे- "एक आदर्श व्यक्ति वो है जो नितांत निर्जन में भी क्रियाशील रहता है, और अत्यधिक गतिशीलता में भी सम्पूर्ण शांति का अनुभव करता है"। किसी भी व्यक्ति के लिए ये एक बहुत बड़ी क्षमता होती है। योग का अर्थ ही है- 'समत्वम् योग उच्यते' अर्थात, अनुकूलता-प्रतिकूलता, सफलता-विफलता, सुख-संकट, हर परिस्थिति में समान रहने, अडिग रहने का नाम ही योग है। गीता में भगवान कृष्ण ने योग की व्याख्या करते हुए कहा है- 'योगः कर्मसु कौशलम्', अर्थात कर्म की कुशलता ही योग है।
हमारे यहाँ कहा गया है, युक्त आहार विहारस्य, युक्त चेष्टस्य कर्मसु। युक्त स्वप्ना-व-बोधस्य, योगो भवति दु:खहा। अर्थात, सही खान-पान, सही ढंग से खेल-कूद, सोने-जागने की सही आदतें, और अपने काम, अपनी जिम्मेदारियों को सही ढंग से करना ही योग है। एक सजग नागरिक के रूप में हम परिवार और समाज के रूप में एकजुट होकर आगे बढ़ेंगे। हम प्रयास करेंगे कि Yoga at home and Yoga with family को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। हम ज़रूर सफल होंगे, हम ज़रूर विजयी होंगे।












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