IMF ने फिर से घटाया भारत की ग्रोथ रेट का अनुमान, वर्ल्ड बैंक ने पहले ही की थी भविष्यवाणी
नई दिल्ली, 19 अप्रैल। वर्ल्ड बैंक के बाद अब आईएमएफ ने भारत के जीडीपी ग्रोथ अनुमान भारी कटौती कर दी है। रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे संघर्ष का असर दुनिया के सभी देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। लगातार बढ़ती कच्चे तेल की कीमतों से मंहगाई बढ़ने के साथ जीडीपी ग्रोथ पर बुरा असर डाला है। इसके चलते अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने चालू वित्तीय वर्ष के लिए एक बार फिर से भारत के विकास दर के अनुमानों में फिर से कटौती की है।

इससे पहले वर्ल्ड बैंक ने भारत की आर्थिक विकास दर के पूर्वानुमान में कमी कर दी है। रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे संघर्ष के कार्य आयात निर्यात पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। वहीं मुद्रास्फीति में वृद्धि की आशंकाओं के चलते दक्षिण एशियाई देशों के विकास दर पर खतरा मंडरा रहा है।
चालू वित्त वर्ष में 8.2% विकास दर का अनुमान
आईएमएफ ने अपने ग्लोबल ग्रोथ आउटलुक में चालू वित्त वर्ष 2022-23 में भारत की विकास दर के अनुमान में कटौती करते हुए 8.2 फीसदी कर दी है। इससे पहले अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष चालू वित्तीय वर्ष में भारत में 9% विकास दर का अनुमान व्यक्त किया था। वहीं अगले वित्त वर्ष 2023-24 में भारत की अर्थव्यवस्था पहले के अनुमान 7.1 फीसदी की बजाय 6.9 फीसदी दर से विकास करने अनुमान व्यक्त किया गया है।












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