India Power Demand: भीषण गर्मी से उबल रहा देश! बिजली की खपत ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, आंकड़े देख रह जाएंगे दंग!
India Power Demand: भीषण गर्मी और रिकॉर्ड तोड़ Heatwave के थपेड़ों के बीच भारत इस समय एक अभूतपूर्व ऊर्जा संकट के मुहाने पर खड़ा है। देश इस समय भीषण गर्मी और खतरनाक हीटवेव की चपेट में है। उत्तर भारत से लेकर मध्य भारत तक तापमान लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है।
हालात ऐसे हैं कि भारत के कई शहर दुनिया के सबसे गर्म शहरों की सूची में शामिल हो गए हैं। आसमान से बरसती आग और बढ़ते तापमान के कारण देश में बिजली की खपत ने इतिहास के सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं।

मंगलवार, 19 मई 2026 को देश की पीक पावर डिमांड (Peak Power Demand) 260 गीगावाट (GW) के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई, जिसने देश के ऊर्जा क्षेत्र पर भारी दबाव बना दिया है।
India Peak Power Demand 260 GW 2026: राष्ट्रीय स्तर पर बिजली की मांग का महा-रिकॉर्ड
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार, 19 मई को दिन के समय देश की पीक पावर डिमांड 260 गीगावाट (GW) दर्ज की गई। इसने पिछले महीने यानी 25 अप्रैल 2026 को दर्ज किए गए 256.11 गीगावाट के सर्वकालिक उच्च स्तर के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। ऊर्जा मंत्रालय ने पहले ही अनुमान जताया था कि इस साल भीषण गर्मी के चलते गर्मियों में पीक पावर डिमांड 270 गीगावाट (GW) तक पहुंच सकती है।
मौजूदा रुख को देखकर लगता है कि यह अनुमान जल्द ही सच साबित होने वाला है। पिछले साल से तुलना करें तो जून 2025 में पीक पावर डिमांड 242.77 गीगावाट थी, जबकि मई 2024 में यह 250 गीगावाट के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची थी। इस साल मई में ही यह 260 गीगावाट पार कर चुकी है।
Delhi Electricity Demand SLDC: दिल्ली-NCR में दो साल का सबसे गर्म दिन; बिजली मांग 7,776 MW पार
देश की राजधानी दिल्ली और उससे सटे एनसीआर (NCR) के इलाकों में पिछले दो सालों का सबसे गर्म दिन दर्ज किया गया। दिल्ली के रिज (Ridge) क्षेत्र में अधिकतम तापमान 46.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राजधानी का सबसे गर्म इलाका रहा। वहीं सफदरजंग और पालम मौसम केंद्रों पर पारा 45.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
दिल्ली में बिजली का नया रिकॉर्ड: स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर (SLDC) के आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार दोपहर 3:30 बजे दिल्ली की बिजली मांग 7,776 मेगावाट (MW) के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। इससे ठीक एक दिन पहले सोमवार को यह मांग 7,542 मेगावाट थी, जो रात को बढ़कर 7,600 मेगावाट हुई और अगले ही दिन दोपहर में इसने 7,700 मेगावाट की सीमा को भी पार कर दिया।
क्यों बढ़ रही है इतनी तेजी से बिजली की खपत?
विशेषज्ञों के अनुसार-लगातार बढ़ते तापमान के कारण AC और कूलर का उपयोग कई गुना बढ़ गया है जिससे शहरी इलाकों में Urban Heat Island से रात में भी तापमान कम नहीं हो रहा। लंबे समय तक चलने वाली हीटवेव के कारण घरेलू और व्यावसायिक बिजली खपत दोनों बढ़ी हैं वहीं इंडस्ट्रियल सेक्टर में भी कूलिंग सिस्टम का इस्तेमाल ज्यादा हो रहा है। इसी वजह से पावर ग्रिड पर दबाव तेजी से बढ़ रहा है।
क्या देश में बढ़ेगा बिजली संकट का खतरा ?
केंद्रीय बिजली मंत्रालय ने अनुमान जताया है कि इस गर्मी में देश की अधिकतम बिजली मांग 270 GW तक पहुंच सकती है। हालांकि सरकार का दावा है कि पर्याप्त कोयला स्टॉक और बिजली उत्पादन व्यवस्था के चलते फिलहाल बड़े बिजली संकट की आशंका नहीं है। फिर भी कई राज्यों में लोकल फॉल्ट, ट्रांसफॉर्मर ओवरलोड और मेंटेनेंस के कारण बिजली कटौती की घटनाएं बढ़ सकती हैं।

दुनिया के टॉप-100 सबसे गर्म शहरों में भारत का दबदबा कायम
रीयल-टाइम ग्लोबल टेम्परेचर रैंकिंग (AQI.in) के अनुसार, दुनिया के 100 सबसे गर्म शहरों की सूची में अभी भी अधिकांश शहर भारत के ही बने हुए हैं।
यूपी का बांदा सबसे गर्म: उत्तर प्रदेश का बांदा जिला 48.2 डिग्री सेल्सियस के साथ इस सीजन के सबसे उच्चतम स्तर पर रहा। इसके अलावा महाराष्ट्र के अमरावती में पारा 46.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
46 डिग्री का क्लस्टर: कल दोपहर तक देश के कई प्रमुख शहर 46°C के ब्रैकेट में एक साथ शामिल दिखे, जिनमें बांदा, बठिंडा, पठानकोट, बरेली, झांसी, कैथल और हरिद्वार जैसे बड़े नाम हैं। इस लिस्ट में सबसे आखिरी पायदान पर मौजूद शहर का तापमान भी झुलसा देने वाला 44°C दर्ज किया गया।
IMD का डराने वाला अलर्ट-अभी और तपेगा देश
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपनी ताजा चेतावनी में कहा है कि देश के उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी हिस्सों में 'गंभीर हीटवेव' (Severe Heatwave) की स्थिति अगले कुछ दिनों तक लगातार जारी रहेगी। राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, मध्य प्रदेश और विदर्भ में इस हफ्ते लू से राहत मिलने की कोई संभावना नहीं है।
तापमान में लगातार हो रही इस बढ़ोतरी ने न केवल आम नागरिकों के स्वास्थ्य को संकट में डाला है, बल्कि देश के पावर ग्रिड (Power Grid) पर भी भारी दबाव बना दिया है। ऊर्जा मंत्रालय और डिस्कॉम (Discoms) कंपनियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती बिना किसी ट्रिपिंग या बड़े पावर कट के इस भारी मांग की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करना है।














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