आतंकवादी मसूद अजहर ने फिर उगला जहर, भड़क उठा भारत, पाकिस्तान से कार्रवाई की मांग
Demand Against Masood Azhar: भारत ने शुक्रवार को पाकिस्तान से अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी और जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। यह मांग बहावलपुर में एक सार्वजनिक सभा में मसूद अजहर द्वारा हाल ही में दिए गए कथित भाषण की खबरों के बाद की गई है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जयसवाल ने कहा, "हम मांग करते हैं कि मसूद अजहर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और उसे न्याय के कटघरे में लाया जाए। अगर ये रिपोर्ट सही हैं तो यह आतंकवाद को नियंत्रित करने में पाकिस्तान की दोहरी नीति को उजागर करती हैं।

मसूद अजहर का विवादित भाषण
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मसूद अजहर ने तुर्की में 1924 में खिलाफत के खत्म होने के 100 साल पूरे होने पर भाषण दिया। यह भाषण 3 दिसंबर को जैश के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जारी हुआ। अजहर ने अपने भाषण में भारत, प्रधानमंत्री मोदी और इजराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू के खिलाफ आपत्तिजनक बातें कही।
अजहर ने कहा, "मुझे शर्म आती है कि मोदी जैसे कमजोर शख्स हमें चुनौती देते हैं, या नेतन्याहू जैसे 'चूहे' हमारी कब्र पर नाचते हैं... मुझे बताएं, क्या 300 लोग भी नहीं हैं जो बाबरी मस्जिद को वापस पाने के लिए लड़ सकें?"
इसके अलावा, अजहर ने जैश-ए-मोहम्मद के कैडरों से भारत और इजराइल के खिलाफ जिहादी अभियान शुरू करने की अपील की और इस्लाम का राज कायम करने की बात की। भाषण के दौरान उसने कई बार यह भी कहा, "भारत, तुम्हारी मौत आ रही है।"
मसूद अजहर का भाषण कहां और कब हुआ?
जैश-ए-मोहम्मद ने यह नहीं बताया कि मसूद अजहर ने अपना भाषण किस तारीख को और कहां दिया। हालांकि, यह पहला ऐसा भाषण है जिसमें गाजा जंग का जिक्र किया गया है, जिससे यह संकेत मिलता है कि यह भाषण नया हो सकता है।
भारत के खुफिया अधिकारियों के मुताबिक, यह भाषण पाकिस्तान के बहावलपुर के पास स्थित 1000 एकड़ में फैले उम्म-उल-कुरा मदरसा और मस्जिद परिसर में दिया गया था। यह वही जगह है जिसे 2019 में पाकिस्तानी सरकार ने अपने कब्जे में लेने का दावा किया था, लेकिन स्थानीय निवासियों के मुताबिक, यहां अभी भी जैश-ए-मोहम्मद का कब्जा है और सुरक्षा के लिए हथियारबंद गार्ड तैनात हैं।
वैश्विक आतंकवादी है मसूद अजहर
मसूद अजहर को मई 2019 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा वैश्विक आतंकवादी घोषित किया गया था। इसके अलावा, सितंबर 2019 में भारत ने भी उसे आतंकवादी घोषित किया। वह भारत में कई बड़े आतंकवादी हमलों में शामिल रहा है, जिनमें 2001 का संसद हमला, 2019 का पुलवामा हमला, 2001 में जम्मू-कश्मीर विधानसभा पर हमला (जिसमें 38 लोगों की मौत हुई), 2016 का पठानकोट हमला, बीएसएफ कैंप और अन्य सुरक्षा बलों पर कई हमले शामिल हैं।
पाकिस्तान की भूमिका पर सवाल
भारत ने आरोप लगाया है कि मसूद अजहर पाकिस्तान में खुलेआम सक्रिय है। भारत ने 1994 में उसे गिरफ्तार किया था, लेकिन 1999 के कंधार विमान अपहरण के दौरान बंधकों के बदले उसे रिहा करना पड़ा। इसके बाद मसूद अजहर ने जैश-ए-मोहम्मद का गठन किया, जो अल-कायदा और तालिबान से जुड़ा संगठन है।
विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान से कहा है कि वह अपने क्षेत्र में सक्रिय आतंकवादियों को रोकने की अपनी जिम्मेदारी निभाए। मसूद अजहर को लेकर पाकिस्तान के रवैये ने आतंकवाद के खिलाफ उसके दावों पर सवाल खड़े किए हैं।
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