Independence Day 2025 :'पाकिस्तान प्रेमी जश्न-ए-आजादी में शामिल नहीं हुए', राहुल गांधी पर क्यों भड़की भाजपा?
Independence Day 2025: आज पूरा भारत जश्न ए आजादी में डूबा हुआ है, इस पावन दिन पर पीएम मोदी ने लाल किले के प्राचीर से 12वीं बार देश को संबोधित किया तो वहीं दूसरी ओर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने दिल्ली के इंदिरा भवन में झंडा फहराया। इस कार्यक्रम में कांग्रेस के अन्य नेता और कार्यकर्ता भी शामिल हुए। जिस पर बीजेपी ने तीखा हमला बोला है।
भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने एक्स पर कहा, 'कांग्रेस प्रवक्ता ने अभी-अभी टीवी बहस में मेरे साथ पुष्टि की कि 'एलओपी' राहुल गांधी ने 15 अगस्त के कार्यक्रम को रेड फोर्ट में छोड़ दिया। यह एक राष्ट्रीय उत्सव था, लेकिन दुख की बात है कि पाकिस्तान प्रेमी राहुल गांधी - मोदी विरोध में देश और सेना का विरोध कर रहे हैं! शर्मनाक व्यवहार। क्या यह संविधान और सेना का सम्मान है?'

मल्लिकार्जुन खड़गे ने इंदिरा भवन में राष्ट्रीय ध्वज फहराया (Independence Day 2025)
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इंदिरा भवन में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस समारोह में राजधानी भर से पार्टी के पदाधिकारी उपस्थित थे। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे दोनों ने स्वतंत्रता दिवस पर नागरिकों को शुभकामनाएं दीं और देश के स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। खड़गे ने संवैधानिक अधिकारों, सामाजिक न्याय, आर्थिक सशक्तिकरण और राष्ट्रीय एकता के लिए संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया।
सत्य, समानता और भाईचारे पर आधारित राष्ट्र का निर्माण
राहुल गांधी ने कहा कि स्वतंत्रता का अर्थ सत्य, समानता और भाईचारे पर आधारित राष्ट्र का निर्माण करना है। सभी देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। यह स्वतंत्रता, महान स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों से प्राप्त हुई, एक ऐसे भारत के निर्माण का संकल्प है जहां न्याय सत्य और समानता की नींव पर आधारित हो और हर दिल सम्मान और भाईचारे से भरा हो। इस अनमोल विरासत के गौरव और सम्मान की रक्षा करना हम सभी का कर्तव्य है। जय हिंद, जय भारत!'
पिछले साल राहुल गांधी की सीट पर हुआ था बवाल (Independence Day 2025)
आपको बता दें कि पिछले साल राहुल गांधी को लाल किले के कार्यक्रम में पिछली पंक्ति में जगह दी गई थी, जिस पर विवाद पैदा हो गया था, कांग्रेस ने इसे अपमान बताया था तो वहीं सरकार की ओर से कहा गया था कि 'कुछ अग्रिम पंक्ति की वीआईपी सीटें ओलंपिक पदक विजेताओं को आवंटित की गई थीं, जिसके कारण गांधी को पीछे बैठाना पड़ा था।'
राहुल गांधी को वीआईपी खंड की पांचवीं पंक्ति में बैठाया गया था
मालूम हो कि राहुल गांधी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण के दौरान वीआईपी खंड की पांचवीं पंक्ति में बैठाया गया था। प्रोटोकॉल के अनुसार, विपक्ष के नेता को आमतौर पर ऐसे आयोजनों में वरिष्ठ मंत्रियों के साथ पहली पंक्ति में बैठाया जाता है। यह 2014 में मोदी के सत्ता में आने के बाद से पहला स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम था जिसमें लोकसभा में एक नामित एलओपी शामिल हुए थे।












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