Imran Khan News: अमेरिका ने इमरान को किया सत्ता से बेदखल! सामने आए कागज - मचा हंगामा, क्या थी वजह?
Imran Khan News: अमेरिका के पत्रकारों द्वारा बनाई गई वेबसाइट Drop Site News ने एक नई रिपोर्ट में दावा किया है कि पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को सत्ता से हटाने के पीछे अमेरिका का बड़ा हाथ था। दावा किया गया कि अमेरिका ने ये कदम इसलिए उठाया ताकि वह पाकिस्तान में अपनी जी-हुजूरी करने वाली सरकार बिठाए और पाकिस्तान को अपने मन मुताबिक चला सके। रिपोर्ट यह भी कहती है कि इसके बाद आने वाले सालों में पाकिस्तान ने लगभग हर उस अमेरिकी मांग को मान लिया, जिसे इमरान खान ने पहले ठुकराते रहे।
कहां से लीक हुई रिपोर्ट?
Drop Site की इस जांच में कहा गया है कि यह पूरी स्टोरी लीक हुए राजनयिक केबल, सरकारी दस्तावेज और अंदरूनी सूत्रों के इंटरव्यू पर आधारित है। रिपोर्ट ने पहली बार केबल I-0678 को भी सार्वजनिक किया है, जिसे उसने वह दस्तावेज बताया है जिसने इमरान खान को सत्ता से हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी।

अमेरिका-पाकिस्तान रिश्तों में तनाव की कहानी
रिपोर्ट के मुताबिक, कई सालों से अमेरिका और पाकिस्तान के रिश्तों में तनाव बढ़ रहा था। 2021 में एक अमेरिकी अधिकारी ने वॉशिंगटन में पाकिस्तान के राजदूत से कथित तौर पर कहा था कि अगर इमरान खान को अविश्वास प्रस्ताव के जरिए हटाया जाता है, तो सब कुछ माफ कर दिया जाएगा। हालांकि अमेरिकी सरकार ने हमेशा किसी भी तरह की दखलअंदाजी से इनकार किया है।
इमरान ने CIA प्रमुख बिठाए रखा, नहीं की मीटिंग
रिपोर्ट में बताया गया कि जून 2021 में William J. Burns, जो कि अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA के प्रमुख हैं, इस्लामाबाद पहुंचे थे। उनका मकसद अफगानिस्तान से अमेरिका की वापसी से पहले पाकिस्तान का सहयोग लेना था, जिसमें ड्रोन ऑपरेशन के लिए पाकिस्तानी जमीन का इस्तेमाल भी शामिल था। लेकिन इमरान खान ने उनसे मिलने से इनकार कर दिया। कहा गया कि उन्होंने साफ कर दिया था कि वह केवल अमेरिकी राष्ट्रपति Joe Biden से ही बात करेंगे। बाइडेन ने भी कई बार इमरान खान के कॉल रिक्वेस्ट को अनदेखा किया था। इसके बाद बर्न्स को पूरे दिन इंतजार करना पड़ा, लेकिन कोई मीटिंग नहीं हुई।

अफगानिस्तान संकट और बढ़ता तनाव
कुछ हफ्तों बाद अफगानिस्तान में हालात बिगड़े और काबुल पर तालिबान का कब्जा हो गया। इस घटना ने बाइडेन प्रशासन की वैश्विक छवि को नुकसान पहुंचाया। रिपोर्ट के अनुसार, इसके बाद इमरान खान ने अमेरिकी मांगों को और भी ज्यादा सख्ती से खारिज करना शुरू कर दिया, जिसमें पाकिस्तान में अमेरिकी सैन्य बेस बनाने का प्रस्ताव भी शामिल था।
इमरान की रूस यात्रा और अमेरिका की नाराज़गी
फरवरी 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू हुआ। उसी दिन इमरान खान मॉस्को में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात कर रहे थे। रिपोर्ट की मानें तो अमेरिका ने उन्हें यह यात्रा रद्द करने को कहा था, लेकिन इमरान खान ने इसे नजरअंदाज कर दिया, जिस पर बाइडन आगबबूला हो गए।

9 अप्रैल 2022
9 अप्रैल 2022 को अविश्वास प्रस्ताव के जरिए इमरान खान को सत्ता से हटा दिया गया। Drop Site की रिपोर्ट का दावा है कि यह केवल राजनीतिक प्रक्रिया नहीं थी, बल्कि इसके पीछे गहरे रणनीतिक और कूटनीतिक कारण भी थे। इसके बाद इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) पर भी सख्त कार्रवाई शुरू हुई जैसे- चुनाव चिन्ह छीनना, नेताओं को अरेस्ट करना या पार्टी छुड़वाने पर मजबूर करना। खुद इमरान खान भी कुछ दिन बाद गिरफ्तार हो गए।
पाकिस्तान की विदेश नीति में बड़ा बदलाव
रिपोर्ट के मुताबिक, इमरान खान के हटने के बाद पाकिस्तान की विदेश नीति तेजी से बदल गई।अमेरिका के साथ सुरक्षा सहयोग फिर से शुरू हुआ, खाड़ी देशों के साथ रिश्ते बेहतर हुए और चीन से दूरी बढ़ने लगी। चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कोरिडोर (CPEC) की के कई प्रोजेक्ट अलग-अलग कारणों से रोक दिए गए। यहां तक कि सेना भी अमेरिका के इशारे पर अपने फैसले लेने लगी।
नई सरकार को मिलने लगा पैसा
जुलाई 2023 में IMF ने पाकिस्तान को 3 अरब डॉलर का बेलआउट दिया। इसके बाद पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति कुछ हद तक स्थिर हुई और पश्चिमी देशों की आलोचना भी कम हो गई। इसके अलावा पूर्व सेना चीफ कमर जावेद बाजवा ने वॉशिंगटन जाकर अमेरिकी अधिकारियों से मुलाकात की जिसमें उन्हें मिसाइल प्रोग्राम रोकने और चीन से दूर रहने की हिदायत मिली।
बाइडेन के इशारे पर बाजवा गए और मुनीर आए?
इसके बाद राष्ट्रपति Joe Biden ने पाकिस्तान को दुनिया के सबसे खतरनाक देशों में से एक बताया। इसके तुरंत बाद बाजवा ने रिटायरमेंट ले लिया और उनकी जगह आसिम मुनीर को गद्दी सौंपी गई। इससे पहले मुनीर को इमरान ने ISI चीफ के पद से हटा दिया था।
सऊदी अरब समझौता और नए रिश्ते
2025 में पाकिस्तान ने सऊदी अरब के साथ डिफेंस समझौता किया। यह वही समझौता था जिसे इमरान खान ने पहले समर्थन नहीं दिया था।वइसके बाद पाकिस्तान और अमेरिकी कंपनियों के बीच 500 मिलियन डॉलर का दुर्लभ खनिज समझौता हुआ। इसमें तांबा, टंगस्टन और एंटीमनी जैसे खनिज शामिल थे।
अमेरिका चला रहा पाकिस्तान को?
Drop Site का कहना है कि पाकिस्तान की आज की विदेश नीति किसी एक फैसले का नतीजा नहीं, बल्कि लंबे समय से चल रहे अमेरिकी दबाव और सैन्य रणनीति का परिणाम है। आसान भाषा में आप ये भी कह सकते हैं कि पर्दे के पीछे अमेरिका ही पाकिस्तान को चला रहा है।
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