नोटबंदी के दौरान 5 लाख रुपये कैश जमा करने वालों पर आयकर विभाग की नजर टेढ़ी
आयकर विभाग ने कहा कि किसी तरह की स्वतंत्र जांच या थर्ड पार्टी वेरीफिकेशन की जरूरत नहीं है। विभाग के पोर्टल के बाहर कोई काम नहीं किया जाएगा।
नई दिल्ली। नोटबंदी के दौरान 5 लाख रुपये या इससे ज्यादा कैश जमा करने वालों पर आयकर विभाग की सख्ती जारी है। जिन लोगों ने कैश के सोर्स की जानकारी आयकर विभाग को नहीं दी है उन पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है। इसके साथ ही आयकर विभाग उन लोगों पर भी कार्रवाई करेगा जिन्होंने कैश में लोन दिया है या फिर कैश में लोन का पेमेंट किया है। इस पर 100 फीसदी जुर्माना है।

सब कुछ होगा ऑनलाइन
कानून के मुताबिक, कोई भी लोन कैश में नहीं दिया जा सकता है। किसी दोस्त को भी नहीं। और न ही इसे कैश में लौटाया जा सकता। यह नियम कैश को लोन या लोन चुकाने के नाम पर दिखाकर लोग टैक्स चोरी से बच जाते हैं। आयकर विभाग ने ऐसे मामलों की जांच के लिए अपने फील्ड ऑफिसर तैनात किए हैं साथ ही यह हिदायत भी दी है कि सारी प्रक्रिा ऑनलाइन होनी चाहिए। आयकर विभाग ने कहा, 'किसी तरह की स्वतंत्र जांच या थर्ड पार्टी वेरीफिकेशन की जरूरत नहीं है। विभाग के पोर्टल के बाहर कोई काम नहीं किया जाएगा। सारी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। जो भी जानकारी या जरूरी वेरीफिकेशन होना है सब कुछ ऑनलाइन होगा। यहां तक कि टेलीफोन पर सवाल जवाब की भी छूट नहीं है।' READ ALSO: यूपी चुनाव के बीच बीजेपी को बड़ा झटका, 'बागी' हुए वरुण गांधी
जानकारी न देने पर होगी कार्रवाई
आयकर विभाग ने बताया कि इस प्रक्रिया में जो भी जानकारी चाहिए होगी वह बेहद विनम्र भाषा में मांगी जाएगी और जिनके डॉक्यूमेंट नहीं मिलेंगे उन्हें टैक्स चोरी की लिस्ट में डाला जाएगा। एक अधिकारी ने कहा, मुख्य फोकस उन पर है जो ई-फिलिंग पोर्टल पर कैश डिपॉजिट को लेकर जानकारी नहीं दे पाए हैं। अगर दिए गए समय के अंदर संबंधित व्यक्ति जवाब नहीं देता है तो उस पर कार्रवाई होगी। उनके टैक्स रिटर्न और ट्रांजेक्शन की पड़ताल के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।












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