• search
क्विक अलर्ट के लिए
अभी सब्सक्राइव करें  
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

भारत में घातक आर्सेनिक युक्त भूमिगत जल के नए संभावित हॉटस्पॉट की पहचानः रिपोर्ट

|

नई दिल्ली। राष्ट्रीय जलविज्ञान संस्थान (एनआईएच) के वैज्ञानिकों की मानें तो उन्होंने भारत के कई हिस्सा में कुएं के जल में घातक आर्सेनिक की मात्रा बढ़ने की संभावना पर चिंता जताई है। महत्वपूर्ण बात यह है कि पहचान किए गए भूमिगत जल में पहले आर्सेनिक का कोई बड़ा खतरा नहीं था। वैज्ञानिकों का कहना है कि कुएं से निकाल गए जल में आर्सेनिक होने पर स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याएं उभरती है।

water

PM मोदी ने कोरोना के खिलाफ अनुसंधान और वैक्सीन विकास इकोसिस्टम की समीक्षा की

गौरतलब है दुनिया के कई हिस्सों में खासतौर पर भारतीय उपमहाद्वीप में आर्सेनिक युक्त पानी पीने से होने वाले कैंसर और हृदयरोग का खतरा उत्पन हो सकता है, जिससे लोगों को असमय मौत का खतरा आसन्न हो जाता है। ग्रामीण एवं शहरी इलाकों के लिए भूजल के घरेलू उपयोग की ताजा दर के आधार पर तैयार अनुमान में कहा गया है कि भारत में करीब 1.8 करोड़ से तीन करोड़ लोग पेयजल आपूर्ति के जरिए आर्सेनिक की चपेट में आने के खतरे का सामना कर रहे हैं।

हिंदुत्व और धर्मनिरपेक्षता पर छिड़ी जंग के बीच संजय राउत ने पूछा, 'क्या धर्मनिरपेक्ष नहीं है राज्यपाल'

water

बिहार में एनआईएच के वरिष्ठ वैज्ञानिक विश्वजीत चक्रवर्ती ने एक अनुमान का प्रारूप तैयार किया है, जो पूरी तरह से भारत पर केंद्रित है। यह प्रारूप इंटरनेशनल जर्नल फॉर इन्वॉयरमेंटल रिसर्च एंड पब्लिक हेल्थ में प्रकाशित हुआ है। इसका उपयोग भूजल की गुणवत्ता की जांच और पर्यावरण जन स्वास्थ्य से जुड़े कार्यक्रमों को प्राथमिकता देने में किया जा सकता है।

डब्ल्यूएचओ ने कहा, ऐसे युवाओं को 2022 तक नहीं मिल सकती है कोरोना वैक्सीन

water

विश्वजीत चक्रवर्ती के अनुमान के प्रारूप में यह पुष्टि की गई है कि उत्तर भारत में गंगा और ब्रहमपुत्र नदी के बेसिन में कुएं में आर्सेनिक की मात्रा ज्यादा होने की अधिक संभावना है। इसमें देश के उन हिस्सों में भी कुएं के जल में आर्सेनिक की मात्रा बढ़ने की संभावना जताई गई है, जहां अब तक ऐसा नहीं था। इन क्षेत्रों में दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र का हिस्सा और मध्य भारत शामिल है।

मीरा कुमार का फेसबुक पेज ब्लॉक हुआ, कांग्रेस ने मामले को बिहार चुनाव से जोड़ दिया

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
According to the scientists of the National Institute of Hydrology (NIH), they have expressed concern over the possibility of increasing the amount of lethal arsenic in the well water in many parts of India. Importantly, the identified groundwater previously had no major arsenic hazard. Scientists say that due to arsenic in the water removed from the well, many health problems arise.
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X