Mamata Banerjee Protest: I-PAC पर ED रेड से गरमाई बंगाल की राजनीति, कोलकाता में दीदी दिखाएंगी शक्ति प्रदर्शन
Mamata Banerjee Kolkata Protest: प्रवर्तन निदेशालय (ED) के साथ हुए हाई-वोल्टेज टकराव के एक दिन बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी आज शुक्रवार, 9 जनवरी को कोलकाता में एक बड़ी विरोध रैली का नेतृत्व करेंगी।
यह रैली राजनीतिक रणनीतिकार संस्था I-PAC के कार्यालय और प्रमुख प्रतीक जैन के घर पर हुई ED की छापेमारी के विरोध में निकाली जा रही है। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि यह छापेमारी किसी जांच का हिस्सा नहीं, बल्कि चुनाव से पहले TMC के दस्तावेज, डेटा और रणनीति "लूटने" की साजिश है।

सड़क पर TMC का शक्ति प्रदर्शन
सूत्रों के मुताबिक, ममता बनर्जी की यह विरोध रैली जादवपुर 8B बस स्टैंड से हाजरा क्रॉसिंग तक निकाली जाएगी। यह रैली करीब 5 किलोमीटर लंबी होगी। मुख्यमंत्री ने आम लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है। ममता बनर्जी ने स्पष्ट किया कि प्रतीक जैन उनकी पार्टी TMC के आईटी सेल के प्रभारी हैं।
उन्होंने कहा कि ED की कार्रवाई राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित है। ममता का आरोप है कि ED ने छापेमारी के दौरान पार्टी से जुड़ा संवेदनशील डेटा, चुनावी रणनीति, उम्मीदवारों की जानकारी और अन्य राजनीतिक दस्तावेज जब्त करने की कोशिश की। उन्होंने कहा, यह सिर्फ छापा नहीं था, बल्कि हमारी पार्टी की रणनीति और डेटा चुराने की कोशिश थी।
ED बनाम ममता बनर्जी: अब तक क्या हुआ?
बीते गुरुवार, 8 जनवरी को कोलकाता में उस समय बड़ा सियासी ड्रामा देखने को मिला, जब ममता बनर्जी खुद I-PAC प्रमुख प्रतीक जैन के आवास और कार्यालय पहुंच गईं, जहां ED की टीम छापेमारी कर रही थी। ED और ममता बनर्जी के बयान पूरी तरह से एक-दूसरे के उलट हैं। ED का दावा है कि मुख्यमंत्री ने जांच में दखल दिया और अहम सबूत अपने साथ ले गईं। वहीं ममता बनर्जी का कहना है कि ED पार्टी के हार्ड डिस्क, वित्तीय कागजात और राजनीतिक दस्तावेज जब्त कर रही थी, जिन्हें उन्होंने वापस लिया।
ममता बनर्जी ने ED की कार्रवाई में हस्तक्षेप को सही ठहराते हुए कहा, अगर वे SIR के नाम पर हम पर हमला करें, मेरे खिलाफ झूठा केस बनाएं या हमारे दस्तावेज चुराने की कोशिश करें, तो क्या मुझे विरोध नहीं करना चाहिए? उन्होंने कहा कि ED की इस तरह की कार्रवाई हमेशा चुनाव से ठीक पहले होती है। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव कुछ महीनों में होने वाले हैं।
'नॉटी होम मिनिस्टर' वाला बयान बना चर्चा का केंद्र
ED रेड को लेकर ममता बनर्जी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी सीधा हमला बोला। उन्होंने अमित शाह को "नॉटी" (शरारती) बताते हुए कहा कि केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर विपक्षी दलों को डराया जा रहा है। ममता ने कहा,क्या यही कानून व्यवस्था है? क्या यही देश की सुरक्षा है? एक ऐसा होम मिनिस्टर जो देश की रक्षा नहीं कर सकता, वह एजेंसियों को चुनाव से पहले विपक्ष को डराने भेज रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी अपील की कि वे अपने गृह मंत्री को "कंट्रोल" करें और TMC को लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव में हराएं।
ममता बनर्जी ने दावा किया कि ED ने TMC के उम्मीदवारों की सूची, SIR से जुड़ा डेटा और पार्टी की आंतरिक रणनीति को निशाना बनाया। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा,आप हमारे कागज, डेटा और रणनीति चुराकर भी कुछ हासिल नहीं कर पाएंगे। ऐसा करने से आपकी सीटें और घटेंगी।"
मनी लॉन्ड्रिंग केस से जुड़ी है ED की कार्रवाई?
समाचार एजेंसी PTI के मुताबिक, ED की यह छापेमारी कथित करोड़ों रुपये के कोयला तस्करी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच का हिस्सा है। हालांकि TMC इसे पूरी तरह राजनीतिक साजिश बता रही है। स्थानीय टीवी चैनलों पर दिखाए गए वीडियो में अफरा-तफरी का माहौल नजर आया। ममता बनर्जी के पहुंचते ही वहां भारी भीड़ जुट गई। कुछ लोगों को फाइलें लेकर भागते हुए देखा गया, जबकि ममता खुद हरे रंग की फाइल हाथ में लेकर मीडिया से बात करती दिखीं।
ED बनाम 'दीदी' की लड़ाई
आज होने वाली ममता बनर्जी की विरोध रैली को TMC की ताकत दिखाने और केंद्र सरकार के खिलाफ राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में बंगाल की राजनीति में यह टकराव और तेज हो सकता है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि ED की कार्रवाई आगे किस दिशा में जाती है और ममता बनर्जी का यह सियासी विरोध किस हद तक असर डालता है।












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