हाथरस भगदड़ कांड: पुलिस को राजनीतिक फंडिंग का शक? मुख्य आरोपी मधुकर को लेकर हुआ ये खुलासा
Hathras stampede News: हाथरस सत्संग भगदड़ के मुख्य आरोपी देवप्रकाश मधुकर के राजनीतिक कनेक्शन की बात सामने आ रही है। 2 जुलाई को हाथरस सत्संग भगदड़ के मुख्य आरोपी देवप्रकाश मधुकर को दिल्ली में उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद अधिकारियों ने कहा कि राजनीतिक दलों ने हाल ही में मधुकर से संपर्क किया था।
पुलिस ने दावा किया है कि कुछ राजनीतिक दलों ने हाल ही में हाथरस सत्संग भगदड़ के मुख्य आरोपी देवप्रकाश मधुकर से संपर्क किया था। पुलिस ने कहा कि वह राजनीतिक संबंधों और धन के लेन-देन की जांच कर रहे हैं। पुलिस ने कहा है कि ऐसा प्रतीत होता है कि कुछ राजनीतिक दल अपने राजनीतिक और व्यक्तिगत हितों के लिए उनसे जुड़े हुए हैं।''

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हाथरस कांड: मुख्य आरोपी देवप्रकाश मधुकर ने किया खुलासा
उत्तर प्रदेश के पुलिस अधीक्षक निपुण अग्रवाल ने कहा, "सत्संग के दौरान डोनेशन और फंडिंग के संबंध में विस्तृत जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या ऐसे कार्यक्रमों और अन्य संसाधनों को किसी राजनीतिक दल द्वारा वित्त पोषित किया जा रहा है। अब तक की जांच से ऐसा प्रतीत होता है कि कोई राजनीतिक दल अपने राजनीतिक और व्यक्तिगत हितों के लिए इनसे जुड़ा हुआ है।"
उन्होंने कहा, "आरोपी देवप्रकाश मधुकर से संबंधित सभी बैंक खातों, चल-अचल संपत्तियों, मनी ट्रेल की जांच की जा रही है, जिसमें जरूरत के हिसाब से अन्य एजेंसियों से भी मदद ली जाएगी।"
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पुलिस के मुताबिक पूछताछ के दौरान मधुकर ने खुलासा किया कि कुछ समय पहले कुछ राजनीतिक दलों ने उससे और अन्य सत्संग आयोजकों से संपर्क किया था।
आरोपी देवप्रकाश मधुकर के अलावा दो और संदिग्धों, 61 वर्षीय रामप्रकाश शाक्य और 33 वर्षीय संजू यादव को भी हाथरस में हिरासत में लिया गया था। भगदड़ में 123 लोगों की मौत हो गई थी।
मुख्य आरोपी मधुकर की गिरफ्तारी को लेकर भी है विरोधाभास
पुलिस ने दावा किया कि मुख्य आरोपी मधुकर को दिल्ली में गिरफ्तार किया गया था। वहीं उसके वकील एपी सिंह ने कहा कि आयोजक ने स्वेच्छा से दिल्ली पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया। एपी सिंह ने जिक्र किया कि मधुकर का इलाज चल रहा था और उसने जांच में शामिल होने के लिए सरेंडर किया है।
एपी सिंह ने कहा, "आज हमने देवप्रकाश मधुकर को सरेंडर करवा दिया है, जिसे हाथरस मामले में एफआईआर में मुख्य आयोजक बताया गया है। हमने दिल्ली में पुलिस, एसआईटी और एसटीएफ को बुलाया है, क्योंकि वह यहां इलाज करा रहा था।"
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एपी सिंह ने स्पष्ट किया कि उन्होंने अग्रिम जमानत दाखिल करने या अदालत जाने जैसे कानूनी उपाय नहीं किए हैं, क्योंकि इसे जांच से बचने के तौर पर देखा जा सकता था।
पुलिस ने मधुकर पर 1 लाख रुपए का इनाम रखा था और उत्तर प्रदेश और पड़ोसी राज्यों में उसकी तलाश की जा रही थी। इन प्रयासों के बावजूद, उसके वकील का कहना है कि आत्मसमर्पण स्वैच्छिक था और पुलिस से उसे नहीं पकड़ा है।
मधुकर, सत्संग के मुख्य आयोजक था, जहां हाथरस में भगदड़ हुई थी, इस आयोजन में उसकी भूमिका के लिए जांच के दायरे में है। पुलिस स्वयंभू बाबा, भोले बाबा की तलाश भी कर रही है। जो फिलहाल फरार है।












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