PM Modi Cabinet Meeting: मोदी कैबिनेट में किसकी होगी छुट्टी, किसे मिलेगी जगह? आज तय होगा कई दिग्गजों का भविष्य
PM Modi Cabinet Meeting: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने 5 देशों (यूएई, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली) के बेहद महत्वपूर्ण और सफल कूटनीतिक दौरे से भारत लौट आए हैं। स्वदेश वापसी के तुरंत बाद पीएम मोदी पूरे एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। उन्होंने आज (21 मई 2026) दिल्ली के 'सेवा तीर्थ' में केंद्रीय मंत्रिपरिषद (Council of Ministers) की एक बेहद महत्वपूर्ण और हाई लेवल समीक्षा बैठक बुलाई है।
शाम 4:30 बजे से शुरू होने जा रही इस हाई-लेवल मीटिंग के बाद राजनीतिक गलियारों में 'मोदी 3.0' सरकार के पहले बड़े कैबिनेट फेरबदल और विस्तार को लेकर अटकलें बेहद तेज हो गई हैं। आइए जानतें हैं कौन बाहर होगा, किसे कैबिनेट में जगह मिलेगी और इस फेरबदल का पूरा समीकरण क्या है?

किसे मिलेगी जगह, कौन होगा बाहर?
जून 2026 में मोदी सरकार के लगातार तीसरे कार्यकाल के दो साल पूरे हो रहे हैं। माना जा रहा है कि यह कैबिनेट फेरबदल एक 'मिड-टर्म रीसेट' होगा। सूत्रों के अनुसार, जून के दूसरे सप्ताह, संभवतः 10 जून के आसपास यह बहुप्रतीक्षित कैबिनेट विस्तार किया जा सकता है। इस फेरबदल में मंत्रियों के कामकाज और उनके 'रिपोर्ट कार्ड' को ही उनके भविष्य का मुख्य आधार बनाया जाएगा।
- खराब प्रदर्शन करने वालों की छुट्टी: रिपोर्ट्स के अनुसार, जो मंत्री निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतर रहे हैं, उनके प्रभार बदले जा सकते हैं या उन्हें कैबिनेट से बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है।
- युवा और नए चेहरों की एंट्री: कैबिनेट में कुछ नए और ऊर्जावान युवा चेहरों को शामिल किया जा सकता है।
- उम्र और राज्यसभा का समीकरण: जिन मंत्रियों की उम्र एक तय सीमा को पार कर चुकी है या जिनका राज्यसभा कार्यकाल हाल ही में समाप्त हुआ है, उनकी कैबिनेट से विदाई हो सकती है।
चुनाव और क्षेत्रीय समीकरणों पर सीधा फोकस
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल (मोदी 3.0) में 9 जून 2024 को हुए शपथ ग्रहण के बाद से अब तक केंद्रीय मंत्रिमंडल में कोई विस्तार या फेरबदल नहीं हुआ है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस संभावित कैबिनेट रीशफल का सबसे बड़ा आधार 2027 में होने वाले 7 राज्यों (उत्तर प्रदेश, गुजरात, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा, मणिपुर और हिमाचल प्रदेश) के आगामी विधानसभा चुनाव होंगे।
इन राज्यों के जातीय और क्षेत्रीय समीकरण साधने के लिए नए चेहरों को कैबिनेट में जगह मिलना तय माना जा रहा है। इसके अलावा, हाल ही में पश्चिम बंगाल और असम के विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को मिली बड़ी कामयाबी और पुडुचेरी में एक बार फिर एनडीए सरकार बनने के बाद, वहां के क्षेत्रीय नेताओं को भी केंद्र में बड़ा प्रतिनिधित्व दिया जा सकता है।
मंत्रिपरिषद की बैठक को लेकर क्या बोले राजभर?
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि, 'PM मोदी पांच देशों की यात्रा से लौटे हैं। आज मंत्रिपरिषद की एक बैठक हो रही है, जिसमें इस यात्रा की उपलब्धियों पर चर्चा की जाएगी और यह विचार किया जाएगा कि हम उन उपलब्धियों का उपयोग अपने देश के लाभ के लिए कैसे कर सकते हैं।'
कैबिनेट रिशफल पर क्या बोले BJP प्रवक्ता?
PM मोदी द्वारा मंत्रिपरिषद की बैठक की अध्यक्षता करने के मामले पर BJP प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा, 'एक बेहद सफल विदेश दौरे के बाद प्रधानमंत्री वापस लौट आए हैं। उन्होंने स्कैंडिनेवियाई देशों और कई यूरोपीय राष्ट्रों का दौरा किया, जहां व्यापार और रक्षा से जुड़े कई अहम समझौते हुए... इटली भी रक्षा क्षेत्र में एक बड़ा उत्पादक देश है, और संबंधों को और मज़बूत बनाने की दिशा में यह दौरा काफी अहम रहा। उम्मीद है कि प्रधानमंत्री इन दौरों के नतीजों और भारत को मिली उपलब्धियों के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे। जहाँ तक कैबिनेट में फेरबदल की चर्चाओं का सवाल है, मेरा मानना है कि कैबिनेट में किसे रखना है, यह तय करना पूरी तरह से प्रधानमंत्री का ही अधिकार है।
केवल सरकार तक सीमित नहीं रहेगा फेरबदल
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह फेरबदल केवल सरकार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भाजपा के सांगठनिक ढांचे में भी इसके स्पष्ट तार जुड़े हैं। जनवरी 2026 में भाजपा के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष बने 45 वर्षीय नितिन नवीन अपनी नई टीम तैयार कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, कैबिनेट से हटाए गए कई अनुभवी चेहरों को पार्टी संगठन में अहम जिम्मेदारियां देकर 2029 के लोकसभा चुनावों के लिए मोर्चे पर लगाया जाएगा।
वहीं दूसरी ओर, केंद्र सरकार में सहयोगी दलों- विशेषकर जनता दल (यूनाइटेड) यानी JD(U) और तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के कोटे से कुछ अतिरिक्त मंत्रियों को शामिल करने पर भी सुगबुगाहट तेज है, ताकि एनडीए (NDA) के भीतर संतुलन को और अधिक मजबूती दी जा सके।
बैठक को लेकर क्या है तैयारी?
PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, यह इस साल (2026) मंत्रिपरिषद की पहली बैठक होगी, जिसमें सभी कैबिनेट मंत्री, स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और राज्य मंत्री हिस्सा ले रहे हैं। यह बैठक करीब 4 से 5 घंटे तक चलने की उम्मीद है।
इस महत्वपूर्ण बैठक में निम्नलिखित बिंदुओं पर गहन मंथन किया जा रहा है:
- मंत्रालयों का रिपोर्ट कार्ड: बैठक से पहले सभी मंत्रालयों ने पिछले दो वर्षों में किए गए सुधार उपायों के विवरण कैबिनेट सचिवालय को सौंप दिए हैं। इसके साथ ही, पिछले 12 वर्षों में लागू की गई सफल योजनाओं की एक लिस्ट भी जमा करने को कहा गया है। चूंकि 9 जून को मोदी सरकार के कुल 12 साल पूरे हो रहे हैं, इसलिए सरकार के प्रदर्शन पर एक रिपोर्ट भी प्रस्तुत की जा सकती है।
- रिफॉर्म एक्सप्रेस और भविष्य का रोडमैप: पीएम मोदी द्वारा अगले 10 वर्षों के लिए तय किए गए 'रिफॉर्म एजेंडे' पर चर्चा होगी, ताकि सुशासन और आम नागरिकों तक सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित की जा सके।
पश्चिम एशिया संकट और अर्थव्यवस्था पर नजर
PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, इस अहम बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम एशिया (Middle East) में चल रहे मौजूदा संकट और ईरान युद्ध के आर्थिक प्रभावों का विशेष रूप से जिक्र कर सकते हैं। इस तनाव का भारत की अर्थव्यवस्था, ऊर्जा कीमतों (क्रूड ऑयल) और व्यापार प्रवाह पर क्या असर पड़ेगा, इसकी समीक्षा की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, इस दौरान ऊर्जा, कृषि, उर्वरक, विमानन (एविएशन), शिपिंग और लॉजिस्टिक्स जैसे अहम सेक्टर्स पर खास फोकस रहने की संभावना है। पीएम मोदी मंत्रालयों और विभागों को स्थिति से निपटने के लिए जरूरी निर्देश दे सकते हैं, ताकि देश के आम नागरिकों को वैश्विक मंदी या तनाव के कारण कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े। इससे पहले भी पीएम मोदी ने अधिकारियों को नागरिकों और प्रभावित सेक्टर्स को राहत देने के निर्देश दिए थे।
सफल विदेश दौरे के तुरंत बाद एक्शन
कैबिनेट विस्तार की यह सुगबुगाहट प्रधानमंत्री के बेहद व्यस्त और सफल कूटनीतिक दौरे के ठीक बाद शुरू हुई है। पीएम मोदी ने यूएई के नेतृत्व से मुलाकात की, नीदरलैंड गए और ओस्लो में 'तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन' में हिस्सा लेकर ग्रीन टेक्नोलॉजी और निवेश पर चर्चा की। दौरे के अंतिम चरण में, 20 मई को रोम में इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ उनकी द्विपक्षीय वार्ता हुई। इसमें भारत-इटली रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के साथ-साथ रक्षा, सेमीकंडक्टर और एआई (AI) के क्षेत्र में सहयोग पर सहमति बनी है।















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