Bangladesh में China की एंट्री करा रहे Tarique Rahman! क्या है प्लान जिसमें तीन तरफ से घिरेगा भारत?
Bangladesh: भारत की कूटनीति को अब बांग्लादेश की तरफ से झटका लग सकता है। पहले ही भारत चीन की रणनीति के चलते पाकिस्तान और श्रीलंका में मौजूद उसके असर से घिरा हुआ ऐसे में अब बांग्लादेश में भी चीन का दखल बढ़ने लगा है। बांग्लादेश चीन की मदद से अपने पानी के संकट को दूर करने के नाम पर चीन को सीमा के करीब ला रहा है। इसका इशारा खुद बांग्लादेशी प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने दिया। जानिए क्या है पूरा मामला।
क्या कर रहे तारिक पहले वो जानिए
Tarique Rahman ने Bangladesh में पानी की कमी को खत्म करने और खेती को मजबूत करने के लिए दो बड़ी नदियों, तीस्ता और पद्मा पर बैराज बनाने की योजना का ऐलान किया है। पद्मा वहीं नदी है जिसे हम भारत में मां गंगा कहते हैं। इस प्रस्ताव को लेकर कहा जा रहा है कि इसमें चीन की भी भागीदारी हो सकती है, खासकर पानी के बंटवारे और चीन की एंट्री को लेकर। यह मुद्दा अब सिर्फ विकास नहीं बल्कि रणनीतिक (strategic) स्तर का भी बन गया है।

भारत पर लगाया पानी रोकने का आरोप
इस बयान में Tarique Rahman ने भारत पर आरोप लगाया कि सूखे के सीजन में वह बांग्लादेश की ओर पानी का प्रवाह कम कर देता है। तारिक यह भी दावा किया कि भारत सीमा के पास बने बैराजों के जरिए पानी को ऊपरी इलाकों में मोड़ देता है, जिससे पद्मा नदी (गंगा नदी) का बांग्लादेश के हिस्से का पानी कम हो जाता है। इसलिए बैराज के बनने के बाद ये समस्या दूर हो पाएगी।
भारत–बांग्लादेश जल विवाद के बीच चीन की एंट्री
तीस्ता और पद्मा नदियों के पानी के बंटवारे को लेकर India और Bangladesh के बीच विवाद कई दशकों से चला आ रहा है। इस बीच बांग्लादेश ने तीस्ता नदी पर एक बड़ा मेगा बैराज प्रोजेक्ट बनाने के लिए चीन से मदद मांगी थी। यह योजना तीस्ता मेगा प्रोजेक्ट के नाम से जानी जाती है और इसे पहले पूर्व प्रधानमंत्री Sheikh Hasina के कार्यकाल में इस पर थोड़ा-बहुत काम किया गया था। जुलाई 2024 में उनकी सरकार ने भारत के साथ मिलकर इस प्रोजेक्ट पर काम करने की इच्छा भी जताई थी, लेकिन बाद में उनकी सरकार कुछ समय बाद ही भंग हो गई।
चीन की कहां से हुई एंट्री?
Sheikh Hasina के सत्ता से हटने के बाद, Muhammad Yunus के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार इस प्रोजेक्ट को लेकर चीन के और करीब आ गई है। चीन ने भी इस प्रोजेक्ट में समर्थन देने में रुचि दिखाई है, जिससे क्षेत्रीय भू-राजनीति (geopolitics) और जटिल हो गई है। भारत ने लगातार इस बात पर चिंता जताई है कि इस रणनीतिक इलाके में चीन की भागीदारी बढ़ना उसके हितों के लिए ठीक नहीं होगा। हाल ही में बांग्लादेश के विदेश मंत्री Khalilur Rahman ने चीन का दौरा कर एक बार फिर से औपचारिक मदद मांगी और अब खबर आ रही है कि चीन ने इस पर हामी भी भर दी है।
किसानों के नाम पर क्या पका रहे तारिक?
Tarique Rahman ने हाल ही में ये घोषणा गाजीपुर में एक बड़े प्रोग्राम के दौरान की। Tarique Rahman ने इन बैराजों को बांग्लादेश के भविष्य के लिए वॉटर सिक्योरिटी के तौर पर पेश किया। तारिक ने कहा कि इन योजनाओं से बांग्लादेश के उत्तरी और दक्षिणी दोनों हिस्सों को फायदा मिलेगा, जिसमें राजशाही क्षेत्र भी शामिल है। यहां तारिक खेती की जरूरतों के नाम पर चीन को भारत की सीमा के करीब लाकर एक नए विवाद को जन्म दे सकते हैं। अगर ऐसा है तो भारत-चीन के लिए एक अलग मोर्चा खुल सकता है और बांग्लादेश भी इसकी जद में आ सकता है।
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