कोरोना काल में अनाथ बच्चों की मदद करेगी हरियाणा सरकार, हर महीने मिलेंगे 2500 रुपये
चंडीगढ़, मई 30: कोविड-19 के दौरान महामारी के चलते अनाथ हुए बच्चों के लिए हरियाणा सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर इन बच्चों की मदद के लिए बाल सेवा योजना का ऐलान किया है। हरियाणा में कोरोना के कारण माता-पिता, माता या पिता की मृत्यु के बाद अनाथ हुए बच्चों के पालन पोषण के लिए 18 वर्ष तक सरकार हर महीने 2500 रुपये प्रति बच्चा देगी।
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हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा, 'कोविड संक्रमण की वजह से जो बच्चे अनाथ हो गए हैं, उन बच्चों के लिए मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना शुरू की गई है। जो बच्चे परिवारों में रहेंगे उन्हें 18 वर्ष तक 2,500 रुपए प्रति माह दिए जाएंगे और पढ़ाई समेत अन्य खर्चों के लिए 12,000 रुपए हर साल दिए जाएंगे। जो बच्चे बाल देखभाल संस्थान में रहेंगे उन बच्चों को बाल देखभाल संस्थान पालेंगी। 18 वर्ष तक इनके नाम से 1,500 रुपए प्रतिवर्ष जमा कराए जाएंगे। जब ये बच्चे 21 साल के हो जाएंगे तो ये जमा राशि इन्हें दे दी जाएगी।
मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का उद्देश्य 18 वर्ष से कम उम्र के ऐसे बच्चों, जिन्होंने कोविड के कारण अपने माता या पिता अथवा माता-पिता दोनों या कानूनी अभिभावकों को खो दिया है, का पुनर्वास और सहायता करना है। यह राशि आवर्ती जमा के रूप में बैंक खाते में डाल दी जाएगी और 21 वर्ष की आयु होने पर बच्चे को मेच्योरिटी राशि के रूप में मिलेगी। अन्य पूरा खर्चा बाल देखभाल संस्थान द्वारा वहन किया जाएगा।
जिन लड़कियों ने किशोरावस्था में अपने माता-पिता को खोया है, उन्हें कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में आवासीय शिक्षा मुफ्त दी जाएगी। मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के तहत 51000 रुपये भी इन बालिकाओं के बैंक खाते में डाल दिए जाएंगे और विवाह के समय उन्हें ब्याज सहित पूरी राशि दी जाएगी। कक्षा 8वीं से 12वीं के बीच या व्यावसायिक पाठ्यक्रम में किसी भी कक्षा में पढ़ने वाले बच्चों को उनकी शिक्षा में सहायता के लिए एक टैबलेट प्रदान किया जाएगा ।












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