बेंगलुरु के बाद नोएडा में गांजा उगाता पकड़ा गया शख्स, डार्क वेब की मदद से फ्लैट में 'OG' कैनबिस उगाता था आरोपी
ग्रेटर नोएडा में एक आवासीय सोसाइटी केार्टमेंट में अवैध रूप से गांजा उगाने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया, राहुल चौधरी नाम का युवक, जो एक इंग्लिश ग्रेजुएट है, अपने पार्श्वनाथ पैनोरमा सोसाइटी के 10वीं मंजिल के फ्लैट की बालकनी में छोटे गमलों में गांजा उगा रहा था।
ग्रेटर नोएडा के पुलिस उपायुक्त साद मिया खान ने बताया कि पुलिस ने उनके निवास से 80 गांजा पौधे, 2 किलो से अधिक गांजा और 163.4 ग्राम उच्च गुणवत्ता वाली 'ओजी' गांजा जब्त की है। गांजा उगाने के जुर्म में ग्रेटर नोएडा निवासी को गिरफ्तार किया गया है। इसके पहले बेंगलुरु के एक कपल भी अवैध रूप से गांजा उगाने के जुर्म में गिरफ्तार हो चुके हैं।
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बताया जा रहा है कि मेरठ का मूल निवासी राहुल चौधरी लगभग छह महीने से गांजा उगा रहा था। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि चौधरी वेब सीरीज और अपराध ड्रामों से प्रेरित होकर अपने अपार्टमेंट में इस अवैध गतिविधि में शामिल हुआ था। चौधरी को स्थानीय बीटा-2 पुलिस स्टेशन के अधिकारियों और इकोटेक-1 पुलिस स्टेशन के साथ जिला की एंटी-नारकोटिक्स टीम के समन्वय से बीटा-2 क्षेत्र के पी-3 राउंडअबाउट के पास पकड़ा गया था।
VIDEO | A Greater Noida resident has been arrested by the police after he was allegedly found cultivating cannabis inside his apartment.
(Full video available on PTI Videos - https://t.co/n147TvqRQz) pic.twitter.com/ia2YMh8Mp4
— Press Trust of India (@PTI_News) November 12, 2024
डीसीपी खान ने कहा, "आरोपी उन्नत एरोपोनिक तकनीकों का उपयोग कर रहा था, जिसे उसने ऑनलाइन संसाधनों के माध्यम से सीखा था, ताकि पूरी तरह नियंत्रित वातावरण में गांजा उगा सके। उसने फ्लैट में तापमान, प्रकाश और आर्द्रता को नियंत्रित करने वाले विशेष उपकरणों में निवेश किया था, जिससे बिना मिट्टी के आदर्श स्थिति बनाई जा सके।"
हाई-टेक रैकेट कैसे करता था काम?
चौधरी ने कथित तौर पर अंतरराष्ट्रीय वेबसाइटों से बीज मंगवाए और खरीदारों के साथ संवाद करने के लिए एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म का उपयोग किया ताकि पकड़े जाने से बचा जा सके। उसने अपने ऑपरेशन्स के लिए डार्क वेब का भी इस्तेमाल किया।
डीसीपी ने बताया, "इस सेटअप की लागत प्रति पौधा 5,000 रुपये से 7,000 रुपये के बीच होती थी, जिससे उच्च गुणवत्ता वाली भांग मिलती थी जो 30 ग्राम की पैदावार के लिए 60,000 रुपये से अधिक में बिकती थी। पुलिस छापे के दौरान विभिन्न उर्वरक, कीटनाशक, पैकेजिंग आइटम और डिजिटल स्केल जब्त किए गए, जो एक अच्छी तरह से योजनाबद्ध ऑपरेशन का संकेत देते हैं। नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपी के लिंक और नेटवर्क की विस्तृत जांच भी चल रही है।"
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