सोना तस्करी की दुनिया का मास्टमाइंड मुनियादी दबोचा गया, UAE से भारत में करता था Smuggling
Most Wanted Gold Smuggler Muniyad Ali Arrested: इंटरनेशनल गोल्ड स्मगलिंग को बड़ी सफाई से अंजाम देने वाला कुख्यात अपराधी मुनियाद अली खान आखिरकार पकड लिया गया। इसके खिलाफ इंटरपोल ने रेड नोटिस जारी किया था। स्मगलर को संयुक्त अरब अमीरात से भारत लाया गया है। यह कार्रवाई सीबीआई, एनआईए और इंटरपोल के समन्वित प्रयासों के जरिए संभव हो पाई।
अधिकारियों के अनुसार, मुनियाद अली खान इस मामले में तीसरा फरार अपराधी है, जिसे सफलतापूर्वक भारत वापस लाया गया है। उसे जयपुर हवाई अड्डे पर उतारकर एनआईए द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया।

UAE में बैठकर भारत में सोने की तस्करी
सीबीआई प्रवक्ता के अनुसार, एनआईए की जांच में आरोप था कि मुनियाद अली खान ने अपने साथियों के साथ मिलकर सऊदी अरब के रियाद से भारत में सोने की तस्करी की साजिश रची थी। यह तस्करी भारत के जयपुर हवाई अड्डे पर सोने की सलाखों को अवैध तरीके से लाने के लिए की गई थी।
इस मामले के पहले दो आरोपी, शौकत अली औरमोहब्बत अली, को पहले ही सऊदी अरब से भारत लाया जा चुका है। शौकत अली को 3 अप्रैल 2024 को और मोहब्बत अली को 17 अगस्त 2023 को भारत लाया गया था।
9 करोड़ का सोना जब्त
2020 में जयपुर एयरपोर्ट पर 18.56 किलोग्राम सोने की सलाखें जब्त की गई थीं, जिनकी कीमत 9 करोड़ रुपये आंकी गई थी। इन सोने की सलाखों को भारत में तस्करी के लिए आपातकालीन रोशनी की बैटरी में छिपाकर लाया गया था। यह तस्करी भारत की आर्थिक सुरक्षा और मौद्रिक स्थिरता को कमजोर करने के लिए की जा रही थी।
कानूनी कार्यवाही और रेड नोटिस
इस मामले में एनआईए ने 22 मार्च 2021 को विशेष न्यायालय, जयपुर के समक्ष आरोप पत्र दायर किया था। मुनियाद अली खान पर गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत अपराधों में शामिल होने और आपराधिक साजिश रचने के आरोप थे। एनआईए ने सीबीआई से अनुरोध किया था कि खान के खिलाफ इंटरपोल से रेड नोटिस जारी किया जाए, जिसके बाद 13 सितंबर 2021 को यह नोटिस जारी हुआ।
रेड नोटिस के जरिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सभी कानून प्रवर्तन एजेंसियों को यह सूचना दी गई थी कि मुनियाद अली खान एक वांछित अपराधी है। इसके परिणामस्वरूप, मुनियाद अली खान का संयुक्त अरब अमीरात में पता लगाया गया और उसे भारत लाने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए।
समन्वय और सहयोग
इस पूरे ऑपरेशन में सीबीआई ने अहम भूमिका निभाई, जो भारत में इंटरपोल के लिए राष्ट्रीय केंद्रीय ब्यूरो के रूप में कार्य करता है। सीबीआई ने इंटरपोल चैनलों के जरिए एनआईए और अन्य भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर काम किया, ताकि मुनियाद अली खान जैसे अपराधियों को ट्रैक करके गिरफ्तार किया जा सके।












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