मोदी सरकार ने रद्द की वो पत्रिका, जिसे वाजपेयी ने किया था शुरू
डायरेक्टरेट ऑफ एडवरटाइजिंग एंड विजुअल पब्लिसिटी की ओर से 6 अप्रैल को जारी एक एडवाइजरी के बाद केन्द्रीय सूचना प्रसारण मंत्रालय ने यह कदम उठाया है।
नई दिल्ली। मोदी सरकार ने आरएसएस के मुखपत्र और मासिक पत्रिका राष्ट्र धर्म को रद्द कर दिया है। यह लखनऊ से प्रकाशित होता है। केन्द्रीय सूचना प्रसारण मंत्रालय ने इस पत्रिका की डायरेक्टरेट ऑफ एडवरटाइजिंग एंड विजुअल पब्लिसिटी की मान्यता को रद्द कर दिया है। आपको बता दें कि 'राष्ट्र धर्म' को 1947 में भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने शुरू किया था।

डायरेक्टरेट ऑफ एडवरटाइजिंग एंड विजुअल पब्लिसिटी (डीएवीपी) की ओर से 6 अप्रैल को जारी एक एडवाइजरी के बाद केन्द्रीय सूचना प्रसारण मंत्रालय ने यह कदम उठाया है। डीएवीपी के अनुसार कुल 804 ऐसे अखबार और पत्रिकाएं हैं, जिन्होंने अक्टूबर 2016 से लेकर फरवरी 2017 तक अपनी मासिक प्रतियों को प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (पीआईबी) और डीएवीपी के दफ्तरों में जमा नहीं किया है। इस लिस्ट कुल 165 ऐसे अखबार और पत्रिकाएं हैं, जो उत्तर प्रदेश से प्रकाशित होती हैं। ये भी पढ़ें- योगी सरकार के एक फैसले से मुश्किल में तीन राज्यों के मुख्यमंत्री
मंत्रालय की वेबसाइट पर इसे लेकर एक एडवाइजरी भी जारी की गई है जिसके अनुसार प्रिंट मीडिया एडवरटाइजमेंट पॉलिसी 2016 की धारा 13 में नियमितता के बारे में बताया गया है। इसमें यह साफ किया गया है कि सभी सूचीबद्ध अखबारों को अपनी मासिक प्रतियां उस महीने की 15 तारीख से पहले-पहले जमा करनी होंगी। यह भी कहा गया है कि जो ऐसा नहीं करेगा उसे दिए जाने वाले विज्ञापन पर रोक लगा दी जाएगी। डीएवीपी की ओर से इसे लेकर हर महीने एडवाइजरी प्रकाशित की गई, लेकिन बावजूद इसके प्रकाशकों की ओर से राष्ट्र धर्म पत्रिका के मासिक अंक कार्यालय में जमा नहीं किए, जिसके चलते अब इसे रद्द कर दिया गया है।












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