योगी सरकार के एक फैसले से मुश्किल में तीन राज्यों के मुख्यमंत्री
कांग्रेस ने चुनावी वादे में कर्ज माफ करने की घोषणा की थी, ऐसे में अब उस पर दबाव बढ़ा है। लेकिन पंजाब पहले से करीब 1.25 लाख करोड़ रुपये के कर्ज तले दबा है।
नई दिल्ली। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एक फैसला तीन राज्यों के मुख्यमंत्रियों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। ये फैसला किसानों की कर्ज माफी का है। इस फैसले के बाद पंजाब, महाराष्ट्र और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों पर भी यूपी की राह पर चलते हुए किसानों की कर्जमाफी का फैसले लेने का दबाव बढ़ाया है।

बढ़ेगा बोझ, उबर पाना होगा मुश्किल

पंजाब में जल्द हो सकता है ऐलान
सूत्रों के मुताबिक, पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह जल्द ही किसानों के कर्ज माफ करने का ऐलान कर सकते हैं। कांग्रेस ने चुनावी वादे में कर्ज माफ करने की घोषणा की थी, ऐसे में अब उस पर दबाव बढ़ा है। लेकिन पंजाब पहले से करीब 1.25 लाख करोड़ रुपये के कर्ज तले दबा है। किसानों ने करीब 69000 करोड़ से 88000 करोड़ रुपये तक कर्ज लिया है। ऐसे में अगर सरकार कर्ज माफ करती है तो उस पर अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा। READ ALSO: योगीराज में नहीं मिला नॉनवेज, बरेली में बारातियों ने नहीं खाया शाकाहारी खाना

कर्ज माफ करने से बिगड़ेंगे हालात
पंजाब के मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करके एक बार कर्ज माफी को लेकर बातचीत की थी लेकिन अधिकारी केंद्र से ज्यादा मदद मिलने की उम्मीद में नहीं हैं क्योंकि केंद्र ने पहले ही महाराष्ट्र की मांग ठुकरा दी है। जबकि महाराष्ट्र में बीजेपी की अगुवाई वाली सरकार है। सूत्रों का मानना है कि पंजाब सरकार आधा कर्ज माफ करने की स्थिति में भी नहीं है। अगर सरकार ऐसा करती है तो उसके पास सरकारी कर्मचारियों का वेतन देने के पैसे भी नहीं बचेंगे, जिससे हालात और बिगड़ेंगे।

महाराष्ट्र की नजरें पंजाब पर जमी
पंजाब में किसानों के कर्ज माफ किए जाने की अटकलों पर महाराष्ट्र ने नजरें जमा रखी हैं। एक अधिकारी ने कहा, 'अगर कांग्रेस पंजाब में कर्ज माफ करती है तो वे महाराष्ट्र में इसके लिए दबाव बनाएंगे।' उधर, हरियाणा में भी किसानों के कर्ज माफ किए जाने को लेकर लगातार दबाव बढ़ रहा है। हरियाणा की हालत पंजाब से भी ज्यादा खराब है।












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