Good News: भारत में कोरोना पॉजिटिव दर में आई गिरावट, नए अवरोधों में भी दिखा है ठहराव
नई दिल्ली। भारत में कोरोनावायरस महामारी संकट के बीच मई माह के बाद पहली बार समग्र पॉजिटिव दर में गिरावट दर्ज की गई है, जो यह दर्शाता है कि पहले की तुलना में टेस्ट किए गए लोगों में से कम संख्या में लोग संक्रमित पाए जा रहे हैं। यह एक सुखद स्थिति कही जा सकती है, क्योंकि पिछले जुलाई माह से भारत में नए मामलो की भरमार हो गई थी।
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9 अगस्त को 9.01 फीसदी के शिखर पर था भारत में कोरोना पॉजिटिव दर
पिछले तीन महीनों से नए मामलों में लगातार वृद्धि के बाद भारत में कोरोना संक्रमितों का दर 9 अगस्त को 9.01 फीसदी के शिखर पर पहुंच गया था, जिसके बाद इसमें गिरावट शुरू हुई है और अब यह 8.72 फीसदी पर आ गया है। पॉजिटिव दर में यह गिरावट इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसका मतलब यह हो सकता है कि आबादी में बीमारी का प्रसार धीमा हो रहा है।

अधिक बेतरतीब परीक्षण से पॉजिटिविटी दर में गिरावट आ सकती है
यह निश्चित रूप से सच साबित हो सकेगा अगर परीक्षण बेतरतीब (Random) परीक्षण पर भरोसा कर रहे हैं, जिसका अर्थ केवल उन लोगों से है, जो बीमारी के लक्षण दिखा रहे हैं अथवा जो पहले से संक्रमित व्यक्ति के करीबी संपर्क हैं, केवल उनका ही परीक्षण किया जा रहा है। अधिक बेतरतीब परीक्षण में बदलाव से पॉजिटिविटी दर में गिरावट आ सकती है, क्योंकि लक्षित परीक्षण में अब तक अधिक से अधिक लोगों के पॉजटिव होने की संभावना है।

भारत में पाजिटिव दर में गिरावट का एक अन्य कारण यह हो सकता है?
जैसा कि सीरो सर्व में दिखाया गया कि पाजिटिव दर में गिरावट का एक अन्य कारण यह हो सकता है कि बड़ी संख्या में लोग पहले ही वायरस से संक्रमित हो चुके हैं, उनके बारे में कभी भी पता नहीं चल पाया है। जैसे-जैसे यह संख्या बढ़ती जा रही है, और कुछ जगहों पर यह लगता है कि 50 फीसदी आबादी से आगे निकल गई है, पॉजिटिव दर में कमी आने की संभावना है, क्योंकि इनमें से कुछ पहले से संक्रमित लोगों को भी परीक्षणों में शामिल किया जा सकता है, जिनका टेस्ट निगेटिव आया।

पॉजिटिव दर में गिरावट नए संक्रमण की संख्या में ठहराव से संभव हुआ
पॉजिटिव दर में यह गिरावट हर दिन सामने आ रहे नए संक्रमण की संख्या में ठहराव से समझा जा सकता है। उदाहरण के लिए, पिछले
8 दिनों में नए मामले 50,000 पर बना हुआ है, जबकि इससे पहले 60,000 से अधिक नए मामले आ रहे थे। इसी तरह एक सप्ताह में 30,000 और 40,000 मामले सामने आते थे।

पॉजिटिव दर में गिरावट ऐसे समय में आई है जब टेस्टिंग में वृद्धि हुई है
पॉजिटिव दर में गिरावट ऐसे समय में आई है जब हर दिन किए जाने वाले परीक्षणों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है। अगस्त के पहले सप्ताह में संक्रमित मामलों की दैनिक नए मामलों की संख्या 60,000 के पार हो गई थी, जब हर दिन लगभग 6.5 लाख नमूनों का परीक्षण किया जा रहा था, जबकि वर्तमान में हर दिन लगभग 8.5 लाख परीक्षण किए जा रहे हैं।

आमतौर पर अधिक टेस्टिंग के फलस्वरूप अधिक पॉजिटिव केस मिलते हैं
आमतौर पर परीक्षणों की अधिक संख्या के परिणामस्वरूप अधिक पॉजिटिव मामलों का पता लगता है। तथ्य यह है कि लगातार 60,000 दैनिक नए मामलों के रेंज में नए अवरोध अपेक्षाकृत स्थिर बना हुआ है, यह भी इसी प्रवृत्ति की ओर इशारा करता है, कि बीमारी का प्रसार धीमा हो सकता है।

क्या भारतीय आबादी में संक्रमण का स्तर एक ऐसे चरण में पहुंच गया है?
इन रुझानों से इस बात पर चर्चा शुरू हो सकती है कि क्या भारतीय आबादी में संक्रमण का स्तर एक ऐसे चरण में पहुंच गया है जहां से वायरस का आगे संचरण धीमा होने लगेगा। हाल ही में पुणे में हुए सीरो सर्वे में 51 फीसदी से ज्यादा लोग पहले से ही बीमारी से ग्रसित पाए गए।

बीमारी का प्रसार उच्च होता है, तो लोग संक्रमित से असंक्रमित हो जाते हैं
कहते हैं कि जब बीमारी का प्रसार उस स्तर तक पहुंच जाता है, तो ऐसे और भी लोग होते हैं जो संक्रमित से असंक्रमित हो जाते हैं। यह ठीक उसी तरह है जिस तरह से झुंड प्रतिरक्षा काम करती है।

भारत में कोरोना संक्रमितों की संख्या को 27.67 लाख पहुंच गई है
मंगलवार को देश भर में 64,000 से अधिक नए मामलों का पता चला, जिससे भारत में संक्रमितों की संख्या को 27.67 लाख पहुंच गई है। इनमें से 20 लाख से अधिक लगभग 73.6 फीसदी बीमारी से उबर चुके हैं, जबकि मरने वालों की संख्या 53,000 के करीब पहुंच गई है। अकेले मंगलवार को 1,000 से अधिक मौतें हुईं हैं।












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