'भारत का उत्थान जरुरी, वरना...', गीता भक्ति अमृत महोत्सव में पहुंचे RSS चीफ मोहन भागवत ने क्या कहा?
संत स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज की 75वीं जयंती के उपलक्ष्य में 7 दिवसीय गीता भक्ति अमृत महोत्सव का आयोजन महाराष्ट्र के पुणे में किया गया है। यह आयोजन रविवार, 4 फरवरी को देश के प्रमुख संतों और बुद्धिजीवियों की उपस्थिति में शुरू हुआ।
स्वामी गोविंद देव गिरि महाराज की 75वीं जयंती मनाने के लिए आयोजित 7 दिवसीय गीता भक्ति अमृत महोत्सव के उद्घाटन पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि भारत का उत्थान जरुरी है। राम मंदिर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि रामलला को उनका स्थान मिलना इस पीढ़ी का सौभाग्य है।

उन्होंने कहा, "भारत को बड़ा बनना होगा क्योंकि दुनिया को इसकी जरूरत है। अगर किसी कारणवश भारत ऐसा करने में सक्षम नहीं हो पाता है तो विश्व को शीघ्र ही विनाश का सामना करना पड़ेगा... यह बात दुनिया के जानकार लोग जानते हैं। वे यही कह और लिख रहे हैं... भारत के पास सभी वेदों और पुराणों के रूप में सारा ज्ञान और विवेक है..."
भागवत ने कहा, "अविश्वास और उग्रवाद की दीवार को तोड़ने के लिए हमें एक समान भारत और एक समान मानवता का निर्माण करना होगा... इससे दुनिया फिर से समृद्ध होगी। यह हमारा कर्तव्य है और हम इससे भाग नहीं सकते..."
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आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने आगे कहा, ''22 जनवरी को रामलला आए थे। बड़े प्रयास हुए, लगातार संघर्ष हुआ। लेकिन इस पीढ़ी का सौभाग्य था कि रामलला अपनी जगह पर खड़े हैं...ये भगवान की कृपा थी जो हम पर बरसी है..."
70,000 वर्ग फुट के विशाल क्षेत्र में फैला यह दिव्य आयोजन 150 से अधिक सुरक्षा कैमरों और गार्डों द्वारा समर्थित है, जो सभी प्रतिभागियों की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करता है। इसके अतिरिक्त, 6,000 व्यक्तियों की एक मंडली ने सामूहिक रूप से हरि पथ की शुरुआत की है, जो एक आध्यात्मिक अभ्यास है जिसका समापन 11 फरवरी को इस महोत्सव के अंतिम दिन होगा।
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