Gambhira Bridge Collapse: 13 जानों को चुकानी पड़ी टोल बचाने की कीमत! वडोदरा पुल हादसे के खुल रहे राज
Gambhira Bridge Collapse: गुजरात के वडोदरा में बुधवार को एक बड़ा हादसा हुआ। करीब 40 साल पुराने एक पुल का एक हिस्सा अचानक ढह गया और उस पर चल रहे कई वाहन सीधे नदी में गिर गए। हादसे में अबतक 13 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। बताया जा रहा है कि यह पुल काफी समय से जर्जर हालत में था, लेकिन इसके बावजूद उस पर भारी वाहनों की आवाजाही जारी थी।
इस पूल से आने जाने की वजह थी टोल टैक्स बचाना और 30-35 किलोमीटर की दूरी कम करना। स्थानीय लोगों ने कई बार पुल की हालत पर चिंता जताई थी और प्रशासन को चेताया भी था, लेकिन समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। नतीजतन, इस दर्दनाक हादसे में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग अब भी लापता हैं। हादसे के बाद राज्य सरकार ने जांच के आदेश दे दिए हैं, लेकिन बड़ा सवाल यही है कि जब खतरे के संकेत पहले से मौजूद थे, तो कार्रवाई क्यों टाली गई?

टोल बचाने के लिए हो रहा था इस्तेमाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि भारी मालवाहक वाहन टोल टैक्स बचाने के लिए इस पुराने पुल का इस्तेमाल कर रहे थे। मुंबई-अहमदाबाद हाईवे पर लगने वाले टोल से बचने के लिए वाहन चालक वडोदरा और आणंद जिले को जोड़ने वाले इस छोटे पुल का रास्ता पकड़ते थे। इससे उन्हें 30 से 35 किलोमीटर की दूरी भी कम तय करनी पड़ती थी।
ये भी पढ़ें: Gambhira Bridge Collapse: पुल की जर्जर हालत को लेकर 9 दिन पहले इस शख्स ने किया था अगाह, देखें Viral Video
कई वाहनों के साथ गिरा पुल का हिस्सा
हादसे के वक्त पुल पर ट्रैफिक था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अचानक पुल का एक हिस्सा टूट गया और दो ट्रक, एक एसयूवी, एक पिकअप वैन और एक ऑटो रिक्शा नदी में गिर गए। एक टैंकर पुल के किनारे फंसा रह गया। राहत और बचाव कार्य जारी है।
लोगों ने पहले ही जताई थी चिंता
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल की हालत काफी समय से खराब थी और भारी वाहन गुजरते समय इसमें कंपन महसूस होती थी। बोरसाद गांव के एक निवासी देवेंद्र पटेल ने बताया, "हर बार जब कोई बड़ा वाहन गुजरता था, तो ऐसा लगता था जैसे पुल हिल रहा है। यह हादसा कभी भी हो सकता था।"
पहले से थी नए पुल की मांग
बामनगाम और आस-पास के इलाकों के लोगों की लंबे समय से मांग रही थी कि पुराने और बार-बार मरम्मत होते पुल को हटाकर नया पुल बनाया जाए। एक अधिकारी ने बताया कि सरकार ने नवंबर 2024 में 217 करोड़ रुपये की लागत से नए पुल के निर्माण को मंजूरी दी थी, लेकिन काम अभी शुरू नहीं हो पाया था।
मुख्यमंत्री ने दिए जांच के आदेश
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने हादसे को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं। सरकार यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हादसे की असली वजह क्या रही। शुरुआती तौर पर सामने आया है कि लगातार भारी वाहनों के दबाव के कारण पुल की स्थिति और कमजोर हो गई थी।
लापरवाही के सवालों के घेरे में प्रशासन
इस हादसे ने प्रशासन की लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब पुल की हालत खराब थी और स्थानीय लोग पहले ही अपनी चिंता जता चुके थे, तो समय रहते इसकी मरम्मत या यातायात पर रोक क्यों नहीं लगाई गई? अब प्रशासन पर जिम्मेदारी तय करने का दबाव बढ़ रहा है।
लोगों की मांग, जल्द बने नया पुल
हादसे के बाद स्थानीय लोग एक ही बात कह रहे हैं कि अब और देर नहीं होनी चाहिए। पुराना पुल हटाकर जल्द से जल्द नया और मजबूत पुल बनाया जाए ताकि लोगों की जान खतरे में न रहे। हादसा एक चेतावनी है जिसे अब नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
ये भी पढ़ें: Vadodara Bridge Collapse: गुजरात के वडोदरा में बड़ा पुल हादसा, चलती गाड़ियां पुल से नीचे गिरीं, 10 शव बरामद












Click it and Unblock the Notifications