Gambhira Bridge Collapse: पुल की जर्जर हालत को लेकर 9 दिन पहले इस शख्स ने किया था अगाह, देखें Viral Video
Gambhira Bridge Collapse: गुजरात के वडोदरा जिले में बुधवार को बड़ा हादसा हुआ जिसकी तस्वीरों और वीडियो ने रोंगटे खड़े कर दिए हैं। गुजरात के आणंद और वडोदरा को जोड़ने वाला 40 साल पुराना गंभीरा पुल बुधवार को ढह गया। इस हादसे में पुल पर चल रहे ट्रक समेत कई वाहन तेज बहाव महिसागर नदी में गिर गए। इस पुल हादसे में कम से कम 10 लोगों की मौत और 10 से अधिक लोगों के घायल हो गए।
गंभीरा पुल हादसे के बाद सोशल मीडिया पर स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के वीडियो वायरल हो रहे हैं। जिसमें पुल की जर्जर हालत को उजागर कर सरकार को ऐसे बड़े हादसे के लिए अगाह किया जा रहा था लेकिन बार-बार चेतावनी के बावजूद लापरवाह सरकार सोती रही, शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। यदि सरकार समय रहते चेत गई होती, तो गंभीरा पुल पर हुआ हादसा टल सकता था।

सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल हो रहा है उसे कथित तौर पर नौ दिन पहले एक पत्रकार ने न्यूज रिपोर्ट बनाई थी, जिसमें पुल की जर्जर हालत की ओर ध्यान आकर्षित किया गया था। रिपोर्ट में उन्होंने कहा है कि हर साल मानसून के दौरान वडोदरा और आणंद जिलों को जोड़ने वाला यह पुल गड्ढों से भर जाता है। वहीं वीडियो दूसरे मीडिया रिपोर्टर का है, जो कथित तौर पर इस साल अप्रैल में एक स्थानीय पत्रकार द्वारा रिकॉर्ड की गई थी, में पुल में बड़ी दरारें दिखाई गई हैं।
वीडियो देख कर लोगों का फूटा गुस्सा
इन वीडियो ने लोगों के गुस्से को और बढ़ा दिया है, जो पहले से ही अधिकारियों की निष्क्रियता से नाराज हैं। वायरल वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए, एक यूजर ने गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को टैग करते हुए लिखा, "यह आपराधिक लापरवाही है। यह गैर इरादतन हत्या का मामला है। जो लोग जिम्मेदार हैं उन्हें बर्खास्त किया जाना चाहिए और उन पर आरोप लगाया जाना चाहिए। लेकिन क्या ऐसा होगा?"
कुछ नहीं होगा। क्योंकि यह भारत है
परिणामों से बचने वाले जवाबदेह अधिकारियों पर संदेह करते हुए, एक अन्य यूजर ने लिखा, "बाबुओं (नौकरशाहों) और सरकार द्वारा अक्षम्य विफलता। लेकिन उनका कुछ नहीं होगा। क्योंकि यह भारत है।"
बीते सात वर्षो से अधिकारियों को दी जा रही थी अप्लीकेशन
पुल के ढहने के बाद, पास के मुजपुर के ग्रामीण बचाव प्रयासों में सहायता करने के लिए घटनास्थल पर पहुंचे। एक स्थानीय निवासी जशपालसिंह पडियार ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि पिछले छह से सात वर्षों में अधिकारियों को कई अप्लीकेशन दी गई थीं, जिसमें एक नए पुल के निर्माण का आग्रह किया गया था, लेकिन इन दलीलों पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। यह घटना एक टाइम बम था।"
आखिरी बार कब हुई थी गंभीरा पुल की मरम्मत?
स्थानीय लोगों के अनुसार ये महिसागर नदी पर ये पुल 40 साल पहले 1981 में बनकर तैयार हुआ था और चार साल बाद 1985 में अवागमन के लिए खोला गया था। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार आखिरी बार इसककी मरम्मत का कार्य 2019-20 में हुआ था, जिसमें करीब 1.75 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे।












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