EPFO की ब्याज दर में हुई कटौती पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की सफाई, कहा अन्य स्कीम से अभी भी बेहतर

नई दिल्ली, मार्च 21। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्यसभा में केंद्र सरकार के उस फैसले पर सफाई दी, जिसमें EPFO ब्याज दर में कटौती का प्रस्ताव रखा गया है। निर्मला सीतारमण ने ईपीएफ पर प्रस्तावित 8.1 प्रतिशत ब्याज दर को लेकर कहा कि ईपीएफओ के सेंट्रल बोर्ड ने मौजूदा समय की वास्तविकताओं को देखते हुए यह कटौती का फैसला किया है वित्त मंत्री ने कहा कि अभी भी EPFO का ब्याज दर अन्य छोटी बचत योजनाओं पर मिलने वाली ब्याज दरों से बेहतर है।

Finance minister nirmala sitharaman

Recommended Video

    Jammu & Kashmir Budget 2022: Nirmala Sitharaman ने Lok Sabha में पेश किया बजट | वनइंडिया हिंदी

    निर्मला सीतारमण ने कहा कि 40 साल से ईपीएफओ ब्याज दर में कटौती नहीं की गई थी, लेकिन आज की वास्तविकताएं काफी अलग हैं और इसीलिए EPFO के केंद्रीय बोर्ड द्वारा यह निर्णय लिया गया है। हालांकि अभी वित्त मंत्रालय से इस निर्णय पर मंजूरी आना बाकी है। निर्मला सीतारमण ने कहा कि ईपीएफओ का एक केंद्रीय बोर्ड होता है जो यह तय करता है कि उन्हें क्या ब्याज दर रखना है। काफी समय से ब्याज दर नहीं बदली थी, इसीलिए अब बोर्ड ने 8.4 से दर को घटाकर 8.1 रखा है।

    निर्मला सीतारमण ने कहा कि ईपीएफओ के सेंट्रल बोर्ड ने जो निर्णय लिया है उसमें सरकार के किसी प्रतिनिधि का कोई हिस्सा नहीं है। यह निर्णय बोर्ड की एक बैठक में EPFO के ही प्रतिनिधियों के द्वारा लिया गया है।

    वित्त मंत्री ने कहा कि ईपीएफओ ने ब्याज दर को 8.1 प्रतिशत रखने का प्रस्ताव रखा है, जबकि सुकन्या समृद्धि योजना पर (7.6 प्रतिशत), वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (7.4 प्रतिशत) और पीपीएफ पर (7.1 प्रतिशत) का रिटर्न मिलता है। उन्होंने कहा कि EPFO के सेंट्रल बोर्ड की ओर से लिया गया यह निर्णय LIC के मूल्यांकन के बाद लिया गया है।

    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+