Maharashtra: मोहन भागवत और देवेंद्र फडणवीस के बीच देर रात एक घंटे तक चली बैठक
नई दिल्ली। महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर खींचतान के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने मंगलवार को आरएसएस चीफ मोहन भागवत से मुलाकात की है। दोनों के बीच देर रात तकरीबन एक घंटे तक मुलाकात चली। यह बैठक इसलिए भी काफी अहम है क्योंकि महाराष्ट्र सरकार का कार्यकाल 8 नवंबर को खत्म हो रहा है, ऐसे में नई सरकार का गठन मौजूदा सरकार के कार्यकाल के खत्म होने से पहले जरूरी है। माना जा रहा है कि शिवसेना और भाजपा के बीच सरकार बनाने को लेकर चल रहे गतिरोध को खत्म करने के लिए यह बैठक की गई है।

सीएम पद को लेकर बना हुआ है विवाद
पिछेल कई दिनों से भाजपा और शिवसेना के बीच लगातार नूराकुश्ती चल रही है। शिवसेना और भारतीय जनता पार्टी दोनों ही मुख्यमंत्री की कुर्सी से समझौता नहीं करना चाहते हैं। एक तरफ जहां शिवसेना इस बात पर अड़ी है कि वह मुख्यमंत्री की कुर्सी को किसी भी सूरत में नहीं छोड़ेगी तो भाजपा ने साफ कर दिया है कि वह मुख्यमंत्री का पद शिवसेना को नहीं देगी। शिवसेना की मांग है कि प्रदेश में दोनों ही दलों का सीएम 2.5 वर्ष के लिए हो, जिसे भाजपा ने खारिज कर दिया है।
शिवसेना की जिद
शिवसेना के नेता संजय राउत ने दावा किया है कि हम सरकार बनाने के लिए एसीपी के साथ संपर्क में हैं, लेकिन महाराष्ट्र के अगले सीएम शरद पवार नहीं होंगे, बल्कि प्रदेश का मुख्यमंत्री शिवसेना का होगा। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की राजनीति बदल रही है और महाराष्ट्र का अघला मुख्यमंत्री शिवसेना का होगा। न्याय की हमारी लड़ाई में हम जीतेंगे।
महाराष्ट्र का फैसला महाराष्ट्र में होगा
संजय राउत ने कहा कि महाराष्ट्र के अगले मुख्यमंत्री का फैसला महाराष्ट्र में ही लिया जाएगा। साथ ही उन्होंने इस बात को साफ किया है कि शरद पवार प्रदेश के मुख्यमंत्री नहीं होंगे। मैंने शरद पवार से बात की है। मैं झूठ नहीं बोलूंगा, यह कोई अपराध नहीं है। कई अन्य राजनीतिक दल भी हैं जो शरद पवार के संपर्क में हैं। राउत ने कहा कि शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे प्रदेश में एक स्थिर सरकार चाहते हैं, इसीलिए हमने राज्यपाल से मुलाकात की थी और उन्हें इस बात की जानकारी दी कि प्रदेश में क्या हो रहा है।












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