सौतेले बेटे को मारने वाली महिला की उम्रकैद हाईकोर्ट ने की निलंबित, कहा- समाज सेवा करो
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने एक महिला की उम्रकैद की सजा को निलंबित करते हुए कहा है कि उसे अब एनजीओ के साथ जुड़कर समाजसेवा करनी होगी। महिला को 2018 में अपने सौतेले बेटे की हत्या के मामले में दोषी पाई गई थी और उसे उम्रकैद की सजा हुई थी। अब हाइकोर्ट ने उसको राहत दी है। अदालत ने उसकी सजा को सस्पेंड करते हुए कहा है कि उसको समाज सेवा काम करना होगा।

अदालत ने महिला को दिल्ली के पहल नाम के एनजीओ के साथ जुड़कर काम करने को कहा है। कोर्ट ने एनजीओ को महिला को उसके काम के लिए मेहनताना देने को भी कहा है। सात ही महिला को कहा है कि वो हर चार महीने के बाद जांच अधिकारी को रिपोर्ट देंगी। इसके साथ-साथ महिला को फोन पर उपलब्ध रहने और महीने में एक बार अपनी लोकेशन जांच अधिकारी को दर्ज कराने को भी कहा है।
अदालत ने कहा है कि अगर ऐसा पाया जाता है कि महिला समाज सेवा के काम में नहीं है तो राज्य उसको जो छूट मिली है, उसके खिलाफ अदालत में अपील कर सकत है। कोर्ट ने इस फैसले को देते हुए कहा कि एक ओर अपीलकर्ता को अपने ही सात साल के सौतेले बेटे की हत्या के गंभीर और जघन्य अपराध का दोषी पाया गया है, वहीं दूसरी ये भी पाया गया कि बच्चा देखभाल और अपनी मां की कमी के चलते काफी परेशान था। अपीलकर्ता का परिवार गरीब है और बच्चे के पिता रिक्शा चालक के रूप में काम करता है, और दिन भर काम करता है। इसे देखते हुए भी ये फैसला लिया है।












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