पेगासस मामले की जांच समिति में शामिल होने से कई लोगों ने किया इनकार, चिदंबरम बोले- इससे दुखी हूं
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने गुरुवार को कहा कि वह इस बात से बेहद दुखी हैं कि कई लोगों ने पेगासस जासूसी मामले की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित की गई समिति का हिस्सा बनने से विनम्रतापूर्वक इनकार कर दिया।
नई दिल्ली, 28 अक्टूबर। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने गुरुवार को कहा कि वह इस बात से बेहद दुखी हैं कि कई लोगों ने पेगासस जासूसी मामले की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित की गई समिति का हिस्सा बनने से विनम्रतापूर्वक इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि यह इस बात को दर्शाता है कि यहां लोग महात्मा गांधी के इस कथन से कितनी दूर जा चुके हैं कि भारतीय नागरिकों को अपने शासकों से डरना नहीं चाहिए।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने इजराइली स्पाईवेयर पेगासस के जरिए भारत के कुछ लोगों की कथित जासूसी किए जाने के आरोपों की जांच के लिए बुधवार को विशेषज्ञों की तीन सदस्यीय समिति का गठन किया था। उच्चतम न्यायालय ने कहा कि प्रत्येक नागरिक को निजता के उल्लंघन से सुरक्षा प्रदान करना जरूरी है और सरकार द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा की दुहाई देने मात्र से न्यायालय मूक दर्शक नहीं बना रह सकता।
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कांग्रेस नेता चिदंबरम ने ट्वीट कर कहा कि मैं इस बात से बेहद दुखी हूं कि सुप्रीम कोर्ट ने पेगासस मामले की जांच के लिए जिस समिति का गठन किया था, कुछ लोगों ने उसका हिस्सा बनने ने विनम्रतापूर्वक मना कर दिया। उन्होंने पूछा कि क्या कोई कर्तव्यनिष्ठ नागरिक सर्वोच्च राष्ट्रीय हित के मामले में सर्वोच्च न्यायालय के अनुरोध को अस्वीकार कर सकता है। वहीं नागरिकों की निजता के अधिकार की रक्षा के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के इस महत्वपूर्ण फैसले का कानूनी विशेषज्ञों ने स्वागत किया। बता दें कि मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि कानून के शासन द्वारा शासित लोकतांत्रिक देश में केवल इस बिनाह पर व्यक्ति की अंधाधुंध जासूसी की अनुमति नहीं दी जा सकती कि जासूसी की प्रक्रिया में कानूनी प्रक्रिया का पालन किया गया।












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