जानिए, कब और कैसे खुलेंगे स्कूल्स, महामारी में परीक्षा तक नहीं करवा पा रहे हैं परीक्षा बोर्ड?
नई दिल्ली। कोरोनावायरस महामारी संकट के बीच स्कूलों को खोलने और छात्रों और नौनिहालों को स्कूलों में भेजने को लेकर सरकार और अभिभावक दोनों के बीच असमंजस स्थिति बनी हुई है। कोरोनावायरस संकट के बीच गत 19 मार्च से स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटीज बंद है और इस बीच होने वाले 10वीं, 12वीं बोर्ड परीक्षाओं समेत आईआईटी, विश्वविद्यालयों की परीक्षाएं भी स्थगित कर दी गई, लेकिन स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटीज को खोलने का माकूल समय कब आएगा, इसको लेकर मानव संसाधन मंत्रालय भी युद्धस्तर पर योजना तैयार करने में जुटी हुईं है।

महत्वपूर्ण मुद्दा यह है कि स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटीज को दोबारा खोलने के लिए कोरोनावायरस के संचरण से निपटने के संभावित उपाय जरूरी है, लेकिन अभी तक कोरोनावायरस निवारक कोई वैक्सीन और दवा वजूद में नहीं आने से संक्रमण का खतरा जस का तस बना हुआ। पारंपरिक रूप से स्कूल्स, कॉलेजेज और यूनिवर्सिटीज में सत्र की शुरूआत नामुमकिन ही है, क्योंकि कोरोनावायरस का प्रसार इन दिनों तेजी से पूरे देश में फैल रहा है, जिसकी चपेट में अब तक भारत में करीब 5 लाख आ चुके है और 15 हजार के करीब लोगों की मौत भी हो चुकी है।

यही कारण है कि कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए स्कूलों, कॉलजेज और यूनिवर्सिटीज के खुलने को लेकर संशय बना हुआ है। मानव संसाधन मंत्रालय भी कोरोना संचरण को लेकर काफी गंभीर है और पारंपरिक शिक्षण के बजाय ऑनलॉइन शिक्षा खासकर 6 वर्ष से छोटे बच्चों के लिए अनिवार्य करने की सोच रही है, क्योंकि छोटे बच्चों को कोरोनावायरस से जुड़े सुरक्षा उपायों का समझाना और उसके अमल करवा पाना टेढ़ी खीर साबित हो सकता है। सवाल फिर जस का तस हुआ है कि कब और कैसे स्कूलों, कॉलेजेज और यूनिवर्सटीज को खोला जाएगा।

केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय स्कूलों और कॉलजेज स्तर पर ऑनलाइन पढ़ाई फिलहाल शुरू करने की तैयारी में है, जिसको लेकर मंत्रालय के भीतर जोरदार तरीके से तैयारियां भी चल रही है। ऐसी सूचना है कि स्कूलों के लिए एक क्लास- एक चैनल की प्रस्तावित योजना के तहत 12 नए टीवी चैनलों को भी जून अंत तक शुरू किया जा सकता है। इसके साथ ही दूसरे अन्य माध्यमों से भी छात्रों को घर बैठे ही पढ़ाई शुरू कराने की तैयारी चल रही है, क्योंकि 19 मार्च से बंद अधिकांश स्कूलों की गर्मी की छुट्टियां 30 जून को खत्म होने वाली है।

केंद्रीय विद्यालय संगठन के स्कूलों की छुट्टियां जहां 19 जून को खत्म हो रही है, वहीं ज्यादातर राज्यों के स्कूलों की छुट्टियां भी 30 जून तक खत्म हो रही है। गर्मी की छुट्टियों के आधिकारिक रूप से खत्म होने के मद्देनजर मंत्रालय ने ऑनलाइन पढ़ाने की तैयारी कर ली हैं, लेकिन स्कूलों में पढ़ने बच्चे कब जा सकेंगे, इसको लेकर अभी तक कोई गाइडलाइन नहीं जारी की गई है।

हालांकि ऑनलाइन स्कूलों के लिए प्रस्तावित 12 नए टीवी चैनलों को अब जून अंत तक शुरू करने की योजना बनाई गई है और एनसीईआरटी और केंद्रीय विद्यालय संगठन दोनों को ही जल्द से जल्द इससे जुड़ी अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने को कहा गया है।

सीबीएसई और आईसीएसई परीक्षाए रद्द करने का फैसला किया
देश में कोरोनावायरस के लगातार बढ़ते मामले को देखते हुए सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला किया है। सीबीएसई बोर्ड ने 1 जुलाई से 15 जुलाई के बीच होने वाली 12वीं की बोर्ड परीक्षा रद्द कर दी हैं। जिन विषयों की परीक्षा नहीं हुई है उसके लिए योजना तैयार की गई है। वहीं, ICSE बोर्ड की परीक्षा भी रद्द करने पर सहमत हैं। दरअसल, महाराष्ट्र राज्य ने बॉम्बे HC को बताया है कि वे परीक्षा आयोजित नहीं कर सकते. इसलिए अब ICSE बोर्ड की परीक्षाएं भी रद्द कर दी गई है।

पैरेंट्स ने बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट में दी याचिका
दरअसल, सीबीएसई बोर्ड छात्रों की बची परीक्षाएं 1 से 15 जुलाई के बीच कराने पर अमादा था, लेकिन बोर्ड के फैसले से पैरेंट्स खुश नहीं थे और उन्होंने बोर्ड के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए और एग्जाम रद्द कराने की मांग की। पैरेंट्स की इस याचिका में कहा गया था कि कोरोनावायरस का खतरा हर तरफ बढ़ रहा है, ऐसे में एग्जाम होने पर बच्चों की सुरक्षा खतरे में है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए सीबीएसई के फैसले को रद्द किया जाए। पैरेंट्स के अलावा दिल्ली सरकार ने भी परीक्षा रद्द कराने की मांग की थी।

जून अंत तक शुरु हो सकते है 12 नए स्कूली चैनल: HRD मंत्रायल
गर्मी की छुट्टियां खत्म होने के मद्देनजर और कोरोना काल में स्कूलों को खोलने के जोखिम को देखते हुए मानव संसाधन मंत्रालय ने छात्रों के लिए प्रस्तावित 12 टीवी चैनल के लिए समय पर अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने के लिए हाल में एनसीईआरटी ने रोटरी इंडिया के साथ एक करार किया है। इसके तहत रोटरी इंडिया ई-कंटेट तैयार करने का काम करेगी। जो एनसीईआरटी की मंजूरी के बाद टीवी चैनल पर प्रसारित की जाएगी। स्कूलों के प्रस्तावित सभी 12 चैनल 24 घंटे संचालित होंगे।

स्कूली चैनल्स में हर दिन 6 घंटे की अध्ययन सामग्री उपलब्ध होगी
प्रस्तावित चैनल में छात्रों के लिए हर दिन छह घंटे की ही नई अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। जो दिन में तीन बार रिपीट की जाएगी। ताकि कोई भी छात्र यदि उस समय अपना पाठ्य सामग्री टीवी पर पढ़ने से चूक गया हो, तो वह बाद में उसे पढ़ सकता है। इसके साथ ही जिन छात्रों के पास इंटरनेट या मोबाइल उपलब्ध है, उन्हें दूसरे वैकल्पिक माध्यमों से भी यानी यूट्यूब, फेसबुक, गूगल क्लास आदि के जरिए भी पढ़ाने की योजना तैयार की गई है।

ऑनलाइन स्कूल के लिए तैयार की गईं NCERT, UGC टास्कफोर्स
भारत के प्राथमिक स्तर से लेकर विश्वविद्यालय तक 33 करोड़ से अधिक छात्रों को ऑनलाइन पाठ्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए मानव संसाधन मंत्रालय ने UGC और NCERT टास्क फोर्स की मदद लेगी, जो शिक्षा को ऑनलाइन मोड में शिफ्ट करना ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने में बहुत उपयोगी है। उन्होंने दीक्षा, ई पाठशाला, स्वयम, आदि के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी है, जो इसके लिए एक सहायक मंच हैं।

स्कूल जब खुलेंगे तो इन नियमों का पालन करना होगा अनिवार्य
केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक द्वारा एक वेबिनार में पूछे गए सवाल पर कहा कि यह तो कहा नहीं जा सकता कि चीजें सामान्य कब होंगी, लेकिन जब भी स्कूल खुलेंगे तय दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा। इनमे सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क की अनिवार्यता के साथ-साथ स्कूलों में एसेम्बिलिंग जैसी चीजों की मनाही होगी।

30 से 40 फीसदी छात्रों की उपस्थिति के साथ खुलेंगे स्कूल
और पूरी संभावना है कि स्कूल जब खुलेंगे तो 30 से 40 फीसदी छात्रों को स्कूल आने की इजाजत होगी अथवा स्कूलों को शिफ्ट वाइज खोलने पर विचार किया जा सकता है। मंत्रालय के मुताबिक जब भी स्कूल खुलेंगे, उसके के लिए महामारी से जुड़े सुरक्षा उपायों को लागू करने के लिए एनसीईआरटी ने गाइडलाइन पर काम करना शुरू कर दिया है।

उच्च शिक्षा के लिए यूजीसी (UGC) ने एक टास्क फोर्स का गठन
उच्च शिक्षा के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानी यूजीसी (UGC) ने एक टास्क फोर्स का गठन किया है, जो कॉलेजों के लिए तौर-तरीकों पर काम कर रहा है और सुरक्षा उपायों के तरीके तय हो जाने के बाद ही कॉलेजों को दोबारा खोला जा सकेगा। कोरोनावायरस महामारी और लॉकडाउन के मद्देनजर विश्विविद्यालयों की परीक्षाओं और अकादमिक कैलेंडर को लेकर यूजीसी भी गाइडलाइन जारी कर चुका है। सरकार द्वारा इस मामले में एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया था जो कि मामले में सुझाव दे सके।

एनसीईआरटी ने पहले ही वैकल्पिक अकादमिक कैलेंडर जारी किया
एनसीईआरटी ने पहले ही प्राइमरी, उच्च प्राथमिक और हायर सेकेंडी कक्षाओं के लिए वैकल्पिक अकादमिक कैलेंडर जारी कर चुका है। वहीं, देश भर के स्कूलों में बच्चों को ऑनलाइन कक्षाओं के जरिए पढ़ाया जा रहा है, जहां डिजिटल पहल दीक्षा (DIKSHA) और निष्ठा (NISHTHA) के इस्तेमाल पर जोर दिया गया है। शिक्षक ऑनलाइन ट्रेनिंग के लिए इन डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर सकते हैं।

हरियाणा, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश ऐसे चलेंगे स्कूल
हरियाणा सरकार ने फैसला किया है कि कोरोनावायरस के खतरे के देखते हुए छात्रो को उनके घरों में जियो की मदद से घर बैठे ऑनलाइन शिक्षा दी जाएगी। वहीं, उत्तराखंड में हर ब्लॉक में दो इंग्लिश मीडियम स्कूल खोलने की योजना पर विचार किया जा रहा है और 12वीं तक की क्लास लगाई जा सकती है। जबकि मध्य प्रदेश में स्कूलों में ऑड-ईवेन फार्मूला लागू किया जा सकता है और उत्तर प्रदेश में तीन स्टेप में स्कूल खोलने को अमली जामा पहनाया जा सकता है, जहां दो शिफ्टों में छात्रों की क्लास लगाई जा सकती है।

चिकित्सकों के मुताबिक जुलाई में कोरोना चरम पर होगा
देश में लगातार कोरोनावायरस का संक्रमण बढ़ रहा है और रोजाना 10 हजार से अधिक नए मामले सामने आ रहे हैं। इसको देखते हुए चिकित्सकों ने स्कूलों को बंद रखने का आह्वान किया है, क्योंकि उनका मानना है कि महामारी जुलाई में यह अपने चरम पर होगा। इसलिए बच्चों भलाई के लिए जुलाई में स्कूल में बंद ही रखे जाएं। हालांकि अगस्त में पूरी सुरक्षा और मानकों का पालन करते हुए स्कूल खोलने पर सहमित जताई है और तब तक ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई कराई जाए।

कक्षा 10 से 12 तक के छात्रों के लिए स्कूल खुलना जरूरी
माना जाता है कि 10वीं से 12वीं तक के छात्रों के लिए जुलाई में स्कूल खुलना जरूरी है, क्योंकि इन छात्रों की पढ़ाई उनके भविष्य का प्रवेश द्वार होती हैं। सोशल डिस्टेंसिंग जैसे सुरक्षा के उपायों को अपनाकर 10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए स्कूल खोले जा सकते हैं, क्योंकि ऑनलाइन माध्यम से छात्र क्लास के अनुरूप कम ग्रहण कर पा रहे हैं।
-
Rajasthan Board Results Out: राजस्थान बोर्ड 10वीं और 5वीं का रिजल्ट जारी, रोल नंबर से कैसे देखें मार्कशीट? -
Bihar Board Result Out: आ गया बिहार बोर्ड 12वीं का रिजल्ट, फटाफट इस लिंक से करें चेक, ये रहा पूरा प्रोसेस -
Bihar Board Result: बिना इंटरनेट के भी देख सकते हैं इंटर रिजल्ट,SMS-DigiLocker से मार्क्स देखने का आसान तरीका -
Bihar Board Result: इंटरनेट के बिना ऐसे देख सकेंगे अपना रिजल्ट,ये है ऑफलाइन मार्क्स चेक करने का सबसे आसन तरीका -
Rajasthan Board Topper Prize: टॉपर्स की प्राइज मनी पर सरकार ने चलाई कैंची, 10वीं के छात्रों को अब क्या मिलेगा? -
RBSE 10th Result 2026: राजस्थान बोर्ड का रिजल्ट आज, वेबसाइट क्रैश होने पर SMS-DigiLocker से ऐसे देखें नतीजे -
Rajasthan Board Result: क्या है हमारी बेटियां योजना, जिससे लड़कियों को मिलेंगे 1.15 लाख? क्या है पूरा प्रोसेस? -
Monalisa की शादी के 8 दिन बाद ये क्या हो गया? मुस्लिम पति पर बड़ा खुलासा, डायरेक्टर के बयान से मचा हड़कंप -
Delhi Riots: जिसने पूरी जिंदगी ईर्ष्या की, उसी के निकाह में 6 साल जेल काटकर पहुंचे Sharjeel Imam, दूल्हा कौन? -
Iran Vs America War: अमेरिका ने किया सरेंडर! अचानक ईरान से युद्ध खत्म करने का किया ऐलान और फिर पलटे ट्रंप -
'मेरे साथ गलत किया', Monalisa की शादी मामले में नया मोड़, डायरेक्टर सनोज मिश्रा पर लगा सनसनीखेज आरोप -
Silver Rate Today: चांदी में हाहाकार! 13,606 रुपये की भारी गिरावट, 100 ग्राम से 1 किलो की कीमत जान लीजिए












Click it and Unblock the Notifications