Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

अडानी से EVM तक कांग्रेस को सहयोगियों से क्यों मिल रहा झटका? शरद पवार,उमर अब्दुल्ला ने इन मुद्दों पर छोड़ा साथ

अडानी मुद्दे पर संसद की कार्रवाही बाधित करने को लेकर तृणमूल कांग्रेस (TMC) और समाजवादी पार्टी (SP) पहले ही कांग्रेस से कन्नी काट चुकी थी। अब शरद पवार की एनसीपी (एसपी) ने भी इस मुद्दे पर मोदी सरकार को निशाना बनाने के कांग्रेस के स्टैंड से खुद को पीछे कर लिया है और जनता से जुड़े मुद्दों पर सदन में चर्चा करने की वकालत की है।

संसद के मौजूदा शीतकालीन सत्र में कांग्रेस पार्टी ने अडानी मुद्दे पर संसद में काफी हंगामा खड़ा करने की कोशिश की है। सदन के अंदर और बाहर दोनों ही जगह पार्टी और इंडिया ब्लॉक में शामिल उसकी कुछ सहयोगी पार्टियां उसके साथ प्रदर्शन में हिस्सा ले रही हैं। लेकिन, टीएमसी और सपा जैसी विपक्ष की बड़ी पार्टियों ने कांग्रेस का समर्थन नहीं देने का फैसला किया है।

india bloc

शरद पवार की पार्टी भी अडानी मुद्दे पर नहीं देगी कांग्रेस का साथ
शरद पवार की पार्टी एनसीपी (एसपी) के लोकसभा सांसद अमोल कोल्हे ने कहा है कि एक उद्योगपति और राजनेता के संबंधों को लेकर उलझे रहने की जरूरत नहीं है। अमेरिका में एक मामले में उद्योगपति गौतम अडानी का नाम आने के बाद से कांग्रेस ने इस मसले पर बहुत बड़ा सियासी बवाल खड़ा करने की कोशिश की है।

इसे भी पढ़ें- Maharashtra: मुस्लिम वोट बैंक से दूरी बनाएंगें उद्धव! BMC चुनाव से पहले कैसे बदली शिवसेना (यूबीटी) की रणनीति?

लेकिन, शरद पवार की पार्टी के सांसद ने सदन में कहा, 'मुझे लगता है कि किसानों,युवाओं और आम जनता के मु्द्दों को उठाना और इनका समाधान होते देखना ज्यादा महत्वपूर्ण है।' महाराष्ट्र के शिरुर से एनसीपी (एसपी)सांसद ने कहा कि उनकी पार्टी राजनीतिक नारेबाजी की जगह मूल मुद्दों पर बहस और चर्चा चाहती है। उन्होंने कहा कि 'इसे सत्ताधारी दल और विपक्ष दोनों की ओर से ही सुनिश्चित किया जाना चाहिए।'

सपा और टीएमसी पहले ही छोड़ चुकी हैं साथ
जब कोल्हे अपनी पार्टी का पक्ष रख रहे थे, तो बारामती से एनसीपी (एसपी) की सांसद और शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले उनके बगल में ही बैठी थीं और उनके समर्थन में सिर हिला रही थीं। तृणमूल और सपा पहले ही अडानी मुद्दे को उठाने की कांग्रेस की जिद पर चिंता जता चुकी हैं। माना जा रहा है कि सहयोगियों से मिल रहे इसी झटके की वजह से अब कांग्रेस ने सदन के बाहर प्रदर्शन करना शुरू किया है।

ईवीएम पर उमर अब्दुल्ला ने कांग्रेस को दिखाया आईना
जहां अडानी के मुद्दे पर इंडिया ब्लॉक की तीन बड़ी पार्टियां कांग्रेस का साथ छोड़ चुकी हैं, वहीं अब ईवीएम पर भी उसे सहयोगी दल ने ही आईना दिखाना शुरू कर दिया है। जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में कहा है, 'जब उसी ईवीएम के इस्तेमाल से आपको संसद में सौ से ज्यादा सीटें मिलती हैं तो आप उसे अपनी पार्टी की जीत बताकर जश्न मनाते हैं, फिर कुछ ही महीनों बाद आप पलटकर यह नहीं कह सकते....हम अब इस ईवीएम को पसंद नहीं करते, क्योंकि चुनाव के परिणाम वैसे नहीं आए, जैसी हमें उम्मीद थी...'

उमर ने तो यहां तक कह दिया है कि जिन दलों को वोटिंग मशीनों पर यकीन नहीं है, उन्हें चुनाव लड़ना ही नहीं चाहिए। जब उनसे सवाल किया गया कि विपक्ष खासकर कांग्रेस क्या ईवीएम के मुद्दे पर गलत है तो उन्होंने कहा, 'अगर आपको ईवीएम से समस्या है, तब आपको उससे निरंतर समस्या होनी चाहिए।'

इसे भी पढ़ें- 'गांधी परिवार ने ही मेरा राजनीतिक करियर बनाया और बिगाड़ा है', मणिशंकर अय्यर ने गांधी परिवार के खोले कई राज

कांग्रेस के नैरेटिव के सहयोगी ही खोल रहे हैं पोल!
लोकसभा चुनावों के बाद जिस तरह से इंडिया ब्लॉक कांग्रेस के पीछे एकजुट नजर आ रहा था, महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनावों के नतीजों ने इनकी एकजुटता की जड़ें हिला दी हैं। सबसे ज्यादा चुनौती कांग्रेस की बढ़ चुकी है, जिसके नेतृत्व को चुनौती तो दी ही जा रही है, उसकी ओर से सत्ताधारी बीजेपी की अगुवाई वाली एनडीए सरकार के खिलाफ सेट किए जा रहे नैरेटिव की पोल खोलने के लिए उसके सहयोगी ही आगे आने लगे हैं।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+