सीएम केसीआर बोले- तेलंगाना गठन का श्रेय कांग्रेस नहीं ले सकती
तेलंगाना विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी के नेता तेलंगाना राज्य के गठन का श्रेय लेने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं। वहीं बीआरएस अध्यक्ष और राज्य में मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने तेलंगाना गठन के श्रेय को लेकर कांग्रेस के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने अगाह किया कि कांग्रेस जो बीते 10 सलों से सत्ता से दूर है, वो एक भूखे भेड़िये की तरह है जो मासूम भेड़ों को खाने की फिराक में है।

रविवार को सूर्यापेट जिले के तुंगथुरथी में प्रजा आशीर्वाद सभा की सार्वजनिक बैठक में केसीआर ने कहा उनकी टीआरएस (वर्तमान बीआरएस) की स्थापना से पहले अगल तेलंगाना राज्य के बारे में किसी ने नहीं बात की और अगर किसी ने इस मुद्दे को उठाया तो उन्हें नक्सली या चरमपंथी करार देकर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया गया।
उन्होंने कहा वर्ष 2004 में टीआरएस यानी वर्तमान बीआरएस के साथ गठबंधन करके साथ में सत्ता में आई लेकिन हमें अलग तेलंगाना राज्य का सपना सकार होने में पूरे दस साल का समय लग गया। इसके साथ ही सीएम केसीआर ने याद दिलाया कि बीआरएस नेता अलग तेलंगाना राज्य के लिए जो आंदोलन किए थे, उसमें भाग लिए थे तब तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा दायर मामलों के कारण अभी भी अदालतों के चक्कर लगा रहे हैं।सूर्यपेट जिले में आयोजित सार्वजनिक बैठक को संबोधित करते हुए केसीआर ने भाजपा के चुनाव प्रचार के लिए यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ और कांग्रेस के प्रचार के लिए कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार के तेलंगाना दौरे पर सवाल उठाया।
उन्होंने कहा ये लोग किस क्षमता के आधार पर तेलंगाना पर टिप्पणी कर रहे हैं, जो धान के उत्पादन के मामले में पंजाब को पीछे छोड़ कर देश में नंबर एक बन गया है? इसके साथ ही केसीआर ने दावा कि यहां तक कि उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल से खेतिहर मजदूर भी धान की खेती के लिए तेलंगाना की ओर पलायन कर रहे हैं।
केसीआर ने कहा 10 साल से राज्य की सत्ता से दूर ये पार्टियां एक भूखे भेड़िये की तरह है जो मासूम भेड़ों को खाने की फिराक में है।
उन्होनें कहा कांग्रेस नेता राहुल गांधी से लेकर मल्लू भट्टी विक्रमार्क और टीपीसीसी अध्यक्ष रेवंत रेड्डी तक ने तेलंगाना सरकार द्वारा संचालित धरणी पोर्टल को बंद करने की कसम रखी है। ये राज्य के किसानों को दोबारा मुसीबत में घसीटने की तैयाारी है। केसीआर ने जनता का आह्वान किया कि ये लोगों को तय करना होगा कि तेलंगाना में विकास चाहते हैं या अपनी जमीन पर अधिकार छोड़ देना चाहते हैं।
राज्य गठन के बाद, बीआरएस ने पीने और सिंचाई की जरूरतों को पूरा किया, 24 घंटे बिजली उपलब्ध करवाई। इसके अलावा कई प्रोजेक्ट शुरू करवाए और उसे पूरा किया।












Click it and Unblock the Notifications