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सिक्किम सीमा पर चालबाजी के बाद चीन के अक्ल आए ठिकाने ? अब चिकनी-चुपड़ी बात

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नई दिल्ली- पिछले हफ्ते सिक्किम सीमा पर अपनी चालबाजी दिखाने के बाद चीन ने सोमवार को अचानक अपने सुर बदल लिए और इस बात की दुहाई देने की कोशिश की है कि दोनों देशों को कोरोना वायरस से साथ एकजुट होकर लड़ना चाहिए। इस दौरान चीन ने सिक्किम सीमा पर हुई घटनाओं को हल्का करने की कोशिश करते हुए कहा है कि दोनों देशों को शांति बहाल रखनी चाहिए और मतभेदों को मिलकर हल करना चाहिए। अब ये बात सामने नहीं हो पा रही है कि चीन के सुर नरम क्यों पड़े हैं या इसमें भी उसकी कोई नई चालबाजी छिपी हुई है। हालांकि, सिक्किम सीमा की घटनाओं के लिए उसने भारत पर ही आरोप लगाने की भी कोशिश नहीं छोड़ी है।

सीमा की घटना को भुलाया, कोरोना के नाम पर घुमाया

सीमा की घटना को भुलाया, कोरोना के नाम पर घुमाया

चीन के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को कहा है कि उसकी सेना हमेशा से सीमा पर शांति और धीरज रखने की कोशिश करती है यानि उसने पिछली घटनाओं के लिए भारत पर आरोप लगाने की कोशिश की है। हालांकि, उसने पिछले हफ्ते के अंत में उत्तरी सिक्किम की सीमा पर दोनों देशों के जवानों के बीच हुई झड़पों का कोई भी विस्तृत ब्योरा नहीं दिया है, जिसमें दोनों देशों के जवान जख्मी हो गए थे। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजिअन ने कहा है, 'चीनी सीमा पर तैनात जवान हमारी सीमाओं पर हमेशा शांति और धीरज बनाए रखते हैं। चीन और भारत के बीच हमारी सीमाओं को लेकर मौजूदा चैनलों के जरिए नजदीकी संवाद और समन्वय होती है।' उन्होंने सीमा की घटनाओं से ध्यान हटाने की कोशिशों के तौर पर कहा कि, 'यह साल हमारे कूटनीतिक संबंधों की 70वी वर्षगांठ के अवसर का है और दोनों देश कोविड-19 के खिलाफ मिलकर लड़ रहे हैं।'

आक्रामक कूटनीति के आरोपों से इनकार

आक्रामक कूटनीति के आरोपों से इनकार

चीन की सरकार के बयान से साफ जाहिर होता है कि वह बदली हुई परिस्थितियों में कोरोना वायरस का हवाला देकर भारत को फिर से झांसा देने की कोशिशों में जुट गया है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के मुताबिक, 'इन परिस्थितियों में दोनों को एक-दूसरे के साथ मिलकर का करना चाहिए, मतभेदों को अच्छे से दूर करना चाहिए, सीमा के इलाके में शांति और स्थायित्व निश्चित तौर पर बनाए रखना चाहिए, जिससे कि हमारे द्विपक्षीय संबंधों और कोविड-19 के खिलाफ साझा लड़ाई का माहौल पैदा हो सके। ' इस दौरान उन्होंने कोविड-19 से लड़ रहे देशों के साथ आक्रामक कूटनीति का रवैया अपनाने के आरोपों का खंडन किया। प्रवक्ता ने कहा कि 'इससे जुड़ी धारणा आधारहीन है।'

शनिवार को सिक्किम के नाकु ला में हुई थी झड़प

शनिवार को सिक्किम के नाकु ला में हुई थी झड़प

बता दें कि चीन ने अभी तक उत्तरी सिक्किम सीमा पर अपने जवानों की हरकतों पर कुछ भी नहीं कहा है। यह घटना शनिवार को 5,000 मीटर की ऊंचाई पर उत्तरी सिक्किम के नाकु ला में हुई थी। भारतीय सेना ने रविवार को उस घटना की पुष्टि की थी, जिसमें झड़प की वजह से दोनों देशों के जवान मामूली रूप से जख्मी हुए थे। बाद में दोनों देशों की सेनाओं के बीच हुई बातचीत के बाद जवान एक-दूसरे से दूर हट गए थे। इस घटना ने सिक्किम सीमा पर हुई डोकलाम की याद दिला दी थी। 2017 में वहां 73 दिनों तक दोनों देशों के जवान आमने-सामने थे, फिर बाद में द्विपक्षीय बातचीत के महीनों बाद यह मामला शांत पड़ा था और वहां एक तरह से चीन को मुंह की खानी पड़ी थी। (तस्वीरें प्रतीकात्मक)

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English summary
China has changed its tone after showing tact on the Sikkim border
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