'भारत के प्रति चीन का दृष्टिकोण यूक्रेन के लिए रूस जैसा', कमल हासन के साथ बातचीत में बोले राहुल गांधी
एक्टर ने राजनीति में कदम रखने रखने वाले मक्कल निधि मय्यय चीफ कमल हासन से कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बात की। कांग्रेस सांसद ने भारत और चीन के बीच संबंधों को लेकर कई बातें कहीं।

Rahul Gandhi with Kamal Haasan: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोमवार को मक्कल निधि मय्यम (MNM) चीफ कमल हसन बातचीत के दौरान भारत- चीन संबंधों की तुलना रूस और यूक्रेन से बिगड़े रिश्तों से की। उन्होंने दावा किया कि चीन भारत के साथ उसी सिद्धांत को अपना रहा है जैसे रूस यूक्रेन के साथ है। उन्होंने कहा कि चीन-भारत सीमा विवाद का संबंध कमजोर अर्थव्यवस्था, विजन का अभाव, घृणा, क्रोध से है। कांग्रेस सांसद ने ये भी कहा कि चीन भारत की सीमाओं को बदलने की धमकी दे रहा है।
भारत चीन संबंधों पर बात करते हुए राहुल कमल हासन से राहुल गांधी ने कहा कि बात युद्ध की नहीं है। ये वो स्थिति जिसे हम युद्ध के जरिए नहीं सुलझा सकते। चीन हमारी तरफ शायद इसलिए देख रहा है क्योंकि वो हमें एक कमजोर अर्थव्यवस्था, बिना विजन वाला भ्रमित राष्ट्र, घृणा और क्रोध वाला समझता है। राहुल गांधी ने आगे कहा कि क्योंकि वे जानते हैं कि हम आंतरिक मामलों, आंतरिक भ्रम और आंतरिक सद्भाव की कमी से निपट रहे हैं। इसलिए वे ऐसा सोचते हैं कि वे हमारी सीमा में घुसकर जो चाहे कर सकते हैं।
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राहुल गांधी ने कहा कि यूक्रेन की समस्या का भी एक बड़ा फैक्टर ऐसा ही था। मक्कल निधि मय्यम (MNM) चीफ कमल हासन से बातचीत में कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि यूक्रेन में आज हालात ऐसे इसलिए हैं क्योंकि रूस नहीं चाहता कि यूक्रेन का पश्चिम के साथ मजबूत संबंध हो। रूस ने मूल रूप से यूक्रेनियन से कहा है कि यदि आप पश्चिम के साथ मजबूत संबंध रखेंगे,तो हम आपका भूगोल बदल देंगे।
राहुल गांधी ने कहा कि 21वीं सदी में सुरक्षा एक व्यापक विषय है। इसके बारे में एक वैश्विक दृष्टिकोण रखने की जरूरत है। उन्होंने केंद्र की एनडीए नेतृत्व वाली सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि हमारी सरकार ने इसे पूरी तरह से गलत समझा है। कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि संघर्ष की परिभाषा पहले की तरह बदल गई है। सीमा ही नहीं अब हर जगह लड़ना पड़ता है। इसलिए आंतरिक सांमजस्य सबसे महत्वपूर्ण बात यह है। इससे देश में सद्भावना आएगी।












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