Chandranath Rath: कहां है चंद्रनाथ रथ का ड्राइवर बुद्धदेव बेरा? गोलियों से भूना गया, क्या है हेल्थ अपडेट?
Chandranath Rath: BJP नेता सुवेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी और पर्सनल असिस्टेंट चंद्रनाथ रथ की बुधवार रात गोली मारकर हत्या कर दी गई, जिसके बाद बंगाल में बीजेपी गुस्से से उबल रही है। बता दें कि चंद्रनाथ रथ की हत्या पश्चिम बंगाल के मध्यमग्राम क्षेत्र के दोहरिया में हुई थी, जो कि उत्तर 24 परगना जिले के अंतरगत आता है। इस हमले में चंद्रनाथ रथ के ड्राईवर भी गंभीर रूप से घायल हुआ है और इस वक्त अस्पताल में भर्ती है।
ताजा रिपोर्ट के मुताबिक चंद्रनाथ रथ के ड्राइवर का नाम बुद्धदेव बेरा है, जो कि लंबे टाइम से रथ की गाड़ी चलाया करता था, टाइम्स नाउ के मुताबिक बुद्धदेव बेरा को कई गोलियां लगी हैं और उनके कई अंग काम नहीं कर रहे हैं। उनकी दो-तीन सर्जरी हुई है और इस वक्त वो आईसीयू में हैं।

मालूम हो कि चंद्रनाथ रथ पर बुधवार रात करीब साढ़े 10 बजे हमला हुआ था, पुलिस ने मुताबिक रथ पर चार राउंड गोलियां चलाईं गई थीं, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। एक गोली उनके सिर में, दो सीने में और एक उनके पैर में लगी, तत्काल उन्हें नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
'निष्कर्षों से पता चलता है कि हमला सुनियोजित था'
इस जघन्य हत्याकांड पर पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सिद्धनाथ गुप्ता ने बयान जारी किया है। उन्होंने बताया कि 'विस्तृत जांच शुरू हो गई है और पुलिस कई महत्वपूर्ण सुरागों पर काम कर रही है। डीजीपी ने यह भी कहा कि शुरुआती निष्कर्षों से पता चलता है कि हमला सुनियोजित था।'
'यह हत्या पहले से सोची-समझी साज़िश थी'
तो वहीं सुवेंन्दु अधिकारी ने कहा कि 'इस हत्या को जिस तरह से अंजाम दिया गया, उसकी हम जितनी भी निंदा करें, वह कम है। उनकी हत्या इसलिए की गई क्योंकि वे मेरे सहयोगी थे और मैंने भवानीपुर में ममता बनर्जी को हराया था। उनकी हत्या की वजह यही हो सकती है। मैं उनके परिवार के साथ खड़ा हूं और परिवार की मांग है कि इस हत्या को अंजाम देने वालों को पकड़ा जाए और उन्हें सजा दिलाई जाए। पोस्टमॉर्टम से पता चला है कि उन्हें 4 गोलियां मारी गई थीं, यह हत्या पहले से सोची-समझी साज़िश थी।'
'हमें चंद्रनाथ का शव लगभग 2.30-3 AM के आसपास मिला'
आपको बता दें कि चंद्रनाथ का पोस्टमॉर्टम बारासात सरकारी मेडिकल कॉलेज में हुआ है, जहां के प्रो. (डॉ.) अविजित साहा , जो कि बारासात सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट हैं, ने मीडिया को जानकारी दी कि 'हमें चंद्रनाथ का शव लगभग 2.30-3 AM के आसपास मिला।
'9.30-9.45 AM पर शुरू हुई और लगभग 2.30 PM पर समाप्त'
'हमने प्रोटोकॉल के अनुसार शव को कोल्ड चैंबर में रख दिया, क्योंकि रात में पोस्टमॉर्टम करने का कोई प्रावधान नहीं है, जब तक कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट या पुलिस प्राधिकरण से कोई आदेश न आ जाए। पोस्टमॉर्टम तीन सदस्यों की एक टीम द्वारा किया गया, जिसका नेतृत्व हमारे HOD, फोरेंसिक मेडिसिन और टॉक्सिकोलॉजी विभाग ने किया, चूंकि यह एक संवेदनशील मामला है, इसलिए पुलिस प्राधिकरण, स्थानीय प्रशासन और मजिस्ट्रेट की ओर से वीडियो पोस्टमॉर्टम का अनुरोध आया था। पूरी प्रक्रिया, मजिस्ट्रेट की जांच से लेकर शव को रिश्तेदारों को सौंपने तक, लगभग 9.30-9.45 AM पर शुरू हुई और लगभग 2.30 PM पर समाप्त हुई।'














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