Suvendu Adhikari: 'बेरहमी से की गई सुनियोजित हत्या', PA रथ के मर्डर पर बोले सुवेंदु, TMC ने दिया ये जवाब
Suvendu Adhikari: पश्चिम बंगाल एक बार फिर से नफरत और हिंसा की आग में जल रहा है, बुधवार रात उत्तर 24 परगना जिले का मध्यग्राम इलाका तब दहल उठा जब BJP नेता सुवेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ की अज्ञात बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं। सुवेंदु के राईट हैंड कहे जाने वाले चंद्रनाथ इस हमले में बुरी तरह से घायल हो गए और उन्हें तुरंत डायवर्सिटी नर्सिंग होम ले जाया गया, पर रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। इस हत्या का आरोप तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) कार्यकर्ताओं पर लगा है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
चंद्रनाथ को गोली लगने की बात सुनते ही सुवेंदु भी अस्पताल पहुंचे थे, उन्होनें इसे 'बेरहमी से की गई सुनियोजित हत्या' करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि हमला योजनाबद्ध था और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। इस घटना की जानकारी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी को दे दी गई है, ये सबकुछ 15 साल के महाजंगलराज का नतीजा है, भाजपा अब राज्य में गुंडागर्दी खत्म करने का काम करेगी।'

तो वहीं टीएमसी ने भी इस बारे में ट्वीट किया है। उसने एक्स पर लिखा कि 'हम आज रात मध्यमग्राम में चंद्रनाथ रथ की नृशंस हत्या की कड़ी निंदा करते हैं। इसके साथ ही, हम पिछले तीन दिनों में चुनाव के बाद हुई हिंसा की घटनाओं में तीन अन्य TMC कार्यकर्ताओं की हत्या की भी निंदा करते हैं।'
'BJP-समर्थित उपद्रवियों ने की हिंसा'
'आरोप है कि ये हिंसक वारदातें BJP-समर्थित उपद्रवियों द्वारा की गई हैं, जबकि इस दौरान 'आचार संहिता' (Model Code of Conduct) लागू थी। हम इस मामले में कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग करते हैं, जिसमें अदालत की निगरानी में CBI जांच भी शामिल है, ताकि दोषियों की पहचान हो सके और उन्हें बिना किसी देरी के न्याय के कटघरे में लाया जा सके। लोकतंत्र में हिंसा और राजनीतिक हत्याओं के लिए कोई जगह नहीं है, और दोषियों को जल्द से जल्द जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।'
बीजेपी-TMC ने लगाए एक-दूसरे पर आरोप
आपको बता दें कि पुलिस मामले की जांच कर रही है, इस घटना में चंद्रनाथ रथ के साथ कार के अंदर मौजूद एक और व्यक्ति भी घायल हुआ है, जिसे अस्पताल ले जाया गया है। मालूम हो कि ये हत्या BJP की पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में शानदार जीत के ठीक दो दिन बाद हुई है, जिसमें पार्टी ने 207 सीटें हासिल कीं। वहीं, TMC विधानसभा में कुल 80 सीटों तक सिमट गई।
अज्ञात मोटरसाइकिल सवार ने बरसाईं रथ पर गोलियां
नंदीग्राम और भवानीपुर, दोनों जगहों पर अधिकारी के चुनाव प्रबंधन में चंद्रनाथ रथ ने अहम भूमिका निभाई थी। अधिकारी ने ये दोनों सीटें जीती थीं। BJP नेता कौस्तव बागची ने मीडिया को बताया, "हमें मिली जानकारी के मुताबिक, कुछ अज्ञात मोटरसाइकिल सवार गुंडे उनकी कार का पीछा कर रहे थे। मध्यमग्राम के पास दोहरिया में उनकी गाड़ी को रोका गया और जब रथ गाड़ी के अंदर ही थे, तभी उन बदमाशों ने अंधाधुंध गोलियां चलाईं।"
ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी ने रची हत्या की साजिश!
BJP नेता नवीन मिश्रा ने कहा कि 'हमें इसका अंदेशा था, चुनाव नतीजे घोषित होने के बाद से ही मैंने कई बार कहा है कि हमें शक था कि अलग-अलग जगहों पर तोड़-फोड़ और गड़बड़ी की घटनाएं हो सकती हैं, मैं पूरे यकीन के साथ कह सकता हूँ कि यह कथित हत्या, ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी द्वारा रची गई एक बहुत बड़ी साज़िश का हिस्सा है। वे इस बारे में काफी आत्मविश्वास से बात कर रहे थे, ऐसा लगता है कि इसमें राजीव कुमार भी शामिल हैं और यह एक बहुत बड़ी साज़िश है। मैं DGP और ADG (कानून-व्यवस्था) से गुज़ारिश करता हूं कि वे इस पर ध्यान दें. बंगाल की जनता ने BJP सरकार को जो जनादेश दिया है, वह खास तौर पर इस 'जंगल राज' को खत्म करने के लिए है जिस इलाके में यह हत्या हुई है, वह ठीक बांग्लादेश की सीमा से सटा हुआ है। यह एक बहुत बड़ी साज़िश है और इसमें कुछ बहुत ही जाने-माने लोगों की मिलीभगत शामिल है,ममता बनर्जी मानसिक रूप से अस्थिर हो गई हैं और अब वे किसी के साथ भी कुछ भी कर सकती हैं। वे यकीनन बदला ले सकती हैं, कुछ भी मुमकिन है और यह हत्या पूरी तरह से एक सोची-समझी साज़िश का नतीजा थी। जैसे ही जांच आगे बढ़ेगी, आप देखेंगे कि यह कितनी बड़ी साज़िश है।'
'सभी CCTV फुटेज तुरंत सुरक्षित किए जाने चाहिए'
' चंद्रनाथ रथ कोई पेशेवर राजनेता नहीं था, उसने कभी कोई सार्वजनिक भाषण नहीं दिया था और न ही कोई आधिकारिक राजनीतिक पद संभाला था,वह कोई गैर-सरकारी या गैर-राजनीतिक व्यक्ति नहीं था, वह एक आधिकारिक पदाधिकारी था,इस मामले की पूरी जांच करने के लिए तुरंत एक अधिकार प्राप्त समिति का गठन किया जाना चाहिए। इलाके से उपलब्ध सभी CCTV फुटेज तुरंत सुरक्षित किए जाने चाहिए, क्योंकि आगे और भी अप्रिय घटनाएं होने का गंभीर खतरा है, ममता बनर्जी को तुरंत बर्खास्त किया जाना चाहिए और ममता बनर्जी तथा अभिषेक बनर्जी दोनों को बिना किसी देरी के गिरफ्तार किया जाना चाहिए। जब तक उन्हें हिरासत में नहीं लिया जाता, वे अगले दो दिनों के भीतर, पूरे बंगाल राज्य में राजनीतिक मकसद से की जाने वाली हत्याओं की एक लहर पैदा कर सकते हैं।'














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