IAS Padma Jaiswal: 23 साल की नौकरी खत्म! कौन हैं पद्मा जायसवाल? केंद्र सरकार ने क्यों किया बर्खास्त?
IAS Padma Jaiswal: सोशल मीडिया से लेकर न्यूज रूम तक एक नाम चर्चा का विषय बना हुआ है और वो है AGMUT (अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिज़ोरम और केंद्र शासित प्रदेश) कैडर की 2003 बैच की IAS अधिकारी पद्मा जायसवाल का, जिन्हें कि भ्रष्टाचार के आरोप के चलते सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। वो इस वक्त दिल्ली सरकार के प्रशासनिक सुधार विभाग में विशेष सचिव के पद पर कार्यरत थीं।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद उनके खिलाफ आदेश जारी किया गया है। उन्हें लगभग 15 साल पुराने भ्रष्टाचार के एक मामले के चलते पद से हटाया गया है। हालांकि पद्मा जायसवाल ने इस बर्खास्तगी आदेश की जानकारी होने से इनकार किया लेकिन सच यही है कि उनकी 23 साल की नौकरी अब खत्म हो गई है।

क्या है मामला? क्यों हुईं पद्मा जायसवाल बर्खास्त?
यह मामला 2007-08 का है, जब पद्मा जायसवाल अरुणाचल प्रदेश के पश्चिम कामेंग जिले में उपायुक्त थीं। उन पर घूसखोरी, धन का दुरुपयोग और पद के गलत इस्तेमाल के आरोप लगे थे। फरवरी 2008 में स्थानीय निवासियों ने शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद अप्रैल 2008 में उन्हें निलंबित किया गया। हालांकि 2010 में निलंबन वापस ले लिया गया, जांच प्रक्रिया चलती रही और अब यह अंतिम कार्रवाई हुई है।
कौन हैं पद्मा जायसवाल?
पद्मा जायसवाल बिहार कैडर की IAS अधिकारी थीं। उन्होंने AGMUT (अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेश) कैडर की अधिकारी थीं अपने करियर के दौरान वे अलग-अलग जिलों और विभागों में तैनात रहीं। शुरुआत में उन्हें एक सक्षम और सख्त अधिकारी माना जाता था, लेकिन बाद में उन पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों ने उनकी छवि को गहरा झटका दिया।

पंजाब विश्वविद्यालय के बिजनेस स्कूल से एमबीए की डिग्री प्राप्त की
उनकी लिंक्डइन प्रोफाइल के मुताबिक 6 अक्टूबर, 1975 को जन्मी पद्मा जायसवाल ने सेंट जेवियर्स स्कूल से अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी की। उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय के बिजनेस स्कूल से एमबीए की डिग्री प्राप्त की है, साथ ही वह इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया (ICSI) से प्रमाणित कंपनी सेक्रेटरी भी रही हैं। उन्होंने यूजीसी रिसर्च फेलो के रूप में भी कार्य किया है।। अपने प्रशासनिक करियर में, उन्होंने सचिव, निदेशक, उपायुक्त, संयुक्त सचिव और रजिस्ट्रार सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दी हैं। वह अंग्रेजी, हिंदी और पंजाबी भाषाओं में पारंगत हैं।

पद्मा जायसवाल की बर्खास्तगी ने सबको चौंकाया
करीब 23 साल तक प्रशासनिक सेवा में रहने के बाद पद्मा जायसवाल को सेवा से बर्खास्त किए जाने की खबर ने नौकरशाही जगत में हलचल मचा दी। आमतौर पर वरिष्ठ IAS अधिकारियों के खिलाफ इतनी कठोर कार्रवाई कम ही देखने को मिलती है। यही कारण था कि यह मामला पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया।














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