Chandni Chowk Lok Sabha Chunav: देश की सबसे छोटी लोकसभा सीट पर इस बार कौन मारेगा बाजी?
Chandni Chowk Lok Sabha Election: चांदनी चौक लोकसभा सीट क्षेत्रफल के हिसाब से देश की सबसे छोटी संसदीय सीट है। बीजेपी ने इस बार यहां से दो बार के सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन को टिकट नहीं दिया है। उनकी जगह प्रवीण खंडेलवाल को मौका मिला है।
कांग्रेस ने उनके मुकाबले 10वीं बार चुनाव लड़ रहे अपने दिग्गज 79 वर्षीय जेपी अग्रवाल को उतारा है। अग्रवाल 1984, 1989 और 1996 में चांदनी चौक का प्रतिनिधित्व भी कर चुके हैं।

चांदनी चौक में बीजेपी ने प्रवीण खंडेलवाल पर लगाया है दांव
64 वर्षीय खंडेलवाल के समर्थकों के नारों और उत्साह को देखने से लगता है कि उनका चुनावी लक्ष्य साफ है, 'मोदी और हिंदुत्व'। खंडेलवाल बिजनेसमैन हैं और कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के संस्थापक है भाजपा से बहुत ही गहराई से जुड़े हैं।
उनका यह पहला ही चुनाव है। अपने चुनावी भाषणों में वे कहते हैं, 'हम बीजेपी वाले एक समुदाय या धर्म के लिए कल्याणकारी योजना नहीं लागू करते। इनहेरिटेंस टैक्स की बात किसने शुरू की और तुष्टिकरण की राजनीति किसने की? ये कांग्रेस थी। बीजेपी नहीं।'
भाजपा ज्यादा वोटिंग की कर रही है अपील
वहीं स्थानीय पार्टी नेता कहते हैं, 'आपको बाहर आकर वोट करना होगा। दिक्कत ये है कि हम यह सोचकर वोट नहीं देते कि हम तो पहले ही 400 पार हैं। हम नहीं देखना चाहते कि दूसरे इलाकों में बहुत ज्यादा वोटिंग हो रही है।' यह एक तरह से मुस्लिम-बहुल इलाकों की ओर इशारा है।
चांदनी चौक में व्यापारी तबके का वोट निर्णायक
चांदनी चौक सीट पर व्यापारी तबका का दबदबा है। मॉडल टाउन, आदर्श नगर और शालीमार बाग में यह निर्णायक भूमिका में हैं। शायद यही वजह है कि 1980 से यहां से व्यापारी वर्ग का ही कोई नेता चुनाव जीतता है। व्यापारी समुदाय पर भाजपा प्रत्याशी की स्पष्ट रूप से मजबूत पकड़ दिखती है। वह कांग्रेस प्रत्याशी को 'बाहरी' बताते हैं।
10वीं बार चुनाव लड़ रहे हैं कांग्रेस के जेपी अग्रवाल
वहीं जेपी अग्रवाल को आम आदमी पार्टी के समर्थन के दम पर यकीन है कि 28 साल बाद चांदनी चौक से उन्हें फिर से मौका जरूर मिलेगा। अग्रवाल इलाके के कारोबारियों से कहते हैं, 'आप जानते हैं कि हमारा कांग्रेस कार्यालय चांदनी चौक में मेरे घर से चलता है। इस दौरान मैंने उत्तर पूर्वी दिल्ली से चुनाव जरूर लड़ा है, लेकिन मेरा दिल हमेशा यहीं रहता है।'
कांग्रेस के लिए जोर लगा रही है 'आप'
कांग्रेस के लिए इस सीट पर सत्ताधारी आम आदमी पार्टी पूरा जोर लगा रही है। पार्टी विधायक बंदना कुमारी कहती हैं, 'हमारा नजरिया साफ है- हम अपने देश के लिए कांग्रेस पार्टी के साथ मिलकर काम करेंगे। कार्यकर्ताओं में कोई कंफ्यूजन नहीं है।'
कांग्रेस उम्मीदवार का दावा है कि 'यहां बीजेपी के खिलाफ भयानक एंटी-इंकंबेंसी है। इसने व्यापारियों के लिए क्या किया है- जीएसटी ले आई? यह कितनी खराब तरीके से डिजाइन की गई है कि उन्हें 1,300 संशोधन लाने पड़े।'
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चांदनी चौक समेत राजधानी दिल्ली की सभी सातों सीटों पर 25 मई को मतदान है। भाजपा पिछले दोनों लोकसभा चुनावों से यहां सभी सातों सीटें जीत रही है। अबकी बार कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने गठबंधन करके उसे नए सिरे से चुनौती दी है। कांग्रेस चांदनी चौक समेत तीन सीटों पर मैदान में है और बाकी चार पर उसकी नई सहयोगी आम आदमी पार्टी लड़ रही है।












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