China Defense Ministers: 2 पूर्व रक्षा मंत्रियों को मौत की सजा! चीन ने क्यों सुनाया इतना खौफनाक फैसला
China Defense Ministers: चीन से एक बड़ी खबर सामने आई है जहां एक सैन्य अदालत ने देश के दो पूर्व रक्षा मंत्रियों, ली शांगफू और वेई फेंगहे को भ्रष्टाचार के गंभीर मामलों में मौत की सजा सुनाई है। इन दोनों शीर्ष अधिकारियों पर रिश्वत लेने और सरकारी धन के दुरुपयोग के संगीन आरोप थे।
कोर्ट के इस फैसले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचा दी है क्योंकि यह चीन के सैन्य इतिहास में बड़े पदों पर बैठे अधिकारियों के खिलाफ अब तक की सबसे कठोर कार्रवाइयों में से एक है। फिलहाल, सजा को दो साल के लिए निलंबित रखा गया है।

Chinese Military Court: क्यों सुनाई गई इतनी सख्त सजा?
इन दोनों पूर्व मंत्रियों पर भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के गंभीर आरोप लगे हैं। जांच में पाया गया कि इन्होंने अपने पद का गलत इस्तेमाल करते हुए भारी मात्रा में धन और उपहार लिए। ली शांगफू पर तो रिश्वत लेने के साथ-साथ रिश्वत देने का भी आरोप है। चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) में हथियारों की खरीद और मिसाइल विभाग में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं पाई गई थीं, जिसके तार सीधे इन दोनों नेताओं से जुड़े हुए थे। इसी आर्थिक भ्रष्टाचार की वजह से उन्हें मौत की सजा मिली।
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सैन्य अदालत ने फैसले में क्या कहा?
चीनी सैन्य अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि इन अधिकारियों का कृत्य राष्ट्रीय सुरक्षा और सेना की छवि के लिए बेहद हानिकारक था। हालांकि, कोर्ट ने 'दो साल की मोहलत' (Suspended Death Sentence) का प्रावधान भी रखा है। अदालत के अनुसार, अगर अगले दो वर्षों तक ये कोई अन्य अपराध नहीं करते और जेल में उनका व्यवहार सुधरा रहता है, तो उनकी मौत की सजा को आजीवन कारावास में बदला जा सकता है। यह चीन की कानूनी प्रक्रिया का एक हिस्सा है, जहां सुधार की गुंजाइश दी जाती है।
कौन हैं ली शांगफू और वेई फेंगहे?
वेई फेंगहे ने साल 2018 से 2023 तक रक्षा मंत्री के रूप में काम किया था, जबकि ली शांगफू उनके उत्तराधिकारी बने थे। ली शांगफू का करियर काफी चर्चा में रहा क्योंकि वे रक्षा मंत्री बनने के कुछ ही महीनों बाद अचानक सार्वजनिक जीवन से गायब हो गए थे। ली को मिसाइल तकनीक और सैन्य उपकरणों की खरीद का विशेषज्ञ माना जाता था और रूस से हथियार खरीदने के कारण अमेरिका ने उन पर प्रतिबंध भी लगाए थे। ये दोनों ही नेता कभी सत्ता के बेहद करीब माने जाते थे।
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क्या चीन में ऐसा पहले भी होता आया है?
चीन में भ्रष्टाचार के खिलाफ इस तरह की सख्त सजाएं कोई नई बात नहीं हैं। राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने साल 2012 में सत्ता संभालने के बाद 'टाइगर्स और फ्लाइज' अभियान शुरू किया था। इसके तहत अब तक लाखों अधिकारियों को सजा दी जा चुकी है। चीन में अक्सर बड़े राजनीतिक चेहरों को भ्रष्टाचार के बहाने रास्ते से हटाने या सेना पर नियंत्रण मजबूत करने के लिए भी ऐसी कार्रवाइयों का इस्तेमाल होता रहा है। यह अभियान राजनीतिक निष्ठा सुनिश्चित करने का एक जरिया भी माना जाता है।












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