Kolkata Doctor Murder Case: सीबीआई ने जांच में लाई तेजी, आरजी कर कॉलेज के 4 डॉक्टरों को भेजा समन
Kolkata News: कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पीड़िता के माता-पिता की मांग के बाद आरजी कर मेडिकल कॉलेज में बलात्कार और हत्या मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी है। सीबीआई ने मंगलवार को जांच का जिम्मा संभाला और तब से अब तक 15 से ज़्यादा लोगों से पूछताछ की है, जिसमें पीड़िता के परिवार से मुलाक़ात भी शामिल है। शुक्रवार को चार साथी डॉक्टरों को पूछताछ के लिए बुलाया गया, जिन्होंने मृतक की मौत से कुछ घंटे पहले उसके साथ खाना खाया था।
ज्ञात हो कि 9 अगस्त को सेमिनार हॉल में ट्रेनी डॉक्टर का खून से लथपथ शव मिला था। सूत्रों से पता चला है कि तत्कालीन प्रिंसिपल डॉ. संजीव घोष से भी पूछताछ हो सकती है। इस क्रूर घटना के पीछे की सच्चाई को उजागर करने के लिए सीबीआई मिशन मोड में अपनी जांच कर रही है।

जानकारी के मुताबिक, आरजी कर अस्पताल में हुई घटना के संबंध में सीबीआई ने चार डॉक्टरों और अस्पताल के कर्मचारियों को पूछताछ के लिए बुलाया है। जांच में मदद के लिए पुलिस के फोरेंसिक विशेषज्ञ भी अस्पताल पहुंचे हैं। केंद्रीय एजेंसी इस मामले को सुलझाने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है।
पिछले हफ़्ते बलात्कार और हत्या के विरोध में एक प्रदर्शन के दौरान अराजकता की स्थिति तब पैदा हो गई जब प्रदर्शनकारियों ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज की नई प्रिंसिपल सुहृता पाल पर तत्काल कार्रवाई करने का दबाव डाला। उन्होंने भावुक होकर जवाब देते हुए कहा, "अगर आप मुझ पर एक घंटे के लिए भरोसा नहीं कर सकते, तो मुझे घर भी भेज दें। मुझे कुछ आधिकारिक काम के लिए एक घंटे की ज़रूरत है। आपको मुझ पर भरोसा करना होगा।"
विरोध प्रदर्शन और हिंसा
बुधवार रात को विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया, क्योंकि कुछ लोगों ने अस्पताल की संपत्ति में तोड़फोड़ की और वाहनों पर हमला किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागने पड़े। कोलकाता पुलिस ने बताया कि इन झड़पों के दौरान 15 अधिकारी घायल हुए हैं।
अगली सुबह पुलिस ने अस्पताल परिसर में तोड़फोड़ करने वाले संदिग्धों की तस्वीरें जारी कीं। पहचान के लिए चेहरों को घेरे हुए इन तस्वीरों को सोशल मीडिया पर शेयर किया गया। इसके बाद, कुछ ही घंटों में नौ लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। आरजी कर मेडिकल कॉलेज के बाहर प्रदर्शन कर रहे डॉक्टर अनुभव मंडल ने दावा किया कि कोलकाता पुलिस ने जो तस्वीरें प्रसारित की हैं, उनमें वह भी शामिल हैं। उन्होंने कहा, "हमारा विरोध जारी रहेगा और बड़ा होता जाएगा। जो लोग सोचते हैं कि वे हमें डराकर चुप करा सकते हैं, वे सफल नहीं होंगे।" गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान अभी तक उजागर नहीं की गई है।
सोशल मीडिया पर यह अफवाह फैलाई जा रही थी कि जिस सेमिनार हॉल में प्रशिक्षु डॉक्टर की हत्या की गई थी, वहां भी तोड़फोड़ की गई थी, लेकिन कोलकाता पुलिस ने इन दावों का खंडन किया और झूठी सूचना फैलाने के खिलाफ चेतावनी दी थी ।
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