मंगलुरू: पुलिस फायरिंग में मारे गए दो लोगों के शव परिवार को सौंपे गए
नई दिल्ली। कर्नाटक के मंगलुरू में नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान पुलिस फायरिंग में मारे गए दोनों लोगों के शव परिवार को सौंप दिए गए हैं। मंगलुरू में गुरुवार को प्रदर्शन के हिंसक होने के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाई थी। पुलिस की गोलियों से 49 साल के जलील कुदरोली और 23 साल के नौशीन की मौत हो गई थी। जिनके शव आज परिवार को सौंपे गए हैं।

नागरिकता कानून के खिलाफ निकाले जा रहे जुलूस के दौरान गुरुवार को कर्नाटक के मंगलुरू में हिंसा हुई थी। मंगलुरू पुलिस ने बंडारू पुलिस स्टेशन के पास प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाईं थीं। पुलिस की गोली से 6 लोग घायल हुए, घायलों में से दो की अस्पताल में मौत हो गई थी। पुलिस की ओर से कहा गया है कि प्रदर्शनकारियों की ओर से पत्थरबाजी होने के बाद हालात बिगड़े, जिसके बाद पुलिस ने भी सख्ती दिखाई। मंगलुरू के पांच पुलिस थानों में कर्फ्यू भी लगाया गया है। गुरुवार को
विवादित नागरिकता कानून के खिलाफ देशभर में लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। दिल्ली, मुंबई, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, बिहार और दूसरी जगहों पर लोगों ने कानून के खिलाफ जुलूस निकाले हैं। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने विवादित कानून को वापस लेने की मांग की है। इस दौरान कई जगहों पर हिंसा हुई है और पुलिस ने सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिया है। लखनऊ, संभल, मंगलरू और कई दूसरे हिस्सों में हिंसा और आगजनी भी हुई है।
बता दें कि नागरिकता संशोधन एक्ट, 2019 को हाल ही में सदन से मंजूरी मिली है। इस कानून में पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए हिंदू, जैन, सिख, बौद्ध, पारसी और ईसाई समुदाय के शरणार्थियों को नागरिकता का प्रस्ताव है। कांग्रेस समेत ज्यादातर विपक्षी दल और कई सामाजिक संगठन इस बिल का विरोध कर रहे हैं। देशभर की बड़ी यूनिवर्सिटियों के छात्र भी इसके खिलाफ सड़कों पर हैं। विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि धर्म के आधार पर कानून बनाना भारत के संविधान पर हमला है।












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