BJP President के नाम पर लग गई मुहर लेकिन फिर भी क्यों नहीं हो रहा ऐलान? जानें कहां अटका है मामला
BJP President News: बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के ऐलान का इंतजार बढ़ता ही जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, संघ और पीएम मोदी दोनों ही मनोहर लाल खट्टर के नाम पर सहमत हैं और उनका चुनाव लगभग हो चुका है। हालांकि, इसके बाद भी ऐलान नहीं हुआ है और इसके पीछे कई तकनीकी वजहें हैं।
बीजेपी के संविधान के मुताबिक, जब तक 50% राज्यों में संगठन का चुनाव संपन्न नहीं हो जाता है तब तक राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव नहीं हो सकता है। अभी कर्नाटक, त्रिपुरा, गुजरात और यूपी में नए अध्यक्ष का चुनाव होना है। जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे की वजह से पार्टी का पूरा फोकस फिलहाल उपराषट्रपति चुनाव पर है।

UP BJP President के लिए चल रहा चर्चा का दौर
बीजेपी के लिए इन चार राज्यों में से उत्तर प्रदेश सबसे अहम है और मामला वहीं फंसा हुआ है। बीजेपी और संघ से जुड़े सूत्रों का कहना है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले अध्यक्ष के चयन में बहुत से पहलुओं पर विचार किया जा रहा है। पार्टी हिंदी पट्टी के सबसे बड़े प्रदेश में संगठन मजबूत करने के साथ ही बूथ मैनेजमेंट और समाज के हर वर्ग तक पहुंच बनाने के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए एक समावेशी चेहरे की तलाश कर रही है।
BJP President के चुनाव में इन कारणों से हो रही देरी
⦁ बीजेपी के संविधान के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव तब तक नहीं हो सकता, जब तक कम से कम 50% राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में संगठनात्मक चुनाव पूरे न हो जाएं। फिलहाल चार राज्यों में चुनाव नहीं हुए हैं और इसलिए मामला अटका हुआ है।
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⦁ यूपी प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी भूपेंद्र सिंह चौधरी संभाल रहे हैं और उनका कार्यकाल खत्म हो चुका है। अब पार्टी और संघ दोनों की ही सहमति है कि नया चेहरा वही होगा, जो सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ बेहतर तालमेल के साथ काम कर सके और कार्यकर्ताओं को एकजुट करने में माहिर हो। इसके अलावा, संवाद करने की क्षमता भी जरूरी है। इन कसौटियों को परखते हुए कई नामों पर चर्चा हो रही है, लेकिन अब तक किसी एक नाम पर सहमति नहीं बनी है।
⦁ गुजरात में आम आदमी पार्टी एक तीसरे मोर्चे पर उभर रही है और इस चुनौती को बीजेपी हल्के में नहीं ले सकती है। इसे ध्यान में रखकर पार्टी नए अध्यक्ष का चुनाव करने में समय ले रही है। संघ और बीजेपी दोनों के लिए गुजरात में पार्टी की सत्ता बरकरार रखना चुनौती है, क्योंकि यह पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह का होम स्टेट भी है।
⦁ कर्नाटक में अभी कांग्रेस की सरकार है, लेकिन बीजेपी के लिए दक्षिण भारत में अपनी पकड़ मजबूत करने के उद्देश्य से यहां सत्ता में वापसी करना जरूरी है। पार्टी को यहां भी नया प्रदेश अध्यक्ष बनाना है जिसके लिए मंथन का दौर जारी है। इसके अलावा, पूर्वोत्तर के राज्य त्रिपुरा में भी नए प्रदेश अध्यक्ष के लिए कई नामों पर चर्चा चल रही है।
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जगदीप धनखड़ के इस्तीफे ने बढ़ाई टेंशन
पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने भले ही स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर इस्तीफा दिया हो, लेकिन विपक्षी दलों का दावा है कि उन्होंने जेपी नड्डा से मतभेदों और अतिरिक्त दबाव की वजह से पद से त्यागपत्र दिया है। संघ और बीजेपी आने वाले बिहार और फिर अगले साल बंगाल, तमिलनाडु के चुनावों को देखते हुए किसी भी तरह के अंदरुनी मतभेदों और विवादों से दूर रहना चाहती है। फिलहाल पार्टी उपराष्ट्रपति के चुनाव में पूरा ध्यान लगा रही है, जिसकी वजह से संगठन के दूसरे काम थोड़े समय के लिए स्थगित हो गए हैं।
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