UP में अगला बीजेपी अध्यक्ष कौन? BJP हाईकमान के सामने रखे गए ये 6 नाम, जल्द होगा फैसला
UP BJP President 2025: उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की प्रदेश इकाई को नया अध्यक्ष (BJP President) जल्द ही मिलने वाला है। पार्टी ने छह संभावित नामों की सूची राष्ट्रीय नेतृत्व को भेजी है, जिसमें दो ब्राह्मण, दो पिछड़ा वर्ग और दो दलित वर्ग से आने वाले नेता शामिल हैं। सभी छह नाम पुरुष नेताओं के हैं। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने यह जानकारी दी।
यूपी देश का सबसे अधिक जनसंख्या वाला राज्य है और 2027 की शुरुआत में यहां विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में राज्य अध्यक्ष का चयन बीजेपी के लिए एक अहम निर्णय माना जा रहा है। पार्टी का लक्ष्य लोकसभा चुनाव 2024 में मिली हार की भरपाई करना और 2027 में लगातार तीसरी बार लखनऊ की सत्ता में वापसी करना है।

भाजपा अब तक 37 में से 25 से अधिक संगठनात्मक इकाइयों के अध्यक्ष घोषित कर चुकी है और अब राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन की तैयारी भी कर रही है। ऐसे में उत्तर प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा भी कुछ ही दिनों में हो सकती है।
कौन लेगा भूपेंद्र सिंह की जगह?
नए प्रदेश अध्यक्ष मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी की जगह लेंगे, जो पश्चिमी उत्तर प्रदेश से आने वाले जाट समुदाय के प्रभावशाली नेता हैं। उनके कार्यकाल में पार्टी ने संगठन को मजबूत किया, लेकिन लोकसभा चुनावों में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सकी।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिन छह नामों को राष्ट्रीय नेतृत्व के पास भेजा गया है, उनमें शामिल हैं:
ब्राह्मण समुदाय से:
दिनेश शर्मा: पूर्व उपमुख्यमंत्री और शिक्षाविद्। साफ-सुथरी छवि और संगठन में गहरी पकड़ के लिए जाने जाते हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और शीर्ष नेतृत्व में उनकी अच्छी साख है।
हरीश द्विवेदी: बस्ती से पूर्व सांसद और पार्टी के राष्ट्रीय सचिव रह चुके हैं। युवा और ऊर्जावान चेहरा होने के साथ संसदीय अनुभव भी रखते हैं।
पिछड़ा वर्ग (OBC) से:
धर्मपाल सिंह: यूपी सरकार में वरिष्ठ मंत्री। लोध समुदाय से आते हैं। उनके पास वर्षों का विधायी और मंत्री पद का अनुभव है।
बीएल वर्मा: वर्तमान में केंद्र सरकार में राज्य मंत्री हैं। संघ से गहरा जुड़ाव, अनुशासनप्रियता और संगठनात्मक समझ के लिए जाने जाते हैं।
दलित वर्ग से:
राम शंकर कठेरिया: पूर्व केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के पूर्व अध्यक्ष। दलित चेतना और हिंदुत्व के आक्रामक प्रवक्ता माने जाते हैं।
विद्यासागर सोनकर: वर्तमान में विधान परिषद सदस्य (MLC)। पूर्वांचल में मजबूत पकड़ रखते हैं और पार्टी के पुराने, वफादार कार्यकर्ताओं में गिने जाते हैं।
दो हफ्तों में जारी होगा फाइनल लिस्ट
पार्टी के वरिष्ठ नेता ने हिंदुस्तना टाइम्स से बातचीत करते हुए कहा, "हमने केंद्रीय नेतृत्व को उत्तर प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष के लिए योग्य नाम सुझा दिए हैं। इन नामों पर गंभीरता से विचार हो रहा है। दो हफ्तों के भीतर या उससे पहले ही नए अध्यक्ष का नाम घोषित किया जा सकता है।"
वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने भी हाल ही में बयान दिया, "हमने हाईकमान को अपनी राय दे दी है। अब फैसला केंद्रीय नेतृत्व को लेना है और हमें उम्मीद है कि यह जल्द ही घोषित कर दिया जाएगा।"
क्यों महत्वपूर्ण है यह चयन?
उत्तर प्रदेश का भाजपा अध्यक्ष केवल संगठनात्मक पद नहीं, बल्कि आगामी राजनीतिक रणनीति का प्रमुख चेहरा होता है। पार्टी को 2027 के विधानसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करना है। 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी को यूपी में भारी नुकसान उठाना पड़ा, जहां वह 80 में से केवल 33 सीटें ही जीत सकी।
नए अध्यक्ष का चयन जातीय संतुलन, संगठनात्मक क्षमता, क्षेत्रीय प्रभाव और संघ से निकटता जैसे तमाम पहलुओं को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी अनुभव को तरजीह देती है या किसी नए, युवा और आक्रामक नेता को जिम्मेदारी सौंपती है।












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