अब पंचायतों में ही सुलझेंगी आपकी समस्याएं: बिहार सरकार का 'सहयोग शिविर' बना वरदान!
बिहार सरकार ने सात निश्चय योजना-3 के तहत राज्यभर में 'सहयोग शिविर' पहल की शुरुआत की है। इसका मुख्य उद्देश्य पंचायत स्तर पर शासन व्यवस्था को मजबूत करना और आम जनता की शिकायतों का तेजी से निपटारा करना है।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में "सबका सम्मान, जीवन आसान" के विजन के साथ इस पहल को लॉन्च किया गया है। इसका लक्ष्य जमीनी स्तर पर एक ऐसी प्रशासनिक व्यवस्था बनाना है जो सरल, सुलभ और पूरी तरह से नागरिकों की समस्याओं को सुलझाने पर केंद्रित हो।
बेगूसराय जिले में इस कार्यक्रम के पहले चरण के तहत, उद्योग विभाग के सचिव और जिला प्रभारी सचिव कुंदन कुमार ने कई पंचायतों का दौरा किया। उन्होंने नावकोठी ब्लॉक की मोहनपुर पंचायत और चेरिया बरियारपुर ब्लॉक की कुंभी पंचायत में आयोजित शिविरों का जायजा लिया।
दौरे के दौरान उन्होंने शिकायत निवारण प्रक्रिया की समीक्षा की और स्थानीय लोगों से सीधा संवाद किया। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि शिविरों में मिलने वाले सभी आवेदनों का निपटारा तय समय सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, बेगूसराय जिले की 24 ग्राम पंचायतों से अब तक कुल 2,036 ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 1,360 शिकायतों का समाधान कर दिया गया है, जबकि 669 आवेदनों पर कार्रवाई जारी है। प्रशासन ने शिविरों के माध्यम से प्राप्त ऑफलाइन शिकायतों के निपटारे की प्रक्रिया भी पूरी कर ली है।
आंकड़ों पर नजर डालें तो चेरिया बरियारपुर ब्लॉक की कुंभी पंचायत में पहले दिन 164 आवेदन मिले, जिनमें से 142 का निपटारा हुआ। इसी तरह नावकोठी ब्लॉक की महेश्वरा पंचायत में 160 में से 139 और मोहनपुर पंचायत में 154 में से 135 शिकायतों का समाधान किया गया।
बिहार सरकार ने घोषणा की है कि अब हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को सभी पंचायतों में 'सहयोग शिविर' लगाए जाएंगे। इन शिविरों के अलावा, नागरिक अपनी शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए 'सहयोग पोर्टल' के जरिए ऑनलाइन आवेदन भी कर सकते हैं।
इस पहल को पारदर्शी और जवाबदेह शासन की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे सरकारी सेवाएं अब सीधे आम लोगों की पहुंच में होंगी और अधिक प्रभावी बनेंगी।












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