कर्नाटक की कमान बसवराज बोम्मई के हाथ, पत्नी चेनम्मा ने कहा- 'अब कहूंगी उनसे... '
बेंगलुरु, 28 जुलाई। कर्नाटक में एक बार फिर से बड़ा सियासी बदलाव देखने को मिला है। अब राज्य की कमान बसवराज बोम्मई के हाथ में है। वो राज्य के 23वें मुख्यमंत्री बने हैं। बोम्मई को मंगलवार को ही बी एस येदियुरप्पा की जगह विधायक दल का नेता चुना गया था, बता दें कि येदियुरप्पा ने सोमवार को ही मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। बीएस येदियुरप्पा की ही तरह लिंगायत समुदाय से आने वाले बोम्मई के सीएम बनने से उनके समर्थकों में जबरदस्त खुशी की लहर देखी जा रही है।

'अब कहूंगी उनसे कि सबके भले के लिए करें काम'
तो वहीं बसवराज बोम्मई को मुख्यमंत्री चुने जाने पर उनकी धर्मपत्नी चेनम्मा बसवराज ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अपने पति के लिए मैं बहुत खुश हूं। मैं उनकी पत्नी होने के नाते बस उनसे यही कहूंगी कि वो वही काम करे जिससे सबका भला हो।

'आज मैं बहुत खुश हूं और ऊपरवाले का शुक्रिया अदा करती हूं'
उन्होंने कहा कि आज मैं बहुत खुश हूं और ऊपरवाले का शुक्रिया अदा करती हूं,जिनकी कृपा से ही ये दिन आया है। आज बसवराज की मेहनत रंग लाई है। मुझे लगता है कि जिस तरह से उन्होंने कोरोना महामारी के दौरान लोगों के भले के लिए काम किया है, ठीक उसी तरह ही वो आगे भी काम करते रहेंगे।

'वो एक अच्छे और सफल मु्ख्यमंत्री साबित होंगे'
उन्होंने आगे कहा कि मुझे पूरा भरोसा है कि वो एक अच्छे और सफल मु्ख्यमंत्री साबित होंगे। उन्होंने अपने पिता को एक अच्छे सीएम के रूप में देखा है। उन्हें उनका काम जरूर प्रोत्साहित करेगा। बता दें कि बसवराज बोम्मई के पिता एस आर बोम्मई 1988-1989 के दौरान राज्य के मुख्यमंत्री थे।

साल 2008 में बसवराज ने ज्वाइन की थी भाजपा
मालूम हो कि दो बच्चों के पिता और पेशे से मैकेनिकल इंजीनियर बसवराज बोम्मई पहले टाटा ग्रुप में जॉब किया करते थे। हालांकि उनकी राजनीतिक करियर की शुरुआत जनता दल से हुई थी।लेकिन साल 2008 में उन्होंने भाजपा ज्वाइन कर ली।
दो बार एमएलसी, तीन बार विधायक
बसवराज दो बार एमएलसी, तीन बार विधायक रह चुके है। साल 1998 और 2004 में कर्नाटक विधानपरिषद के सदस्य के रूप में चुने गए थे। भाजपा में शामिल होने से पहले वह राज्य सरकार में जल संसाधन मंत्री भी रह चुके हैं।












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