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Ayodhya Verdict: इंटरनेट के जरिए अफवाह फैलाने वालों से ऐसे निपटेगी यूपी पुलिस!

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बंगलुरू। अयोध्या राम जन्मभूमि विवाद का फैसला आने में अब एक पखवाड़े से भी कम समय बचा है, लेकिन फैसले से पहले इंटरनेट पर अफवाहों का सैलाब आना तय माना जा रहा है, जिससे बचाव के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस और साइबर एक्सपर्च जुट गई है। सुप्रीम कोर्ट 17 नवंबर तक अयोध्या विवाद पर अपना फैसला सुना सकती है, लेकिन साइबर दुनिया में बैठे असामजिक तत्व इससे पहले माहौल बिगाड़ने के लिए ऐसे अफवाहों को खबरों की शक्ल में पेश कर सकते हैं, जिससे देश में अफरातफरी का माहौल बन सके।

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    Ayodhya

    गौरतलब है यूपी पुलिस ऐसे किसी भी संभावनाओं से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क हैं। डीजीपी ओपी सिंह ने कहा है कि राज्य में हर हाल में कानून-व्यवस्था कायम रखने के लिए यूपी पुलिस सतर्क है। उन्होंने कहा कि किसी को भी कानून को अपने हाथ में लेने नहीं दिया जाएगा और अगर कोई ऐसा करता है तो उस पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत कार्रवाई की जाएगी।

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    यही नहीं, यूपी पुलिस सार्वजनिक स्‍थलों, दीवारों पर लगाए जाने वाले पोस्‍टरों, लिखे जाने वाले नारों पर भी निगाह रखे हुए है। इसके अलावा जमीनी स्‍तर पर दोनों समुदायों के जिम्‍मेदार लोगों की सूची भी तैयार की जा रही है। इसलिए 30 नवंबर तक पुलिसकर्मियों को छुट्टी नहीं देने का भी निर्देश दिया गया है।

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    अयोध्या राम मंदिर फैसले के मद्देनजर विवादित परिसर के पास पुलिस तड़के सुबह होने वाली गश्त भी लगा रही है। ऐसा असामाजिक तत्वों द्वारा आपत्तिजनक पोस्टर / नारे लगाने से शांति भंग करने की संभावना को रोकने के लिए किया जा रहा है। यहां तक कि एसपी और सीओ सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी सुबह के समय नियमित गश्त सुनिश्चित करने के लिए पुलिस थानों के संपर्क में रहते हैं।

    सोशल मीडिया पर अफवाह फैला कर माहौल बिगाड़ने की कोशिशों से निपटने के लिए यूपी पुलिस ने अभी कुछ दिन पहले ही एक नई पहल की थी, जिसके तहत अब साइबर स्पेस में एसपीओ यानी स्पेशल पुलिस अफसरों की तैनाती की गई है, जो सोशल मीडिया पर नजर रखने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

    हालांकि यूपी पुलिस इस काम जिम्मा ऐसे नौजवानों को दिया है, जो लैपटॉप से लेकर स्मार्टफोन पर चौबीसों घंटे सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप जैसे एप्स पर नजर रखेंगे ताकि पुलिस अफवाह फैलाने वालों पर शिकंजा कस सके। पुलिस का इरादा सोशल मीडिया पर सक्रिय डिजिटल वॉलंटियर्स के जरिए एक ऐसी व्यवस्था बनाने का जिसके रहते अफवाह फैलाने वाले शरारती तत्वों पर नजर रखी जा सके।

    अभी हाल ही में सोशल मीडिया पर अयोध्या में प्रतिबंध को लेकर एक अफवाह फैलाई जा रही थी, जिसका अयोध्या पुलिस ने खंडन किया है।अयोध्या पुलिस ने प्रतिबंध को लेकर फैलाए जा रहे अफवाहों पर कहा कि धार्मिक सौहार्द्र बिगाड़ने वालो के खिलाफ कठोर करवाई होगी।

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    अयोध्या पुलिस ने साफ कह दिया है कि सोशल मीडिया के जरिए यदि कोई भ्रामक पोस्ट करता है या धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ करवाई होगी। पुलिस के मुताबिक इंटरनेट के जरिए अफवाह फैलाने वाले लोगों के खिलाफ जरूरत पड़ने पर रासुका के तहत भी कार्रवाई की जाएगी।

    अयोध्या मामले की गंभीरता को देखते हुए डीजीपी ओपी सिंह ने बताया कि पुलिस द्वारा पूरी सतर्कता बरती जा रही है, राज्य के सभी डीएम और एसपी को निर्देश दे दिया गया है कि वे पूरी मशीनरी को चुस्त-दुरुस्त रखें। यूपी पुलिस की खुफिया टीम भी काम पर लगी है और अहम जानकारी जुटाई जा रही है। अगर कोई कानून से खिलवाड़ करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इंटरनेट पर माहौल खराब करने वालों से निपटने के लिए साइबर एक्सपर्ट की मदद ली जा रही है।

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    उल्लेखनीय है अयोध्या केस में फैसला सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ अयोध्या मामले की सुनवाई कर चुकी है और अब 5 जजों की पीठ को इसपर फैसला देना है। सामाजिक और धार्मिक नजरिए से यह केस काफी अहम रहा है। 16 अक्टूबर को अयोध्या मामले में अंतिम सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित कर लिया था। अयोध्या भूमि विवाद में मध्यस्थता की कोशिश नाकाम होने के बाद सुप्रीम कोर्ट में 6 अगस्त से रोजाना सुनवाई शुरू हुई थी। वहीं, इस मामले में आने वाले फैसले को देखते हुए अयोध्या में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

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    इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 30 सितंबर 2010 को विवादित जमीन को सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा और राम लला विराजमान के बीच बराबर-बराबर बांटने का आदेश दिया था, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट में इस फैसले के खिलाफ 14 याचिकाएं दायर की गईं थीं, अदालत ने मई 2011 में हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगाने के साथ विवादित स्थल पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया था। अब इन 14 अपीलों पर कोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई है।

    यह भी पढ़ें- अयोध्या केस: शिया धर्मगुरु कल्बे सादिक का बड़ा बयान, बोले- दिल जीतने के लिए विवादित जमीन हिंदुओं को सौंप दें मुसलमान

    English summary
    13 days to go verdict on Ayodhya Ram Temple issue and UP Police ready to tackle each law and order issue in ayodhya. UP police DGP OP singh told the media that up police ready to deal with any law and order situation. especially those spreading rumors through internet!
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